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‘विराट कोहली सिर्फ शतकों का ही अंबार नहीं लगा रहे हैं बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी वह जिस रफ्तार से रन बनाते हैं उसे देखकर उनके साथ बल्लेबाजी करने वाला बल्लेबाज अपने स्ट्राइक रेट को बरकरार रखने में परेशानी महसूस करता है’, ये बात किसी और ने नहीं बल्कि दूसरे टेस्ट में कोहली के साथ ज्यादातर समय तक बल्लेबाजी करने वाले चेतेश्वर पुजारा ने कही है।

दूसरे टेस्ट में 4 भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंका के खिलाफ शतक जमाए लेकिन इस दौरान कोहली तीनों बल्लेबाजों से अलग और बेहतर दिखाई दिए। ओपनर मुरली विजय ने 221 गेंदों में 128 रनों की पारी खेली, इस दौरान उन्होंने 57.91 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। पुजारा ने 14वां टेस्ट सैकड़ा लगाया। उन्होंने 362 गेंदों में 143 रन बनाए, इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 39.50 का रहा। रोहित शर्मा ने 160 गेंदों में 102 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 63.75 का रहा। वहीं बात करें विराट कोहली की तो उन्होंने 267 गेंदों में 213 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 79.77 का रहा, जो गजब है।

विराट कोहली तेजी से रन बनाने के मामले में खासे तेज: चेतेश्वर पुजारा से जब पूछा गया कि अन्य खिलाड़ी कोहली की रफ्तार से बल्लेबाजी क्यों नहीं कर पाए? तो पुजारा ने इस बात को स्वीकार किया कि उनके कप्तान की रफ्तार से रन बनाना बहुत कठिन है। पुजारा ने अपने कप्तान की रन बनाने की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा, “देखो, कोहली एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो गेम के सभी फॉर्मेटों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, अगर यहां कोई अन्य बल्लेबाज है, मुझे नहीं लगता कि उसने इसी अंदाज में शुरुआत की होती। मुझे लगता है कि ये उनका विश्वास है जिसकी बदौलत वह इस अंदाज में पिछले दो- तीन साल से बल्लेबाजी कर रहे हैं। अगर कोई अन्य बल्लेबाज होता तो इस रफ्तार से उसके लिए बल्लेबाजी करना कठिन होता।”

पुजारा ने कहा कि यह पिच सिर्फ बैटिंग के लिहाज से ही नहीं बल्कि रन बनाने के हिसाब से भी कठिन थी। उन्होंने कहा, “कोलकाता का विकेट अलग था क्योंकि उससे तेज गेंदबाजों को खूब मदद मिल रही थी। खासतौर पर पहली पारी में। उस विकेट पर आकर, मुझे लगता है कि विकेट धीमा होने से रन बनाने कठिन थे। चौके लगाने आसान नहीं थे और हमें स्ट्राइक लगातार रोटेट करनी थी। जब भी हमें मौके मिले, हमने कुछ शॉट खेलने की कोशिश की। लेकिन कुल मिलाकर, यह कठिन पिच थी, जहां आप भले ही आउट न हों लेकिन रन बनाना कठिन था।”

अपनी फिटनेस को लेकर बोले पुजारा: पुजारा की पारी की बेहतरीन बात रही कि उन्होंने लंबे समय तक बल्लेबाजी की, इसका श्रेय उनकी बेहतर हो रही फिटनेस को जाएगा। पुजारा ने कहा, “मुझे लगता है कि पिछले ढाई साल में, मैं अपनी फिटनेस पर कठिनाई से काम कर रहा हूं और सौभाग्य से मुझे कोई चोट नहीं लगी। मैं पूरी तरह से फिट हूं और यही कारण है कि मैं तेज सिंगल और डबल्स ले पाता हूं। वहीं फिटनेस और भी बेहतर हो रही है इसलिए मैं किसी भी चोट से जल्दी उबरने लगा हूं।”

पुजारा ने आगे कहा, “बैटिंग करने के दौरान, मैंने कुछ नहीं बदला लेकिन फिटनेस को देखते हुए मैंने काफी सुधार किया है। अगर आप मैदान पर पांचों दिन रहना चाहते हो, आपको काफी स्टेमिना चाहिए होता है और आपकी फिटनेस चुस्त-दुरुस्त होनी चाहिए।”

 

दक्षिण अफ्रीका दौरे को लेकर बोले पुजारा: पुजारा ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व में किए गए दौरे (2010 और 2013), इंग्लैंड में काउंटी खेलने का अनुभव उनके लिए द. अफ्रीका दौरे के लिए मददगार साबित होगा।

पुजारा ने कहा, “पहला टेस्ट 5 जनवरी को शुरू होगा। उसके पहले तैयारी करने के लिए बहुत समय है। व्यक्तिगततौर पर, द. अफ्रीका में खेलने का पहले का अनुभव और काउंटी खेलने का अनुभव बहुत मदद करेगा क्योंकि विदेशी धरती पर खेलने से मेरी तकनीकी में खासा सुधार हुआ है। कुलमिलाकर, जिस तरह की फॉर्म में मैं हूं उसे देखते हुए मैं आत्मविश्वास से लबरेज हूं।”

विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने  बना डाला सबसे बड़ा रिकॉर्ड
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पुजारा ने कहा कि द. अफ्रीका और इंग्लैंड जैसे माहौल में खेलने का अनुभव जाहिरतौर पर टीम इंडिया के लिए इन देशों का दौरा करने के दौरान लंबे समय तक मददगार साबित होगा और बेहतर परिणाम लाने में भी मदद करेगा। पूछा गया कि द. अफ्रीका दौरे के दौरान अगर टीम इंडिया को ज्यादा प्रैक्टिस मैच मिलते तो क्या मदद मिलती? (टीम इंडिया को एक ही प्रैक्टिस मैच खेलना है)। पुजारा ने कहा, “जहां तक प्रैक्टिस गेम की बात करें, तो मैं उनमें नहीं हूं जिसे कॉमेंट करना चाहिए। ये शेड्यूल पर भी निर्भर करता है और साथ ही बीसीसीआई कैसे हमारे दौरों की योजना बनाती है। लेकिन वहां थोड़ा पहले जाना, एक हफ्ते पहले, और फिर उन पिचों पर प्रैक्टिस करना महत्वपूर्ण है।

पुजारा ने कहा,”टीम इंडिया भी अन्य (वनडे और टी20) फॉर्मेट खेल रही है, इसलिए चाहे हम द. अफ्रीका जाएं या इंग्लैंड, मैच शेड्यूल्ड हैं। इसलिए आप इसको लेकर कुछ नहीं कह सकते। आपको तैयार रहना जरूरी है। यहां तक कि तब भी जब आप भारत में हैं, तब भी आपको इंग्लैंड और द. अफ्रीका जैसे विकेट बनाकर तैयारी करनी चाहिए।”