Nidahas Trophy 2018: Sri Lankan fans to support Team India in the final against Bangladesh
Rohit Sharma © AFP

श्रीलंका की आजादी के 70 साल पूरे होने के अवसर में आयोजित की जा रही निदहास ट्रॉफी 2018 के फाइनल में श्रीलंका की टीम ही जगह नहीं बना पाई है। बांग्‍लादेश और श्रीलंका के बीच दो मैच हुए। दोनों ही मैच बांग्‍लादेश की टीम जीतने में सफल रही। 16 मार्च को खेला गया नॉकआउट मुकाबला दोनों टीमों के बीच काफी कांटे भरा रहा। ये मैच केवल रोमांच के लिए ही नहीं, बल्कि मैदान और मैदान के बाहर बांग्‍लादेश की टीम के व्‍यवहार के लिए भी चर्चा में रहा।

इंग्‍लैंड के पूर्व कप्‍तान केविन पीटरसन ने क्रिकेट को कहा अलविदा
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मैच के आखिरी ओवर में कप्‍तान शाकिब अल हसन द्वारा पवेलियन से उठकर बाउंड्री लाइन पर आने और फिर बल्‍लेबाजी कर रहे खिलाड़ियों को मैच बीच में ही छोड़कर वापस आने के लिए कहने के कारण उनकी काफी आलोचना हुई। इस हरकत के लिए आईसीसी ने शकिब अल असन पर 25 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना भी लगाया। शाकिब और नुरुल हसन को एक डिमेरिट प्‍वाइंट भी दिया गया है। मैच के बाद भी बांग्‍लादेश की टीम ने जीत के बाद मस्‍ती करने के दौरान ड्रेसिंग रूम के शीशे फोड़ दिए थे।

द डेली ऑबजर्वर अखबार की खबर के मुताबिक श्रीलंका के क्रिकेट प्रेमी आज (18 मार्च) होने वाले निदहास ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारत की टीम के समर्थन में मैच देखने के लिए प्रेमदासा स्‍टेडियम में आएंगे। श्रीलंक के सबसे पुराने चीयरलीडर पर्सी एबेसेकेरा ने कहा, “मैं संडे को होने वाले मैच में भारतीय टीम का समर्थन करुंगा। भारत से हमारे अच्‍छे रिश्‍ते हैं। अक्‍सर ये दोनों देश एक दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं। अगर श्रीलंका फाइनल में होती तो हम निश्चित तौर पर अपनी टीम का समर्थन करते।”

 

उन्‍होंने आगे कहा, ” अगर बांग्‍लादेशा के खिलाड़ी अपने कप्‍तान की बात मानकर वापस पवेलियन लौट जाते तो उन्‍हें ये मैच हारा हुआ घोषित कर दिया जाता। ऐसा करना न सिर्फ बेवकूफी भरा निर्णय होता, बल्कि ये स्‍पोर्ट्समैनशिप के भी खिलाफ होता।” बता दें कि बांग्‍लादेश की टीम के व्‍यवहार से श्रीलंका के लोग काफी आहत हैं। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम का शांत रवैया श्रीलंका के लोगों को काफी पसंद आया है।