South African skipper Faf du Plessis too tampered with the ball twice in his career, says Sanjay Manjrekar
Sanjay Manjrekar, Faf du Plessis © Getty Images

ऑस्‍ट्रेलिया के कप्‍तान स्‍टीवन स्‍मिथ द्वारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्‍ट मैच में बॉल टेंपरिंग के कबूलनामें ने पूरे क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया है। हर कोई इस घटना की आलोचना कर रहा है। ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के बॉल टेंपरिंग पर सख्‍त रुख के बाद क्रिकेट ऑस्‍ट्रेलिया के अध्‍यक्ष जेम्‍स सदरलैंड स्‍वयं दक्षिण अफ्रीका पहुंच रहे हैं, ताकि वे सभी पक्षों से बातचीत के बाद अपने खिलाड़ियों पर कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकें।

इस पूरे प्रकरण पर आईसीसी द्वारा स्मिथ पर केवल एक मैच का बैन और 100 फीसदी मैच फीस का जुर्माना और गेंदबाज बेनक्रोफ्ट पर 75 प्रतिशत जुर्माना और डिमेरिट अंक की मामूली सजा दिए जाने की खूब आलोचना हो रही है। उम्‍मीद की जा रही थी कि आईसीसी इस मामले में सख्‍त रुख अख्तियार कर क्रिकेट खेलने वाले सभी देशों को बॉल टेंपरिंग के खिलाफ एक सख्‍त संदेश देता, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।  लेकिन क्‍या आपको पता है कि आईसीसी द्वारा बॉल टेंपरिंग को लेकर ढुलमुल रवैये का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के कप्‍तान फाफ डु प्लेसिस के लिए वो बॉल टेंपरिंग के मामले में इससे भी हल्‍की सजा देकर छोड़ चुका है।

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर के मुताबिक साल 2013 और 2016 में फाफ डु प्लेसिस ने बॉल टेंपरिंग की थी, लेकिन उनपर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। उन्‍होंने अपने ट्विटर पर लिखा, ” जो भी लोग स्मिथ पर लाइफ बैन चाहते हैं वो जरा ये जान ले कि दक्षिण अफ्रीका के मौजूदा कप्‍तान फाफ डु प्लेसिस भी दो बार बॉल टेंपरिंग कर चुके हैं। पहली बार उन्‍होंने ऐसा 2013 में किया था, जिसके लिए आईसीसी ने उनपर 50 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्‍होंने साल 2016 में भी ऐसा किया। आईसीसी ने इस बार उनपर 100 फीसदी मैच फीस का जुर्माना और डिमेरिट प्‍वाइंट दिया था।”

 

संजय मंजरेकर ने कहा कि इस घटना के कुछ समय बाद ही फाफ डु प्लेसिस को दक्षिण अफ्रीका का कप्‍तान बना दिया गया था। नियमों को लेकर आईसीसी का रवैया पक्ष्‍ापातपूर्ण है। जब बात भारतीय खिलाड़ियों पर कार्रवाई की होती है तो आईसीसी सख्‍त कदम उठाता है, लेकिन महज जोर से अपील करने जैसे विवाद पर भारत के छह खिलाड़ी पर बैन लगा दिया जाता है।”