VIDEO: Hardik Pandya relives his childhood memories
हार्दिक पांड्या © AFP

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या बचपन से ही अपने बालों को कलर करने के शौकीन थे। हालांकि इसके लिए उन्हें अपने कोच और मम्मी से झूठ बोलना पड़ता था। हार्दिक अपने बालों के स्टाइल को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें सीजन में वो एक अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्हें ये शौक शुरू से ही था जिसका उन्होंने अब खुलासा किया है। हार्दिक ने आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट एक वीडियो में अपने बचपन की यादों को बयान किया है।

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हार्दिक ने वीडियो में कहा, “मैं शुरू से ही अलग था। 11 साल का था तभी अपने बाल कलर करवा लिए थे। इसके लिए घर पर आकर मम्मी से मार भी खाता था और फिर जाकर कुछ और कराके आता था। बालों को लेकर कोच को उलटे सीधे बहाने बताता था। कोच जब मुझसे पूछते थे कि ये क्या है, तो मैं कहता था कि बाल कटाने गया था तो कलर मेरे ऊपर गिर गया।”

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24 साल के हार्दिक ने भारत के लिए अब तक छह टेस्ट, 38 वनडे और 30 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने कहा, “मैं बहुत ज्यादा शैतानी करता था। लोगों से हमेशा झगड़ते रहता था और कभी दोस्त नहीं बनाता था। हम दोनों भाइयों (बड़े भाई क्रुणाल पांड्या) ने हमेशा मम्मी को बहुत परेशान किया। मैंने क्रुणाल को भी बहुत परेशान किया है। मेरे वजह से क्रुणाल के कभी दोस्त नहीं बनते थे क्योंकि मैं अगर झगड़ा करता था तो उसे अपनी दोस्ती तोड़नी पड़ती थी।”

हार्दिक ने कहा, “मैं और क्रुणाल डब्ल्यूडब्ल्यूई फाइट खेलते थे और इस दौरान हमने कई सारे बेड तोड़े हैं। सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि खेलते-खेलते हम दोनों सच में झगड़ा कर लेते थे। जो एटिट्यूड लोगों में 16-17 साल में आते हैं वो हमारे अंदर 12 साल में ही आ गया था। हालांकि समय के साथ सीखा कि गुस्सा हर चीज का हल नहीं होता है। गुस्से से जीवन में नकारात्मकता आती है। मैं कोशिश करता हूं कि मेरे गुस्से से किसी को दिल न टूटे।”