रवि शास्त्री-विराट कोहली © AFP
रवि शास्त्री-विराट कोहली © AFP

टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज और धुआंधार ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने टीम इंडिया का हेड कोच बनने के लिए अर्जी दी थी। ऐसा माना जा रहा था कि सहवाग ही टीम इंडिया के कोच बनेंगे लेकिन अचानक से रवि शास्त्री ने भी कोच पद के लिए अर्जी दी और वो कोच भी बन गए। आखिर ऐसा क्यों हुआ? इस मामले पर खुद वीरेंद्र सहवाग ने खुलासा किया।

इंडिया टीवी से खास बातचीत में सहवाग ने कहा, ‘बीसीसीआई ने मुझसे कोच पद के लिए आवेदन देने की गुजारिश की तो मैंने सोचा कि मुझे मदद करनी चाहिए। मैंने टीम इंडिया का कोच बनने के लिए कभी सोचा भी नहीं था और ना ही मैं आगे कभी कोच बनना चाहूंगा। मैंने कोच मुद्दे पर विराट कोहली से भी बातचीत की और उन्होंने भी कहा कि आप कोच पद के लिए अर्जी दो। विराट की हां के बाद ही मैंने कोच पद के लिए अर्जी दी। अगर आप मेरी राय जानें तो मैं कभी भी कोच बनने का इच्छुक नहीं था।’ [ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच होगी 'लड़ाई'!]

सहवाग ने इंडिया टीवी से बातचीत में ये भी खुलासा किया कि उन्होंने कोच मुद्दे पर रवि शास्त्री से भी बात की थी। सहवाग ने कहा, ‘चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान मैंने रवि शास्त्री से पूछा कि आपने क्यों टीम इंडिया का कोच बनने के लिए अर्जी नहीं दी, तो उन्होंने मुझे कहा कि मैंने जो गलती पहले की वो अब नहीं करूंगा।’ सहवाग ने कहा कि रवि शास्त्री अगर पहले ही टीम इंडिया का कोच बनने के लिए अर्जी दे देते तो सहवाग कभी कोच बनने की अर्जी नहीं देते। सहवाग के इस बयान से साफ होता है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने सहवाग को अंधेरे में ही रखा।