Wriddhiman Saha’s injury saga: Physiotherapist Ashish Kaushik in the dock
Wriddhiman Saha © AFP

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की इंजरी मामले में जिस शख्स का नाम लगातार सवालों के घेरे में आ रहा है, वो हैं नेशनल क्रिकेट अकादमी के फीजियोथेरेपिस्ट आशीष कौशिक। बीसीसीआई ने हाल ही में बड़ा कदम उठाते हुए साहा की इंजरी की पूरी टाइमलाइन अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की है। जिसके बाद कौशिक मुश्किलें बढ़ गई हैं।

'तेज गेंदबाजी के दम पर अंग्रेजों को टेस्ट सीरीज में देंगे मात'
'तेज गेंदबाजी के दम पर अंग्रेजों को टेस्ट सीरीज में देंगे मात'

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक बीसीसीआई ने कौशिक पर सारे खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट एक ऐसी हेल्थकेयर कंपनी पर भेजने का आरोप लगाया है, जिसके वो डायरेक्टर रह चुके हैं। इस कंपनी के मौजूदा डायरेक्टर श्रीकांत नारायणस्वामी कौशिक के साथ कंपनी के सह-डायरेक्टर थे। कौशिक ने इस मामले पर कोई भी बयान देने से इंकार कर दिया है।

टीओआई ने बीसीसीआई अधिकारी के हवाले से लिखा, “जयंत यादव, अक्षर पटेल, क्रुनाल पांड्या जैसे कई खिलाड़ियों को पिछले इसी क्लीनिक में ट्रीट किया जा चुका है। कौशिक भले ही इस कंपनी के मौजूदा डायरेक्टर नहीं है लेकिन फिर भी वो खिलाड़ियों को वहां भेजते हैं। मुंबई में कई सीनियर डॉक्टर हैं जो स्पोर्ट्स मेडिसन में स्पेशलिस्ट हैं और कई सीनियर खिलाड़ियों की मदद कर चुके हैं। कौशिश उनके साथ काम किया करते थे। साहा को आखिरकार उन्हीं के पास भेजना पड़ा। उन्हें पहले ही वहां क्यों नहीं भेजा गया?”

साहा इंजरी मामले के लाइमलाइट में आने के बाद कौशिक की नियुक्ति को लेकर भी चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। टीम इंडिया के साथ काम कर चुके कौशिक की सीनियर खिलाड़ियों और अधिकारियों से अच्छी जान पहचान है। उन्हें एक बड़े अधिकारी की सिफारिश पर एनसीए में फीजियोथेरेपिस्ट पद पर नियुक्त किया गया था। बोर्ड ने इस पद की नियुक्ति करते समय लोढ़ा समिति के सारे नियमों को अनदेखा किया गया था। ना तो इस पद के लिए आवेदन मांगे गए थे और ना ही कोई इंटरव्यू हुआ था।