Yuzvendra Chahal: Confident of good performance on England tour
युजवेंद्र चहल © AFP

भारतीय वनडे-टी20 टीम के अहम खिलाड़ियों में से एक लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल की निगाहें अब अगले महीने के इंग्लैंड दौरे पर टिकी हैं। उन्हें विश्वास है कि आईपीएल के बाद मिलने वाले एक महीने में कड़ा अभ्यास कर वो इंग्लैंड की सरजमीं पर अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेंगे। चहल ने भारत की तरफ से अब तक 23 वनडे और 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन वह अभी तक इंग्लैंड में नहीं खेले हैं।

चहल ने कहा, ‘‘जिस तरह से उनके पास हमारे वीडियो हैं उसी तरह हमारे पास भी उनके वीडियो हैं। यही नहीं इंग्लैंड से पहले हमें आयरलैंड दौरे पर जाना है। वहां का मौसम भी इंग्लैंड जैसा ही है। आईपीएल के बाद मेरे पास तैयारी के लिए एक महीने का समय रहेगा। मैं एनसीए में अभ्यास के लिए जाऊंगा। वहां मुझे अपने कोच हिरवानी सर (पूर्व लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी) से बात करने का मौका मिलेगा। वो ब्रिटेन में खेल चुके हैं इसलिए मैं उनसे वहां के मौसम के बारे में जानकारी लूंगा। भारतीय टीम से पहले हमारी ‘ए’ टीम वहां का दौरा करेगी। उस टीम में मेरे कई दोस्त हैं और मैं उनसे पता करूंगा कि वहां की पिचें कितनी मददगार हैं और उनमें कितनी उछाल है।’’

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भारत को इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और इतने ही वनडे मैच खेलने हैं। इससे पहले भारतीय टीम दो टी20 खेलने के लिए आयरलैंड जाएगी। चहल ने दक्षिण अफ्रीकी दौरे में छह वनडे में 16 विकेट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन आईपीएल में वो अभी तक 11 मैचों में दस विकेट ही ले पाए हैं। जबकि इसे पहले उन्होंने आईपीएल के हर सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया था। इस बारे मे चहल ने कहा, ‘‘अगर मुझे विकेट नहीं मिल रहे हैं तो मैं रन भी कम दे रहा हूं जिसका मतलब है कि बल्लेबाज मेरे सामने आक्रामक रवैया अख्तियार नहीं कर पा रहे हैं। भले ही अब उन्होंने मेरी गेंदबाजी को समझ लिया है और मेरे वीडियो भी देखे हैं।’’

आरसीबी की डेथ ओवरों की गेंदबाजी प्रभावशाली नहीं रही है। चहल ने कहा कि उनकी टीम इस विभाग में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप भारत की तरफ से खेलते हो तो आपके पास सभी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज होते हैं। आपके पास भुवी पा (भुवेनश्वर कुमार) और जसप्रीत (बुमराह) होते हैं जो डेथ ओवरों के विशेषज्ञ हैं। ’’ चहल ने कहा, ‘‘यहां गेंदबाज युवा और कम अनुभवी होते हैं। स्टेडियम भरा होता है और हो सकता है कि वे दबाव महसूस करते हों। हमने डेथ ओवरों में गलतियां की हैं लेकिन हमने धीरे धीरे इसमें सुधार किया है।’’