विराट कोहली © AFP
विराट कोहली © AFP

क्रिकेट मैदान पर फेक फील्डिंग बहुत कम देखने को मिलती है लेकिन जब फील्डर अपनी मर्यादाओं को तोड़ते हुए ऐसे प्रयास करते हैं तो अक्सर भ्रम का शिकार होते हुए बल्लेबाज अपना विकेट गंवा बैठता है। शनिवार को भारत और श्रालंका के बीच खेले जा रहे कोलकाता टेस्ट के तीसरे दिन एक ऐसा ही वाकया देखने को मिला।

53वें ओवर की चौथी गेंद को भुवनेश्वर कुमार ने कवर्स की ओर खेलकर रन दौड़ा। जब वह दूसरा रन लेने के लिए जा रहे थे, तभी कवर में लगे फील्डर ने गेंद को पकड़ने का नाटक किया। जब उन्होंने गेंद को पकड़ने का झूठा प्रयास किया तब गेंद उनके आसपास भी नहीं थी। उनका यह प्रयास बल्लेबाज को चौंकाने के लिए था। आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक यह फेक फील्डिंग है। बहरहाल, ऑन फील्ड अंपायर निगेल लॉन्ग, जोएल विल्सन ने नियम को तोड़ने के बावजूद श्रीलंका टीम पर कोई पेनल्टी नहीं लगाई। इसको बात को लेकर ड्रेसिंग रूम में बैठे टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली खासे नाखुश नजर आए और उन्होंने कैमरे की ओर पैनल्टी के 5 रनों को लेकर इशारा किया।

संयोग से, आईसीसी ने हाल ही में नियमों में बदलाव किया है और नया कानून लाते हुए उस टीम पर पेनल्टी का नियम बनाया है जिसके खिलाड़ी फेक फील्डिंग करते हुए पाए जाते हैं। एक ऐसा ही वाकया हाल फिलहाल में ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टूर्नामेंट जेएलटी कप के दौरान देखने को मिला था। क्वींसलैंट बुल्स के खिलाड़ी मार्नस लबशेयन को फेक फील्डिंग का दोषी पाया गया था। वैसे कई लोगों ने इस बात की निंदा भी की थी और इसे क्रिकेट की आत्मा के खिलाफ माना था।

कोलकाता टेस्ट के तीसरे दिन टीम इंडिया अपनी पहली पारी में 172 रनों पर ऑलआउट हो गई। तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रही इस पिच में टीम इंडिया शुरू से ही बैकफुट पर नजर आई। पहले दो दिन तो बारिश के भेंट चढ़ गए लेकिन तीसरे दिन पहली बार मैदान पर सूर्य देवता ने दर्शन दिए। लेकिन इसके बावजूद गेंदबाजों का कहर कम नहीं हुआ और वे निश्चित अंतराल में विकेट लेते नजर आए।

पहली पारी में 172 रनों पर ऑलआउट हुई टीम इंडिया, चेतेश्वर पुजारा ने जमाया अर्धशतक
पहली पारी में 172 रनों पर ऑलआउट हुई टीम इंडिया, चेतेश्वर पुजारा ने जमाया अर्धशतक

टीम इंडिया की ओर से सबसे ज्यादा रन चेतेश्वर पुजारा ने बनाए। पुजारा ने 117 गेंदों में 52 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 10 चौके लगाए। उन्हें गमाजे ने बोल्ड किया। उनके अलावा रिद्धिमान साहा ने 29 और रविंद्र जडेजा ने 22 रन बनाए। आखिरी पलों में मोहम्मद शमी ने धमाकेदार पारी खेली और वह 22 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हुए। टीम इंडिया के 6 बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए। भारत की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी जडेजा और साहा ने सातवें विकेट के लिए 48 रनों की निभाई।

श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल खासे सफल रहे और उन्होंने 21 रन देकर 4 विकेट झटके। उनके अलावा दसुन शनाका, लाहिरु गमाजे और दिलरुवान परेरा ने 2-2 विकेट झटके।