वह भी एक दौर था, यह भी एक दौर है। फर्क सिर्फ इतना है कि वह सचिन का दौर था यह कोहली का दौर है
वह भी एक दौर था, यह भी एक दौर है। फर्क सिर्फ इतना है कि वह सचिन का दौर था यह कोहली का दौर है

भारतीय टीम केनबरा में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेले गए चौथे एकदविसीय मैच में नाटकीय ढंग से हार गई। भारतीय टीम ने अपने आखिरी 9 विकेट महज 46 रनों पर गंवा दिए, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब भारतीय बल्लेबाजी एक दम से ढह गई हो, बल्कि पूर्व में भी कई बार भारतीय टीम ऐसे हिचकोलों से गुजर चुकी है। यह वह दौर था जब सचिन के आउट होने के बाद विकटों की झड़ी लग जाती थी। इसी वजह से टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अकेले सचिन के कंधों पर आ जाती थी। आज उसी सचिन की जगह कोहली ले रहे हैं तो मध्यक्रम की भी हालत वही हो चली है। ऐसे ही कुछ यादगार भारतीय बल्लेबाजी के ढहते हुए कुछ रियल वाकयों से हम आपको रूबरू कराते हैं। ये भी पढ़ें: भारतीय टीम के निचले मध्यक्रम को संवारेंगे ये तीन भारतीय क्रिकेटर

1. भारत बनाम श्रीलंका, विश्व कप 1996 सेमी-फाइनल: साल 1996 में भारतीय सरजमीं पर दूसरी बार विश्व कप का आयोजन किया गया और इस विश्व कप में भारतीय टीम प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन सेमीफाइनल में भारतीय टीम की बल्लेबाजी एक दम से ढह गई और एक समय बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रही भारतीय बल्लेबाजी औंधे मुंह गिर पड़ी।

श्रीलंका के 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय भारतीय टीम का स्कोर 98 रन पर एक विकेट था वहीं पलक झपकते ही यह स्कोर 120 रनों पर 8 विकेट हो गया। सचिन तेंदुलकर (65) के आउट होने के बाद विकटों का पतझड़ शुरू हुआ और भारतीय बल्लेबाज अपने विकेट गंवाने लगे। भारतीय टीम के इस खराब प्रदर्शन से दर्शक गुस्से में लाल हो गए और उन्होंने मैच में व्यवधान डाल दिया। अंततः श्रीलंका को जीता करार दे दिया गया। विनोद कांबली का रोता हुआ चेहरा आने वाले सालों में इस मैच का चेहरा बनकर उभरा। ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली में बेहतर बल्लेबाज कौन?

2. भारत बनाम वेस्टइंडीज, ब्रिजटाउन टेस्ट 1997: दूसरा परेशान कर देना वाला बल्लेबाजी का ढहने वाला वाकया टेस्ट मैच में देखने को मिला। भारत को चौथी पारी में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीतने के लिए 120 रन बनाने थे। भारत ने तीसरे दिन अपने दो विकेट गंवा दिए। अगले दिन सचिन पर दारोमदार था जो उस समय टीम के कप्तान थे। सचिन भारत की जीत को लेकर बहुत आशान्वित थे।

उन्होंने विश्वास में आकर अपने रसोइए को ये तक कह दिया कि भारत की जीत का जश्व मनाने के लिए वह एक विशेष डिश तैयार कर ले। लेकिन अगले दिन कुछ और ही देखने को मिला और भारतीय बल्लेबाज तू चल मैं आता हूं कि तर्ज पर बल्लेबाजी करते नजर आए। आखिरकार भारतीय पारी 81 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत जीता हुआ मैच 38 रनों से हार गया।

3. भारत बनाम श्रीलंका, कानपुर वनडे, 1986: श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 46 ओवरों में 8 विकेट पर 195 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों के लिए यह स्कोर बड़ा आसान नजर आ रहा था। लेकिन भारत ने 37 रन पर 2 विकेट गंवाने के बाद 78 रनों पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। वेंगसरकर और सुनिल गावस्कर बड़े गलत साबित हुए।

4. भारत बनाम श्रीलंका, गाले टेस्ट 2015: हाल ही में श्रीलंका दौरे में खेले गए इस मैच में भारत ने पहले चार दिनों में अपना वर्चस्व बनाने के बाद पाचवें दिन यह मैच बल्लेबाजी के एक दम से फेल हो जाने की वजह से गंवा दिया। भारत ने पहली पारी में 192 रनों की लीड ली थी।

