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क्रिकेट के ये रिकॉर्ड्स जिनके बनने के बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा

सचिन तेंदुलकर के नाम वनडे में शेन वॉर्न से ज्यादा 5 विकेट लेने कारिकॉर्ड दर्ज है।

 © Getty Images
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क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और इस खेल में अगले पल क्या हो जाए इसके बारे में अंदाज लगाना कतई मुमकिन नहीं होता। क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड तोड़े गए हैं जिनके बारे में एक समय सोचा गया था कि वे कभी नहीं टूट सकते। लेकिन सालों का फेर तो देखिए रिकॉर्ड टूटे भी और कुछ ऐसे रिकॉर्ड बने जो शायद ही उस बल्लेबाज ने सोचें होंगे कि क्या वह वास्तव में ऐसे रिकॉर्ड बना पाएगा? आज हम आपको ऐसे ही कुछ क्रिकेट रिकॉर्ड्स से रूबरू करा रहे हैं।

1. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार बोल्ड हुए हैं राहुल द्रविड़: इसमें कोई दो राय नहीं है कि बल्लेबाजी तकनीकी के हिसाब से राहुल द्रविड़ का कोई जवाब नहीं था। उनके रक्षात्मक स्ट्रोक्स को देखकर बड़े से बड़ा गेंदबाज यह तक नहीं सोच पाता था कि उन्हें आउट करने के लिए वह गेंद डाले तो कहां डाले। लेकिन इस सबके बावजूद राहुल द्रविड़ के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे वह शायद ही अपने नाम पर देखना चाहते होंगे। राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा बार बोल्ड होने का रिकॉर्ड है। द्रविड़ अपने करियर के दौरान कुल 55 बार क्लीन बोल्ड हुए हैं। अपने करियर की अंतिम 13 पारियों में द्रविड़ 9 बार बोल्ड हुए थे। राहुल द्रविड़ टेस्ट मैचों में सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं। राहुल का टेस्ट मैच में रन बनाने का औसत 51 से ऊपर है।

2. सामने वाली टीम को खिलाया फॉलोआन फिर भी हारा ऑस्ट्रेलिया: क्रिकेट इतिहास में यह सिर्फ तीन मौकों पर हुआ है जब एक टीम ने विपक्षी टीम को फॉलोआन खेलने पर मजबूर तो किया लेकिन उसे मैच हारना पड़ा। संयोगवश इन तीनों मौकों पर ऑस्ट्रेलिया विपक्षी टीम रही और उसने मैच गंवाए। इनमें से दो बार ये वाकया इंग्लैंड के साथ तो एक बार भारत के खिलाफ साल 2001 में घटा था।

2001 में कोलकाता में इस मैच में फॉलोआन खेल रही भारतीय टीम की ओर से वीवीएस लक्ष्मण ने 281 रन बनाए थे और भारत ने मैच जीत लिया था। ऑस्ट्रेलिया ने विश्व क्रिकेट में सबसे ज्यादा 360 टेस्ट मैच जीते हैं और उनकी जीत का प्रतिशत 46.81 रहा है। ऑस्ट्रेलिया एक समय टेस्ट मैचों में अविजयी टीम हो गई थी और उसने 25 टेस्ट मैच लगातार जीते थे।

3. वनडे में पांच विकेट लेने में शेन वॉर्न से भी आगे हैं सचिन तेंदुलकर: सचिन तेंदुलकर और शेन वॉर्न की मैदान में प्रतिद्वंदिता को खूब जाना जाता है। एक विशुद्ध बल्लेबाज था तो दूसरा विशुद्ध गेंदबाज। लेकिन सचिन ने गेंदबाजी के एक विभाग में खुद शेन वार्न को भी पछाड़ दिया है। वनडे क्रिकेट में पांच विकेट लेने का कारनामा सचिन दो बार कर चुके हैं। इसमें एक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और एक पाकिस्तान के खिलाफ मुकम्मल किया था। वहीं शेन वॉर्न के नाम वनडे में सिर्फ एक बार 5 विकेट लेने का कारनामा दर्ज है। वॉर्न ने यह कारनामा साल 1996 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकम्मल किया था।

4. शेन वॉर्न से भी ज्यादा विकेट हैं जयसूर्या के नाम: सनथ जयसूर्या अपनी टीम श्रीलंका के लिए पांचवें गेंदबाज के तौर पर खेला करते थे और मुख्य रूप से उन्हें बैटिंग ऑलराउंडर के तौर पर देखा जाता था। बतौर लेफ्ट आर्म स्पिनर जयसूर्या बहुत असरकारी थे और उन्होंने कई मैच विनिंग स्पैल अपनी टीम के लिए फेंके। इसके अलावा वह वनडे क्रिकेट में विकेट लेने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न से आगे हैं। शेन वॉर्न के वनडे क्रिकेट में कुल 293 हैं वहीं जयसूर्या के नाम 323 विकेट हैं।इसके अलावा जयसूर्या के नाम वनडे में 13,000 से ज्यादा रन भी दर्ज हैं। जयसूर्या ने वनडे में 4 बार पांच विकेट लिए हैं।

