विजय गोयल © IANS
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भारतीय खेल मंत्रालय ऑनलाइन सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देने की तैयारी कर रहा है। खबरें हैं कि खेल मंत्रालय ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए ब्रिटेन के खेल मंत्रालय की मदद ले रहा है। ब्रिटेन में सट्टेबाजी का कनून जायज है और इसलिए भारतीय खेल मंत्रालय ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े ड्राफ्ट के लिए ब्रिटेन की मदद ले सकता है। हालांकि इस तरह के ड्राफ्ट को बनाने में कम से कम 2 साल का समय लग सकता है। माना जा रहा है कि खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास इस समय इंग्लैंड में हैं जो वहां पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। अगर खेल मंत्रालय इसे मंजूरी दे देता है तो क्रिकेट समेत दूसरे खेलों में भी ऑनलाइन सट्टेबाजी वैध हो जाएगी। ये भी पढ़ें: दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को दी करारी शिकस्त, 1-1 की बराबरी पर पहुंची सीरीज

खेल मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, ”ब्रिटेन में ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए प्रभावशाली कानून है। हमें पहले यहां के कानून को समझने की जरूरत होगी और उसके बाद ही हम इसे भारत में लागू कर सकते हैं।” दोहा में स्थित अंतरराष्ट्रीय खेल सुरक्षा केंद्र के मुताबिक भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार लगभग 9.6 लाख करोड़ का है। भारत में फिलहाल हॉर्स रेसिंग (घुड़दौड़) में सट्टेबाजी कानूनी तौर पर वैध है। एआईजीएफ ने भारतीय कानून आयोग को सौंपे गए अपने श्वेत पत्र में इस बात का जिक्र किया कि अगर भारत में सट्टेबाजी को वैध किया जाता है तो इससे हर साल टैक्स और राजस्व में हजारों करोड़ रुपये आ सकते हैं।

आपको बता दें कि फिलहाल भारत में सट्टेबाजी कानूनी नहीं है और खेलों में सट्टा लगाना भारत में अपराध की श्रेणी में माना जाता है। हालांकि लोढ़ा कमिटी की रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र किया गया था कि अगर भारत में सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता दे दी जाती है तो इससे खेल और भारत की अर्थव्यवस्था दोनों को काफी फायदा पहुंच सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि खेल मंत्रालय के इस कदम के बाद क्या ऑनलाइट सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता मिलेगी या फिर नहीं।