Uttarakhand gets BCCI nod for Ranji Trophy debut
BCCI Headquarter © Getty Images

देहरादून में बने नए अंतरराष्‍ट्रीय स्‍टेडियम में बाग्‍लादेश और अफगानिस्‍तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज आयोजित करने के बाद उत्‍तराखंड क्रिकेट के लिए सोमवार को एक और बड़ी खुशखबरी आई। 18 साल के इंतजार के बाद सोमवार को बीसीसीआई ने उत्‍तराखंड को रणजी क्रिकेट खेलने की इजाजत दे दी है। बीसीसीआई ने सोमवार को दिल्‍ली में इसकी घोषणा की। सीओए विनोद राय ने बताया आम सहमति के लिए बीसीसीआई नौ सदस्‍यीय कमेटी का गठन किया है।

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लंबे समय से उत्‍तराखंड क्रिकेट में अंदरुनी विवाद के कारण राज्‍य को बीसीसीआई से रणजी खेलने का दर्जा नहीं मिल पा रहा था। अब सभी विरोधी गुटों के बीच आम सहमति बनने के बाद बीसीसीआई ने ये निर्णय लिया है। बीसीसीआई द्वारा गठित नौ सदस्यीय कमेटी में छह राज्‍य संघाें के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा एक सदस्‍य उत्‍तराखंड राज्‍य सरकार की तरफ से कमेटी में रहेगा। दो सदस्‍य बीसीसीआई के भी इस कमेटी में शामिल किए गए हैं। प्रोफेसर रतनाकर शेट्टी बीसीसीआई की तरफ से कमेटी में रहेंगे।

बताया जा रहा है कि समिति एक साल तक के लिए काम करेगी। इस कमेटी का काम बीसीसीआई से मान्‍यता प्राप्‍त राज्‍य संघ का गठन करना होगा। रणजी ट्रॉफी खेलने वाले राज्‍यों की संख्‍या 36 से ज्‍यादा नहीं हो सकती है।बीसीसीआई के इस फैसले पर उत्‍तरखंड सरकार ने भी खुशी जताई। राज्‍य के खेल मंत्री अरविंद पांडे ने कहा, ” हमने इसके लिए प्रयास किया। इसके लिए हमने बीसीसीआई के साथ करीब नौ बैठकें की।”