Sachin Tendulkar: Two-new-balls approach would make Test cricket fairer
सचिन तेंदुलकर © Getty Images

टेस्ट फॉर्मेट से शुरू हुआ क्रिकेट का खेल आज टी20 से टी10 तक पहुंच चुका है। फटाफट क्रिकेट के इस दौर में फैंस का ध्यान फिर से टेस्ट क्रिकेट की तरफ खींचने के लिए कई तरीके अपनाएं जा रहे हैं। टेस्ट मैच का समय पांच से चार दिन करना और डे-नाइट टेस्ट इसी के उदाहरण हैं। इसी बीच दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर  ने टेस्ट क्रिकेट में एक नए बदलाव की सिफारिश की है। महान बल्लेबाज तेंदुलकर का कहना है कि टेस्ट मैच में दो गेंदो का इस्तेमाल करना चाहिए (हर 80 ओवरों के बाद गेंद बदली जाय)। सचिन का मानना है कि इससे खेल में गेंदबाजों को भी बराबर का मौका मिलेगा।

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सिंगापुर में आयोजित हिंदुस्तान टाइम्स के लीडरशिप समिट के दौरान बातचीत करते हुए सचिन ने ये बात कही। उनका मानना है कि दो गेंदो के इस्तेमाल ने ना केवल टेस्ट क्रिकेट आगे बढ़ेगा, बल्कि इससे खेल और निष्पक्ष बनेगा। सचिन ने ये भी कहा कि टेस्ट मैचों के दौरान गेंद से छेड़छाड़ ज्यादा होती है क्योंकि जब नई गेंद अपनी चमक खो देती है और रिवर्स स्विंग होना (आमतौर पर 25 से 55 ओवर के बीच) शुरू हो जाती है तो गेंदबाज उसका फायदा उठाने को कोशिश करता है। अगर मैच में दो गेंद होंगी तो अंपायरों के लिए भी इस पर नियंत्रण रखना आसान हो जाएगा।

टेस्ट के अलावा सचिन ने वनडे फॉर्मेट में सुधार करने के लिए कई सुझाव दिए। तेंदुलकर ने कहा कि 50-50 ओवर के इस फॉर्मेट को चार हिस्सों में बांटा जाना चाहिए और दोनों टीमें एक-एक कर दो पारियां खेलें। इससे टॉस से मिलने वाली मदद का असर खेल पर कम होगा और दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को ओस की वजह से कम नुकसान होगा।