सचिन तेंदुलकर बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी कई मौकों पर कमाल दिखा चुके हैं © Getty Images
सचिन तेंदुलकर बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी कई मौकों पर कमाल दिखा चुके हैं © Getty Images

अक्सर आपने बल्लेबाजों की तारीफ सिर्फ बल्लेबाजी के लिए ही होगी। लेकिन क्या आपने कभी बल्लेबाजों की तारीफ उनकी गेंदबाजी के लिए की है। शायद नहीं। क्रिकेट का खेल अनिश्तताओं से भरपूर है। क्रिकेट के खेल में कभी भी कुछ भी हो सकता है। कई मौकों पर जब टीम के ज्यादातर खिलाड़ी आउट हो जाते हैं तो पुछल्ले बल्लेबाज मिलकर टीम को जीत दिला देते हैं। और जब टीम के गेंदबाज विकेट लेने में विफल होते हैं तो कप्तान प्रयोग के तौर पर बल्लेबाजों के हाथों में गेंद थमा देते हैं और वह बल्लेबाज टीम के लिए विकेट निकाल देता है। आज हम आपको बताएंगे ऐसे ही पांच धाकड़ बल्लेबाजों के बारे में जिन्होंने वनडे मैचों में सबसे ज्यादा विमकेट हासिल किए हैं।

5. तिलकरत्ने दिलशान: वनडे क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाले तिलकरत्ने दिलशान श्रीलंका के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं। दिलशान ने समय-समय पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को कई मौकों पर मैच जिताए हैं। लेकिन आज हम हम आपको दिलशान की बल्लेबाजी की नहीं बल्कि उनकी गेंदबाजी के बारे में बताएंगे। दिलशान ने अपने करियर में 330 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 980 ओवरों की गेंदबाजी की है, जिसमें दिलशान ने 106 विकेट हासिल किए हैं। दिलशान ने 3 बार चार विकेट लेने में भी कामयाबी पाई है। दिलशान ने कई दफा श्रीलंका को अपनी गेंदबाजी से भी जीत दिलाई है। दिलशान श्रीलंका के लिए जोड़ी तोड़ने वाले खिलाड़ी थे। जब भी कप्तान को जरूरत पड़ती थी दिलशान उन्हें विकेट निकालकर देते थे। ये भी पढ़ें: हार्दिक पंड्या की टेस्ट टीम में क्यों नहीं बनती जगह?

4. अरविंद डिसिल्वा: श्रीलंका के ही एक और खब्बू बल्लेबाज जो हमेशा अपनी बल्लेबाजी से विपक्षी टीम के लिए खतरा साबित होते थे उतनी गेंदबाजी भी उतनी ही धारदार थी। डिसिल्वा ने 308 मैचों में 858 ओवरों की गेंदबाजी में 106 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। इस दौरान डिसिल्वा ने दो बार चार विकेट भी हासिल किए। डिसिल्वा बेहतरीन पार्ट टाइम गेंदबाज रहे हैं और अपनी गेंदबाजी से वह हमेशा विपक्षी टीम के लिए खतरा बनते रहे हैं। डिसिल्वा को खेलना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं रहा है और वह अपनी गेंदबाजी से बड़े से बड़े बल्लेबाज को आउट करने का माद्दा रखते थे।   ये भी पढ़ें: टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के इन पांच रिकॉर्डों को तोड़ सकते हैं ऐलेस्टर कुक

3. सचिन तेंदुलकर: क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी के बारे में तो बच्चा-बच्चा जानता है। सचिन के नाम क्रिकेट के ढेरों रिकॉर्ड हैं। बल्ले से विपक्षी टीम को खतरे में डालने वाले सचिन अपनी घूमती गेंदों से भी कई बार कमाल दिखा चुके हैं। सचिन ने अपनी गेंदबाजी से भी भारत को कई यादगार मैच जिताए हैं। सचिन ने अपने करियर में 463 मैचों में 1342 ओवरों की गेंदबाजी में 154 विकेट लिए हैं। सचिन ने अपने करियर में 2 बार चार विकेट और दो ही बार पांच विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान सचिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर पांच विकेट रहा था जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। सचिन बल्लेबाजों के लिए अभूझ पहेली रहे हैं। सचिन हर तरह की गेंद फेंक लेते थे। सचिन लेग स्पिन, ऑफ स्पिन और यहां तक की मध्यम गति की गेंदबाजी भी करा लेते थे।

2. क्रिस गेल: क्रिस गेल का नाम जब भी जहन में आता है तो प्रशंसकों के जेहन में सिर्फ लंबे-लंबे छक्के ही आते हैं। क्रिस गेल सिर्फ छक्कों के लिए ही जाने जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि छक्के मारने के साथ ही गेल गेंद से भी काफी असरदार हैं। गेल ने 269 वनडे मैचों में 1203 ओवरों की गेंदबाजी करते हए 163 विकेट अपनी झोली में डाले हैं। साथ ही गेल ने 3 बार चार विकेट और एक बार मैच में पांच विकेट भी हासिल किए हैं। गेल का गेंदबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 46 रन देकर पांच विकेट है ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। साफ है बल्ले से गदर मचाने वाले गेल ‘गेंद से भी नाकों चने चबवा’ सकते हैं।  ये भी पढ़ें: मैं मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाऊंगा: हार्दिक पंड्या

1. सनथ जयसूर्या: एक ऐसा नाम जो ओपनिंग में आता था और गेंदबाजों की बखिया उधेड़ देता था। जयसूर्या के नाम से गेंदबाज कांपने लगते थे। जयसूर्या अपने समय के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। लेकिन जयसूर्या जितनी तेजी से रन बनाते थे उतनी ही तेजी से वह विकेट भी चटकाते थे। जयसूर्या ने अपने करियर में 445 मैचों में 2497 ओवरों की गेंदबाजी में कुल 323 विकेट झटके। जो किसी कई गेंदबाजों से भी ज्यादा हैं। जयसूर्या ने इस दौरान 8 बार चार विकेट और 4 बार मैच में पांच विकेट हासिल किए। जयसूर्या का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 29 रन देकर छह विकेट रहा जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। जयसूर्या टीम के लिए सलामी बल्लेबाज तो थे ही साथ ही वह गेंदबाजी में भी अपना कमाल दिखाते थे। जयसूर्या ने कई बार गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत मैन ऑफ द मैच का खिताब भी हासिल किया है।