5 गेंदबाज जो एक पारी में ले सकते थे 10 विकेट
फोटो साभार: www.theguardian.com

क्रिकेट मैच की एक पारी में 10 विकेट लेना हमेशा टेढ़ी खीर मानी जाती रही है। क्रिकेट इतिहास में अभी तक सिर्फ दो बार 10 विकेट लेने का कारनामा मुकम्मल किया जा चुका है। इनमें से एक इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 1956 में तो दूसरा भारत के अनिल कुंबले ने साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकम्मल किया था। लेकिन अगर खुदा कुछ गेंदबाजों पर मेहरबान हो जाता तो वे भी इस सूची में सम्मिलित हो सकते थे। लेकिन कुछ कारणों के चलते ये गेंदबाज 9 विकेट ही ले पाए। आइए आपको ऐसे ही 5 गेंदबाजों से रूबरू कराते हैं।

1. मुथैया मुरलीधरन:

5 bowlers who could take 10 wickets in a test inning
फोटो साभार: www.skysports.com

श्रीलंका के स्पिन जादूगर मुथैया मुरलीधरन की गेंद जब जमीन पर गिरती थी तो ऐसा मालूम होता था जैसे कोई लट्टू घूम रहा हो। मुरली ने साल 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए एक टेस्ट मैच की पहली पारी में पूरे 9 विकेट ले डाले थे। मुरली ने शुरुआती 9 विकेट खुद ही गिराए थे। [ये भी पढ़ें: ]

लेकिन दुर्भाग्य से चमिंडा वास की गेंद पर अंतिम बल्लेबाज हेनरी ओलंगों स्टंप्ड आउट हो गए और इस तरह से विकेट फेंकने के कारण मुरली का एक पारी में 10 विकेट लेने का सपना सिर्फ सपना रह गया। मुरली ने इस मैच में 40 ओवरों की गेंदबाजी करते हुए 19 मेडेन फेके थे और 40 रन देकर 9 विकेट लिए थे। श्रीलंका ने बाद में इस मैच को एक पारी और 94 रनों से जीत लिया था।

2. अब्दुल कादिर:

5 bowlers who could take 10 wickets in a test inning
फोटो साभार: www.crictracker.com

पाकिस्तान के बेहतरीन स्पिनरों में से एक रहे अब्दुल कादिर ने साल 1987 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एक टेस्ट मैच की पहली पारी में 9 बल्लेबाजों को आउट किया था। इस पारी में तौसीफ अहमद दूसरे गेंदबाज थे जिन्होंने इंग्लैंड के एकमात्र बल्लेबाज डेविड कैपेल को आउट किया था। कैपेल शून्य पर आउट हो गए थे। अगर वह थोड़ी देर और ठहर जाते तो निश्चित रूप से वह कादिर का शिकार बन जाते। कादिर का इस पारी में गेंदबाजी विश्लेषण 37-13-56-9 रहा था ।

3. रंगना हेराथ: श्रीलंका के रंगना हेराथ वर्तमान में दुनिया के सबसे बेहतरीन स्पिनरों में से एक हैं। साल 2014 में श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे एक टेस्ट मैच की दूसरी पारी में हेराथ ने 9 विकेट ले डाले थे। सिर्फ अहमद शहजाद ही एकमात्र बल्लेबाज थे जिन्हें आउट करने में हेराथ सफल नहीं हुए थे। शहजाद को तीसरे विकेट के रूप में थिसारा परेरा ने आउट किया था। उनके अलावा सभी बल्लेबाजों को हेराथ ने पवेलियन भेजा था। इस पारी में हेराथ का गेंदबाजी विश्लेषण 33.1-3-127-9 रहा था। अंततः इस मैच को पाकिस्तान ने 105 रनों से जीत लिया था।

4. डेवोन मैल्कॉम:

डेवोन मैक्लॉम ने साल 1989 से 1997 तक इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेली। इसी दौरान उन्होंने साल 1994 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लंदन में खेले गए एक टेस्ट मैच की तीसरी पारी में कुल 9 बल्लेबाजों को आउट किया था। इंग्लैंड की ओर से उनके अलावा सिर्फ डेरेन गाफ ने एक विकेट लिया था। इस पारी में मैलकॉम का गेंदबाजी विश्लेषण 16.3-2-57-9 रहा था। इस मैच को इंग्लैंड ने 8 विकेट से जीत लिया था। मैलकॉम ने इंग्लैंड के लिए 40 टेस्ट मैच खेले और 128 विकेट लिए।

5. कपिल देव:

5 bowlers who could take 10 wickets in a test inning
फोटो साभार: www.scoopwhoop.com

यह बात साल 1983 की है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच मोटेरा अहमदाबाद में टेस्ट मैच खेला जा रहा था। पहली पारी में सिर्फ एक विकेट निकाल पाने वाले कपिल देव दूसरी पारी में काल की तरह बरस पड़े और एक के बाद एक नौ बल्लेबाजों को आउट कर दिया। इस मैच में डेसमॉन्ड हायनेस एकमात्र बल्लेबाज थे जिन्हें बलविंदर संधू ने आउट किया था। कपिल के इस कमाल के बावजूद टीम इंडिया ये मैच 138 रनों से हार गई।