Shoaib Akhtar: I wanted to be fighter pilot, so i started spreading my arms thinking they are wings of Jet
Shoaib Akhtar (File Photo) © Getty Images

रॉवल पिंडी एक्‍सप्रेस के नाम से मशहूर पाकिस्‍तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्‍तर का नाम दुनिया के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में लिया जाता है। शोएब अब क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन आज भी उनकी सबसे तेज गेंदबाजी के विश्‍व रिकॉर्ड को कोई नहीं तोड़ पाया है। साल 2003 में विश्‍वकप के दौरान शोएब अख्‍तर ने 161.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की थी। 15 साल बाद भी ये रिकॉर्ड आज भी रिकॉर्ड ही है।

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ऑस्‍ट्रेलिया के ब्रेट ली, शॉन टेट, मिशेल स्‍टार्क, दक्षिण अफ्रीका के डेल स्‍टेन, श्रीलंका के लसिथ मलिंगा और न्‍यूजीलैंड के शेन बॉन्‍ड गति के काफी करीब पहुंचे, लेकिन शोएब के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए। विकेट लेने के बाद हमेशा शोएब अख्‍तर अपने हाथ फैलाकर भागते हुए नजर आते थे। शोएब ने हाल ही में एक ट्वीट कर इसके पीछे का कारण बताया।

शोएब ने कहा, “बचपन से ही मैं फाइटर पायलेट बनना चाहता था। मेरी इच्‍छा थी कि मैं जेट प्‍लेन की तरह हवा में उड़ान भरूं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसलिए मैने क्रिकेट के मैदान पर विकेट लेने के बाद हाथ फैलाकर जेट प्‍लेन की तरह उड़ना शुरू कर दिया।” शोएब ने कहा, ” इस कहानी से ये शिक्षा मिलती है कि आप अपनी बाहें फैलाएं और जीव को गले लगाएं।”

शोएब अख्‍तर ने 46 टेस्‍ट मैचों में 178 विकेट निकाले तो वनडे में वो 163 मैचों में 247 विकेट लिए। उन्‍होंने महज 15 टी-20 अंतरराष्‍ट्रीय मैच खेले जिसमें 19 विकेट निकाले।