मोइन अली © Getty Images
मोइन अली © Getty Images

दुनिया की सबसे पुरानी और लोकप्रिय टेस्ट सीरीज एशेज पहले टेस्ट के बाद ही विवादों में आ गई। ये सब तब हुआ जब नाथन लायन की गेंद पर मोइन अली को स्टंप आउट दिया गया। अब आप सोच रहे होंगे कि भला किसी खिलाड़ी को आउट देने से कोई सीरीज विवादों में कैसे आ सकती है? तो हम आपको बता दें कि मोइन को स्टंप आउट दिए जाने के बाद दुनियाभर में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या मोइन आउट थे? क्या पहले कभी ठीक इसी तरह के हालात में बल्लेबाजों को नॉट आउट नहीं दिया गया?मोइन के विकेट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है और कई खिलाड़ी भी इसपर अपनी राय रख रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के ही पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने मोइन को आउट दिए जाने के फैसले को गलत बताया। आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर माजरा क्या है?

मोइन की स्टंपिंग ने खड़ा किया बखेड़ा: इंग्लैंड की पारी के 54वें ओवर की दूसरी गेंद पर मोइन अली बल्लेबाजी कर रहे थे और गेंदबाज थे नाथन लायन। लायन ने मोइन को ओवर की दूसरी गेंद फेंकी और गेंद मोइन को छकाती हुई विकेटकीपर टिम पेन के हाथों में चली गई। इस दौरान मोइन का पैर काफी आगे निकल चुका था लेकिन जब पेन ने गेंद को विकेटों पर मारा तब तक उनका पैर क्रीज की दो लाइनों के बीच और हल्का सा दूसरी लाइन के भी थोड़ा सा अंदर था। इस दौरान पेन ने स्टंपिंग की अपील कर दी और मैदानी अंपायर ने थर्ड अंपायर की तरफ इशारा कर दिया।

थर्ड अंपायर क्रिस गैफाने ने रीप्ले में देखना शुरू किया। क्रिस हर फ्रेम पर बारीक नजर रख रहे थे। इस दौरान रीप्ले को जूम (बड़ा करके) भी देखा गया। जूम करने पर साफ दिखाई दे रहा था कि मोइन का पिछला पैर क्रीज की अंदर वाली लाइन के हल्का सा अंदर था और पहली लाइन के तो बहुत ही अंदर था। हर कोई कह रहा था कि मोइन नॉट आउट हैं लेकिन तभी सब हैरान रह गए जब स्क्रीन पर आउट लिखा आ गया। इस फैसले को इंग्लैंड के प्रशंसक और यहां तक की कई क्रिकेटर पचा नहीं पा रहे थे। क्योंकि पहले भी कई बार इस तरह के हालात में बल्लेबाजों के पक्ष में फैसला दिया जा चुका था।

 

 

 

 

 

फैसले के खिलाफ दिखे क्लार्क: जब ये घटना घटी तो उस समय ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप दिलाने वाले कप्तान माइकल क्लार्क कमेंट्री कर रहे थे और उन्हें ये फैसला बिलकुल भी रास नहीं आया। फैसले के बाद क्लार्क ने कहा, ‘मैं फैसले से सहमत नहीं हूं और मैं इसके खिलाफ हूं। मेरा मानना है कि मोइन के पैर का कुछ हिस्सा लाइन के अंदर था और मुझे लगता है कि थोड़ी भी शंका का फायदा बल्लेबाज को दिया जाना चाहिए था। पेन को स्टंपिंग का विश्वास था और मोइन को भी विश्वास था कि वो नॉट आउट हैं।’

क्लार्क ने रीप्ले देखने के बाद कहा, ‘आप ये नहीं कह सकते कि लाइन के पीछे मैइन का पैर नहीं था। ये फैसला बल्लेबाज के पक्ष में जाना चाहिए था।’ आईसीसी ने सोशल मीडिया पर मोइन के विकेट पर लोगों से राय मांगी और पूछा है कि मोइन के विकेट पर आपका क्या मत है?

आपको बता दें कि जब मोइन को आउट दिया गया तो वो 64 गेंदों में 42 रन बनाकर खेल रहे थे और वो अच्छी लय में भी दिख रहे थे। हालांकि मोइन के आउट होते ही इंग्लैंड टीम बिखरती चली गई और पूरी टीम सिर्फ 195 रनों पर ढेर हो गई। इसके साथ ही इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 170 रनों का लक्ष्य रखा।