अश्विन-जडेजा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले तीन वनडे मैचों का हिस्सा नहीं है © Getty Images
अश्विन-जडेजा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले तीन वनडे मैचों का हिस्सा नहीं है © Getty Images

रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर किए जाने के फैसले पर कई दिग्गजों ने अपनी राय दी। कुछ को ये फैसला सही लगा तो कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसका विरोध भी किया। अब टीम इंडिया को मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अश्विन-जडेजा को सिर्फ टेस्ट खेलने के लिए कह दिया है। दरअसल रवि शास्त्री का मानना है कि टेस्ट के दो टॉप गेंदबाजों को अगले साल साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले आराम दिया जाना चाहिए। तो क्या रवि शास्त्री के बयान का ये मतलब निकाला जाए कि अब न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में भी अश्विन-जडेजा का चयन नहीं होगा।

शास्त्री ने इंडिया टुडे को दिए एक बयान में कहा, “आपके सामने बहुत सारा क्रिकेट है। आपको अगले दो साल में कुल 25 टेस्ट मैच और लगभग इतने ही वनडे और टी20 मैच खेलने हैं। अगर आप विश्व के नंबर एक और दो के गेंदबाज को देखें तो वह अश्विन और जडेजा ही हैं। अगर आप उन्हें सभी फॉर्मेट में खिलाना शुरू कर देंगे तो उनकी एनर्जी खत्म हो जाएगी। विश्व कप में अब भी दो साल बाकी है, उनके पास वापसी के लिए काफी समय है। आपको उन्हें बचाकर रखना होगा। उनका ध्यान टेस्ट क्रिकेट पर ज्यादा होना चाहिए। वह तीनों फॉर्मेट खेल सकते हैं। आप एक खिलाड़ी कि कितना इस्तेमाल करना चाहते हैं, ये फैसला टीम मैनेजमेंट को लेना होता है।” [ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच होगी 'लड़ाई'!]

शास्त्री ने विराट कोहली की कप्तानी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि वह काफी बेहतर हुआ है, बतौर खिलाड़ी आप उसके प्रदर्शन को देखें। बतौर कप्तान वह मीडिया को अच्छे से संभालता है, जिस तरह से वह उनसे बात करता है। मुझे लगता है कि अभी आगे काफी रास्ता बाकी है। वह केवल 28 साल का है, वह कम से कम आने वाले 5-6 साल तक कप्तान रहेगा। अगले तीन साल उसके लिए अहम होंगे, इस दौरान उसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।”