Virat Kohli says Goal of my life is to inculcate sporting culture in India
Virat Kohli ©AFP

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्‍तान विराट कोहली जितना पसंद क्रिकेट को करते हैं उतना ही प्‍यार और लगावा उनका फुटबॉल से भी है। शायद भारत को फुटबॉल के खेल में कोहली जैसा बड़ा खिलाड़ी नहीं मिला जिसके कारण भारत फुटबॉल खेलने वाले देशों की फेहरित में कहीं नजर आता है। कप्‍तान कोहली की इस मामले में कुछ अलग ही राय है। उनका मानना है कि जो टीवी पर दिखता है वही बिकता है। मतलब जबतक फुटबॉल के खिलाड़ी टीवी पर खेलते हुए नजर नहीं आएंगे तबतक उनके बारेे में लोगों  को कैसे पता चलेगा।

टाइम्‍स ऑफ इंडिया अखबार से बातचीत के दौरान कोहली ने कहा, “बात जब क्रिकेट की होती है तो दर्शक अंडर-19 विश्‍वकप के मैचों को भी खूब देखते हैं। क्रिकेट में जूनियर खिलाडि़यों के भी खूब फैन्‍स है, जिससे उन्‍हें और अच्‍छा करने का उत्‍साह मिलता है और खेल का विकास होता है। वहीं, बात जब फुटबॉल की होती है तो उनके मैचों का ही प्रसारण नहीं हो पाता। ऐसे में लोग फुटबॉल को फोलो करना कैसे शुरू करेंगे।” भारत में फुटबॉल के लिए आयोजित होने वाली आईपीएल की तर्ज पर ही इंडिया सुपर लीग में विराट कोहली एफसी गोवा टीम के सह-मालिक हैं। उन्‍होंन कहा,  “मै भारत में सभी खेलों को शिखर पर पहुंचते हुए देखना चाहता हूं। मेरे जीवन का लक्ष्‍य भारत में खेल संस्कृति लाना है, ताकि लोग सभी खेलों को बराबरी से फोलो कर सकें।”

कोहली ने कहा, “मैने हमेशा से ही फुटबॉल को फोलो किया है। हम क्रिकेटर्स अब भी फुटबॉल खेलने के लिए समय निकाल ही लेते हैं। ये ऐसा खेल है जो बेहद आसानी से बच्‍चों में जोश भर देता है। आईएसएल की तारीफ करते हुए उन्‍होंने कहा कि इस लीग ने फुटबॉल के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा की है। अब हर कोई आईएसएल की बात करता है। फुटबॉल की बेहतरी के लिए अार्इएसएल जैसी लीगों को बढ़ावा देने की जरूरत है। बड़े स्‍तर पर इस तरह की लीग शुरू होंगी तो भारतीय क्रिकेट खिलाडि़यों की तरह लोगों को फुटबॉल खिलाडि़यो के नाम भी याद रहेंगे।