No one in Sri Lanka can be marginalized or threatened due to their ethnicity or religion, says Kumar Sangakkara
Kumar Sangakkara © Getty Images

श्रीलंका अपनी आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर भारत और बांग्‍लादेश को टी-20 ट्राई सीरीज के लिए श्रीलंका में आमंत्रित किया जा रहा है। निदास ट्रॉफी के पहले मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को पांच विकेट से हरा दिया है। आजादी के मौक पर श्रीलंका के कैंडी जिले में बौद्ध और मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा शुरू हो गई है। जिसे देखते हुए श्रीलंका में 10 दिन के लिए इमरजेंसी भी लगा दी गई है। देश में तनावपूर्ण माहौल के बावजूद राजधानी कोलंबो में सीरीज को आगे बढाया जा रहा है। इसी बीच श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर कुमार संगकारा ने सांप्रदायिक माहौल को मिटाने के लिए अपने फेसबुक पर लोगों को सौहार्द का संदेश दिया।

संगकारा ने कहा, “मेरा ये संदेश अपने श्रीलंका के भाई बहनों के लिए है। क्‍या हमने अपने अतीत से कुछ नहीं सीखा है। क्‍या हमने बुनियादी सौहार्द और प्‍यार को भी खो दिया है। हम ये नहीं समझ रहे हैं कि कैसे बिना सोचे विचारे किए गए काम हमारे भविष्‍य को खतरे में डाल रहे हैं।” कुमार संगकारा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “अपने पड़ोसियों की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी हमारी भी है। ये हमारी जिम्‍मेदारी है कि हम अपने भाईयों और बहनों की रक्षा करें। ये हमारी जिम्‍मेदारी है कि श्रीलंका में रहने वाला हर व्‍यक्ति सुरक्षित रहे और उसे सभी लोग स्‍वीकार करें। हमे बाकी लोगों के लिए अपने दिल और दिमाग को खुला रखना होगा। हमे सांप्रदायिक माहौल और तोड़फोड़ को यहीं खत्‍म करना होगा।” संगकारा ने कहा, “श्रीलंका में धर्म और जाति के आधार पर किसी को दबाया नहीं जा सकता है।”

एक समय में श्रीलंका टीम की जान समझे जाने वाले कुमार संगकारा का एक मिनट 23 सैकेंड का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्‍होंने अपने वीडियो संदेश में आगे कहा, “जब मै अपने श्रीलंका के भाई बहनों की आखों में देखता हूं तो मुझे उनमें और खुदमें कोई अंतर नजर नहीं आता है। मुझे मुस्लिम, तमिल व अन्‍य लोगों में कोई अंतर नजर नहीं आता है। मैं खुद को लोगों में देखता हूं। मुझे लोगों में वही प्‍यार नजर आता है जो मैं अपने देश और बाकी लोगों से करता हूं। ऐसे में हमे किसी को भी हमारी आंखों पर पट्टी बांधने का मौका नहीं देना होगा। हमें एक दूसरे के साथ मजबूती से खड़ा होना होगा, ताकि सांप्रदायिक तनाव को खत्‍म किया जा सके।