विराट कोहली © Getty Images
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और श्रीलंका को एक समय 95/5 के साथ मुश्किल में डाल दिया था। ऐसे समय में दिनेश चंडीमल ने शतक लगाया और श्रीलंका को 367 तक पहुंचाया। फलस्वरूप, चौथी पारी में भारत को 176 रनों का लक्ष्य मिला। नाटकीय रूप से भारतीय टीम 112 रनों पर ऑलआउट हो गई और मैच 63 रनों से हार गई।

5. भारत बनाम वेस्टइंडीज, किंगस्टन वनडे, 1997: वेस्टइंडीज ने चार मैचों की वनडे सीरीज के तीसरे मैच में भारत को 250 रनों का लक्ष्य दिया। भारत ने शुरुआत में सचिन का विकेट गंवा दिया, लेकिन गांगुली और द्रविड़ ने अर्धशतक लगाकर भारत के संघर्ष को जिंदा रखा। एक समय पर भारत का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 201 रन था और अंतिम 10 ओवरो में मात्र 49 रनों की दरकार थी। लेकिन अजय जडेजा के आउट होते ही भारतीय टीम ने वही कहानी दुहराई और पूरी टीम 231 रनों पर ऑल आउट हो गई। भारत ने अंपने अंतिम सात विकेट 30 रनों पर गंवा दिए।

6. भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, डरबन वनडे, 2006: अब तक की सबसे शर्मनाक हार में से एक भारत ने डरबन में दक्षिण अफ्रीका के हाथों 157 रनों से हार झेली थी। ऐसा कतई नहीं है कि लक्ष्य बहुत बड़ा था।

 

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भारत को 50 ओवरों में 249 रन बनाने थे। भारत का स्कोर एक समय 61/2 था। अगले कुछ ओवरों बाद भारतीय टीम 91 रनों पर ऑलआउट हो गई।

7. भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, विश्व कप 2011 ग्रुप मैच नागपुर: भारत की बल्लेबाजी एक बार फिर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बिखरी। भारत ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी की। सचिन और सहवाग ने भारत को तेज तर्रार शुरुआत दी। सचिन ने बेहतरीन शतक लगाया। सचिन जब आउट हुए तब भारत का स्कोर 267 रन था।

वह दूसरे विकेट के रूप में आउट हुए और अभी 10 ओवर शेष थे। लेकिन भारत के अंतिम 9 विकेट 29 रनों पर गिर गए और एक समय 350 के सपने देख रही टीम इंडिया 296 रनों पर रुक गई। इसी गलती के कारण भारत यह मैच हार गया।

8. भारत बनाम श्रीलंका, शारजाह वनडे 2000: यह पहला मैच था जिसमें कई रिकॉर्ड बने और टूटे। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित ओवरों में 299 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम मात्र 54 रनों पर आउट हो गई। यह अब तक का भारतीय टीम का वनडे में सबसे कम स्कोर है।

इसी मैच में सनथ जयसूर्या ने 189 रन बनाए थे। साथ ही इस मैच में श्रीलंका ने भारत 245 रनों से हराया जो अपने आप में रिकॉर्ड था।

9. भारत बनाम न्यूजीलैंड, दांबुला वनडे 2010: यह मैच भी भारतीय टीम के बिखरने वाली बल्लेबाजी की कहानी को अनोखे रूप में बयां करती है। दांबुला में खेले गए वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 288 रन बनाए।

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जवाब में बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम एक समय 39/1 थी और कुछ देर बाद 88 रनों पर ऑलआउट हो गई।

10 भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, केनबरा वनडे, 2016: इन सबमें नवीनतम, केनबरा एकदिवसीय को तो भारतीय टीम अवश्य जीत लेती, लेकिन एकाएक बल्लेबाजी का ढह जाना किसी चोकर की दाग की तरह भारतीय टीम के रास्ते में आ गया।

 

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350 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम ने एक समय 1 विकेट पर 277 रन बना लिए थे, लेकिन अगले 9 विकेट 46 रनों पर गिर गए और भारतीय टीम 323 रनों पर ऑलआउट हो गई। अंततः टीम इंडिया 25 रनों से मैच हार गई।