5. मुथैया मुरलीधरन- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा नॉट आउट का रिकॉर्ड: यह वही मुथैया मुरलीधरन हैं जिनके नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। लेकिन बैटिंग में मुरलीधरन के नाम सबसे ज्यादा बार नॉट आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है। मुरलीधरन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट(टेस्ट+वनडे+टी20) में कुल 118 बार नॉटआउट रह चुके हैं। मुरली पुछल्ले बल्लेबाज थे जो अक्सर 10वें व 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए आया करते थे। अक्सर वह दूसरे बल्लेबाज के अंतिम बल्लेबाज के रूप में आउट होने के कारण नॉट आउट होकर पवेलियन लौटते थे। यही कारण है कि उनके नाम इतने नॉट आउट का रिकॉर्ड दर्ज हैं।

6. टेस्ट मैच में एक ओवर में सबसे ज्यादा रन देने वाला गेंदबाज: जेम्स एंडरसन वर्तमान में इंग्लैंड के सबसे बेहतरीन स्विंग गेंदबाज हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरत होगी कि एंडरसन टेस्ट मैचों में एक ओवर में सर्वाधिक रन देने वाले गेंदबाज हैं। एक टेस्ट मैच में एंडरसन के एक ओवर में जॉर्ज बेली ने कुल 28 रन ठोक दिए थे। ओवर का विश्लेषण 4, 6, 2, 4, 6, 6 था। एंडरसन अब तक कुल 116 टेस्ट मैचों में 454 विकेट प्राप्त कर चुके हैं। वह अपने करियर में 5 बार 21 विकेट और मैच में तीन बार 10 विकेट ले चुके हैं। इतने बेहतरीन गेंदबाज के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज होना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।

7. टेस्ट मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के: टेस्ट मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के जड़े का रिकॉर्ड पाकिस्तान के पूर्व कप्तान व ऑलराउंडर क्रिकेटर वसीम अकरम के नाम है। अकरम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए एक टेस्ट मैच में 363 गेंदों में 257 रन ठोक दिए थे। इस पारी में अकरम ने 22 चौकेऔर 12 छक्के जड़े थे।

अकरम का यह रिकॉर्ड साल 2002 में बना था। भले ही आज टी20 क्रिकेट ने क्रिकेट में अपनी पैठ बना ली हो। लेकिन इसके बावजूद अकरम का रिकॉर्ड आज तक तोड़ा नहीं जा सका है। अकरम ने अपने पूरे करियर के दौरान कुल 1 दोहरा शतक ही लगाया है। साथ ही उनके नाम तीन शतक भी हैं। टेस्ट में सिर्फ 22.64 की औसत के साथ रन बनाने वाले अकरम की यह एक बड़ी उपलब्धि है।

8. अजीत अगरकर- भारतीय बल्लेबाज द्वारा वनडे में सबसे तेज अर्धशतक: भारतीय तेज गेंदबाज अजीत अगरकर कोई खास बल्लेबाज तो नहीं थे, लेकिन जब उनका बल्ला चल जाता था तो वह किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज से कम नजर नहीं आते थे। एक समय अगरकर लगातार 7 बार शून्य पर आउट हुए थे जिसके कारण उनका नाम बॉम्बे डक पड़ गया था। लेकिन एक बार साल 2000 में अगरकर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए एक मैच में अंतिम ओवरों में जबरदस्त हिटिंग की थी और 21 गेंदों में अर्धशतक ठोंक दिया था। यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज के द्वारा वनडे में बनाया गया सबसे कम गेंदों में अर्धशतक है। इस मैच में अगरकर ने 25 गेंदों में नाबाद 67 रन ठोके थे जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे।

9. मिसबाह उल हक- टेस्ट मैचों में दूसरा सबसे तेज शतक: पाकिस्तान के मिसबाह उल हक को हमेशा ही धीमी बल्लेबाजी को लेकर कोसा जाता था। यही कारण था कि उनका नाम कई क्रिकेटप्रेमियों ने मिस्टर टुक- टुक रख दिया था। लेकिन आपको य जानकर हैरत होगी कि टेस्ट मैचों में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड मिस्बाह के नाम है। मिस्बाह ने यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था और 56 गेंदों में शतक जड़ दिया था। इस दौरान मिस्बाह ने 11 चौके और 5 छक्के जड़े थे। गौर करने वाली बात है कि मिस्बाह कभी भी वनडे में शतक लगाने में कामयाब नहीं हो पाए। वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर 96* है। वहीं उनका औसत 43.40 का है।

10. एम एस धोनी- टी20 में कोई अर्धशतक नहीं: अब तक कुल 71 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके भारतीय कप्तान एमएम धोनी एक भी अर्धशतक लगाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। टी20 में धोनी का सर्वोच्च स्कोर 48* है। गौर करनेवाली बात है कि धोनी का औसत भी 35 से ऊपर है जो टी20 क्रिकेट में बढ़िया माना जाता है। लेकिन धोनी क्यों अर्धशतक नहीं लगा पाए इसके पीछे एक हा कारण नडर आता है और वह है उनका बल्लेबाजी क्रम में छठवें क्रम पर उतरना।

जब वह बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं तो बहुत कम गेंदें बची हुई होती हैं। ऐसे में वह 30 से 40 रन ही बना पाते हैं। धोनी के नाम वनडे में 60 अर्धशतक दर्ज हैं। वहीं आईपीएल टी20 की बात करें तो धोनी के नाम इस फॉर्मेट में कुल 18 अर्धशतक है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि कब धोनी अपने नाम से जुड़े इस अनचाहे रिकॉर्ड के तमगे को हटा पाते हैं।

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