VVS Laxman delivers speech at the Military College of Electronics and Mechanical Engineering
VVS Laxman (File Photo) © CricketCountry

भारतीय टीम के पूर्व बल्‍लेबाज वीवीएस लक्ष्‍मण को उनके फैन्‍स वैरी वैरी स्‍पेशल लक्ष्‍मण के नाम से पहचानते हैं। साल 2001 में ऑस्‍ट्रेलिया के भारत दौरे के दौरान लक्ष्‍मण की 281 रनों की पारी को कोई भी क्रिकेट फैन नहीं भूल सकता है। इस मैच में भारत ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भी जीत दर्ज की थी। लक्ष्‍मण और द्रविड़ ने हाथ से निकल चुके इस मैच में 376 रन की अहम साझेदारी बनाई। मैच के चौथे दिन ऑस्‍ट्रेलिया के कोई भी गेंदबाज भारत का विकेट नहीं निकाल सके।

भारतीय क्रिकेट मे लक्ष्‍मण का नाम काफी सम्‍मान के साथ लिया जाता है। इस प्रतिभा और व्‍यक्तित्‍व के चलते ही लक्ष्‍मण को पद्मश्री से सम्‍मनित किया जा चुका है। हाल ही में उन्‍हें सिकंदराबाद के मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्‍ट्रानिक्‍स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मोटिवेशनल स्‍पीच देने के लिए आमंदत्रित किया गया।

 

इस समारोह के दौरान वीवीएस लक्ष्‍मण ने 350 अधिकारी, जूनियर कमिशन्ड ऑफिसरों के समक्ष अपना भाषण दिया। संस्‍थान के लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने लक्ष्‍मण को आमंंत्रित किया था। युवा सेनिकों को लक्ष्‍मण ने अपने 16 साल लंबे करियर के दौरान उतार चढ़ाव के बारे में बताया। लक्ष्‍मण ने बताया कि कैसे आर्मी अफसर को कड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होता है।