Supreme Court-appointed CoA takes away all powers from BCCI office-bearers
BCCI Headquarter © Getty Images

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त दो सदस्यीय प्रशासकों की समिति (सीओए) और बीसीसीआई के तीन प्रमुख पदाधिकारियों के बीच की जंग और गहरी हो गई है। सीओए विनोद राय की अगुवाई वाली पैनल ने कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी के तमाम कामकाजी अधिकार छीन लिये । उच्चतम न्यायालय में पिछले सप्ताह दाखिल सातवीं स्टेटस रिपोर्टमें वह पहले ही इनकी बर्खास्तगी की मांग कर चुके हैं । अब एक कदम आगे बढते हुए उन्होंने पदाधिकारियों को सर्वसम्मति से कोई भी फैसला लेने से रोक दिया।

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इसके अलावा लोढा समिति से जुड़े मसलों में कानूनी खर्चो के लिये बीसीसीआई के धन का इस्तेमाल करने से भी उन्हें रोक दिया गया है । अब वे सीओए की अनुमति के बिना विभिन्न बैठकों में भाग लेने के लिये अपनी यात्रा और प्रवास की योजना नहीं बना सकते । ऐसा समझा जाता है कि भारतीय क्रिकेटरों के केंद्रीय करार में देरी से सीओए प्रमुख विनोद राय चिढ गए हैं क्योंकि खिलाड़ियों के बीमे खत्म होने वाले थे ।

सचिव अमिताभ ने सीओए द्वारा की गई कुछ नियुक्तियों पर ऊंगली उठाकर मामले को और गर्मा दिया है । इनमें पेज थ्री के एक पूर्व पत्रकार और फिलहाल एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी से जीएम ( मार्केटिंग ) के रूप में जुड़े शख्स की एक करोड़ 65 लाख की सालाना तनख्वाह पर नियुक्ति शामिल है । बारह बिंदुओं के इस आदेश से कार्यकारी पदाधिकारियों के सभी अधिकार छिन गए हैं।

बीसीसीआई के एक पदाधिकारी ने कहा ,‘‘ सीओए प्रशासन के सभी सिद्धांतों को ताक पर रखना चाहते है । वे पदाधिकारियों के अधिकार छीनना चाहते हैं ।’’ यह बताने पर कि खिलाड़ियों के करार में विलंब और कुछ नियुक्तियों को लेकर सीओए नाराज हैं तो उन्होंने कहा ,‘‘ क्या करार बनाते समय हमने किसी को अंधेरे में रखा । आप चाहते हैं कि लोग कुछ नियुक्तियों को लेकर नियम और शर्तें पढे बिना मंजूरी दें । लोढा पैनल की रिपोर्ट में जीएम मार्केटिंग की नियुक्ति का सुझाव कहां था । क्या हमें भारतीय क्रिकेट की मार्केटिंग की जरूरत है ।’’