What’s wrong in Team India wanting to win all Test matches, says CoA chief Vinod Rai
भारतीय टीम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पर है © AFP

भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड में खेले जाने वाले डे-नाइट टेस्ट को लेकर काफी बहस हुई। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जहां गुलाबी गेंद से टेस्ट कराने पर अड़ा हुआ था, वहीं भारतीय क्रिकेट बोर्ड इसके लिए तैयार नहीं था। टीम के कोच रवि शास्त्री के सीओए के साथ बैठक के दौरान डे-नाइट टेस्ट खेलने से मना कर के बाद इस मामले में आखिरी फैसला लिया गया। सीए को भी बीसीसीआई-सीओए के इस फैसले को मानना पड़ा। हालांकि इससे नाराज सीए के प्रमुख जेम्स सदरलैंड ने बयान दिया था कि टीम इंडिया की हर मैच जीतने की मानसिकता की वजह से वो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर डे-नाइट मैच खेलने से कतरा रहे हैं। सीओए प्रमुख विनोद राय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अगर हम हर टेस्ट मैच जीतने के बारे में सोच रहे हैं तो इसमें गलत क्या है।

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दिल्ली में इतिहासकर बोरिया मजूमदार की किताब के विमोचन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान राय ने कहा,  ‘‘इसमें क्या गलत है, अगर हम सारे मैच जीतना चाहते हैं? जो भी टीम पिच पर उतरती है, वो जीतना चाहती है। 30 साल पहले वो कहते थे कि भारत केवल ड्रा के लिये टेस्ट मैच खेलता है लेकिन अब वे ऐसा नहीं कहते।’’ राय ने कहा कि वो तभी डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने को तैयार होंगे, जब उन्हें खिलाड़ियों की तरफ से सहमति मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, ‘‘जब तक भारतीय खिलाड़ी ये नहीं कहते कि वे डे-नाइट मैच खेलने के लिये तैयार हैं, तब तक कोई दिन-रात्रि मैच नहीं होंगे।’’

बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने भी इस फैसले का पूरा समर्थन किया। जौहरी ने कहा कि हम किसके साथ और कब खेलना चाहते हैं ये चुनने के लिए हम पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।