Virat Kohli can’t be blamed for defeat in first test match, says Sourav Ganguly
Sourav Ganguly, Virat Kohli (File Photo) © AFP

बर्मिंघम टेस्‍ट में भारतीय टीम हारी तो इसके लिए बल्‍लेबाजों की खराब फॉर्म को जिम्‍मेदार ठहराया जा रहा है। भारत को इस मैच में चौथे दिन 31 रनों से हार का सामना करना पड़ा। विराट कोहली के अलावा पूरे बल्‍लेबाजी क्रम ने कुछ नहीं किया। हालांकि गेंदबाजों ने सभी को प्रभावित जरूर किया। पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली का मानना है कि इस हार के लिए विराट कोहली को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

माइकल होल्डिंग बोले- पुजारा को इस 'बल्‍लेबाज' की जगह मिले जगह
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मुरली विजय, अजिंक्‍य रहाणे को बनाने होंगे रन 

सौरव गांगुली ने कहा, “अगर विराट कोहली ने बर्मिंघम टेस्‍ट में अच्‍छा प्रदर्शन नहीं किया होता तो भारत दूसरे दिन ही मैच से बाहर हो गया होता। अगर हमें टेस्‍ट मैच जीतना है तो सभी खिलाड़ियों को रन बनाने होंगे।” गांगुली ने कहा, “अजिंक्‍य रहाणे और मुरली विजय ने इंग्‍लैंड में पहले भी रन बनाए हैं। दोनों को खेल के प्रति अपना समर्पण दिखाना ही होगा। ये पांच मैचों की सीरीज है। इस टीम में वापसी करने की काबिलियत है।

कप्‍तान नहीं है हार का जिम्‍मेदार

सोरव गांगुली ने कहा, ” इस हार के लिए हम विराट कोहली को जिम्‍मेदार नहीं ठहरा सकते हैं। अगर हम हारते हैं तो कप्‍तान को ही कटघरे में खड़ा किया जाता है। जीत का ताज भी उसके सर पर ही सजता है।” हम साल 2011 और 2014 में इंग्‍लैंड से हारे हैं। हर बार हमें हार के लिए माफी नहीं दी जा सकती है। हमें बल्‍ले से रन बनाने ही होंगे। ये बात सभी को पता है कि इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलिया की तेज विकेट पर गेंद स्विंग करती है। जब हम पहले यहां रन बना चुके हैं तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि इस बार हम रन नहीं बना पाएंगे।

कप्‍तान को कहना होगा खिलाड़ियों का माइंड सेट चेंज

कप्‍तान को अपने खिलाड़ियों को माइंड सेट चेंज करना ही होगा। विराट कोहली अपने खिलाड़ियों के साथ बैठे और उन्‍हें समझाएं कि वो कर सकते हैं। उन्‍हें अपने खिलाड़ियों को समय देना होगा। उन्‍हें बताना होगा कि वो बिना डर के मैदान में उतरें।

फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ियों की कमी

बार-बार प्‍लेइंग इलेवन में बदलाव करने से खिलाड़ियों को ये संदेश जाता है कि वो टीम मैनेजमेंट का विश्‍वास नहीं जीत पाए हैं। भारत की पूर्व की टीमों में अच्‍छी बात ये थी कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, मैं सभी फॉर्मेट में खेलते थे। 2007 में हमने यहीं इंग्‍लैंड को हराया है। मौजूदा टीम में विराट कोहली के अलावा कोई भी खिलाड़ी सभी फॉर्मेट में नहीं खेलता। घरेलू क्रिकेट में बड़ी पारी खेल लेने से आपका अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाना तय नहीं होता।