Saurav Ganguly says 100-ball cricket will reduce difference between good and ordinary
saurav ganguly © AFP

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और एमसीसी विश्व क्रिकेट समिति के सदस्य सौरव गांगुली 100 गेंद के क्रिकेट मैच प्रारूप के पक्ष में नहीं है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) बेहद लोकप्रिय टी-20 प्रारूप की जगह 100 गेंद के मैच की वकालत कर रहा है।

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ईसीबी ने घरेलू टी-20 सीरीज की जगह 100 गेंद की मैच का प्रस्ताव दिया है जिसमें छह गेंद की 15 ओवर के बाद आखिरी ओवर 10 गेंद का होगा। इसके सटीक विवरण को अभी तय नहीं किया गया है।आठ टीमों की यह सीरीज 2020 में शुरू होगी।

प्रो स्टार लीग ( अंडर -16 क्रिकेट टूर्नामेंट ) के निदेशक गांगुली ने कहा,‘आपको यह ध्यान रखना होगा कि ये ऐसा ना हो कि दर्शक पलक झपकाए और मैच खत्म हो जाए। जैसे-जैसे प्रारूप छोटा होता जाएगा अच्छे और साधारण का अंतर कम हो जाएगा।’ गांगुली मानते हैं कि टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता के बाद भी टेस्ट क्रिकेट सबसे चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।

उन्होंने कहा,‘इसमें आपको ध्यान, कौशल और तकनीक की जरूरत होती है। टी-20 ऐसे ही चलता रहेगा, यह व्यावसायिक और मनोरंजक होता है लेकिन असली खेल बड़े प्रारूप के खेल में होता है। यह सबसे चुनौतीपूर्ण होता है।’ गांगुली ने कहा कि असल क्रिकेट तो टेस्ट मैच ही है क्योंकि आपको एक ही ऊर्जा से दिन के आखिरी सत्र तक गेंद फेंकनी होती है।

उन्होंने कहा, ‘इसलिए टेस्ट क्रिकेट अभी तक सबसे बड़ी चुनौती है।  इसके लिए एकाग्रता की जरूरत होती है, तकनीक की जरूरत होती है। टी-20 बना रहेगा क्योंकि इसके वित्‍तीय कारण हैं और इसमें मजा भी आता है लेकिन असल मजा लंबे प्रारुप में है।’ अप्रैल में 100 गेंद क्रिकेट मैच का प्रस्ताव आया था जिसका मकसद युवा दर्शकों को आकर्षित करना है। हालांकि इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ी इस प्रारुप के खिलाफ हैं।