क्रिकेट इतिहास के 5 ज्यादा स्कोर पर टाई होने वाले मैच

क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और इस खेल को लेकर भविष्यवाणी तो कतई नहीं की जा सकती। साल 2006 में जब दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के द्वारा दिए गए 435 रनों के लक्ष्य को प्राप्त किया था उसके बाद से क्रिकेट को और भी अनिश्चित खेल माना जाने लगा है। क्रिकेट में कालांतर में ऐसे कई मौके देखे गए हैं जब एक टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 रनों से ऊपर का स्कोर बना डाला, लेकिन मैच टाई हो गया। आज हम आपको ऐसे ही पांच वाकयों से रूबरू कराने जा रहे हैं।

1. भारत बनाम इंग्लैंड, साल 2011:

5 high scoring tied matches of cricket history
फोटो साभार: www.sportskeeda.com

यह वाकया साल 2011 का है। भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की वनडे श्रृंखला का चौथा मैच लॉर्ड्स पर खेला जा रहा था। चूंकि, इंडिया पहले से ही सीरीज में 2-0 से पीछे चल रही थी। ऐसे में उनके लिए जीत हर हाल ही में जरूरी थी। इस मैच में एक बार फिर से भारतीय टीम का शीर्ष क्रम फेल हो गया, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सधकर बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 50 ओवरों में 280 तक पहुंचा दिया। ये पांचवें विकेट के लिए सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी के बीच 169 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी का परिणाम था। [ये भी पढ़ें: ]

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को अब अंतिम 6 ओवरों में 48 रनों की दरकार थी। उनके पास 4 विकेट शेष थे और क्रीज पर इयान बेल और रवि बोपारा मौजूद थे। इसी बीच बारिश ने मैदान पर दस्तक दे दी। जब टीमें लौटकर आईं तो अब इंग्लैंड को 18 गेंदों में 19 रनों की दरकार थी। एक बल्लेबाज अभी भी 90 के आसपास बल्लेबाजी कर रहा था तो टीम के पास 4 विकेट अभी भी शेष थे। लेकिन इसी बीच आरपी सिंह ने एक कसा हुआ ओवर डाला और अगले ओवर में मुनफ पटेल ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट ले डाले। जिसके बाद मैच टाई हो गया।

2. इंग्लैंड बनाम श्रीलंका, साल 2016: इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीता और श्रीलंका को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और उनके 56 रनों पर ही 3 विकेट गिए गए। लेकिन बाद में दिनेश चंडीमल एंजलो मैथ्यूज और सेकुगे प्रसन्ना ने पारी संभाल ली और एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड को 255 रनों की चुनौती दी। इस दौरान प्रसन्ना की 28 गेंदों में 59 रनों की पारी सबसे बढ़िया रही।

जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड टीम ने अपने शुरुआती चार विकेट 30 रनों के कुल योग पर गंवा दिए। लेकिन इसी बीच जोश बटलर और क्रिस वोक्स जम गए और दोनों ने 7वें विकेट के लिए 150 रनों से ऊपर की भागेदारी निभा डाली। लेकिन जीत के कुछ देर पहले ही ये दोनों बल्लेबाज आउट हो गए। अब एक बार फिर से इंग्लैंड की नैय्या भंवर में फंस गई।

इंग्लैंड को अंतिम ओवर में 14 रनों की जरूरत थी और उनके हाथ में दो विकेट शेष थे। पहली चार गेंदों पर सिर्फ चार रन बनाए जा सके और अंतिम गेंद पर अब 10 रनों की जरूरत थी। लेकिन पांचवीं गेंद पर खराब फील्डिंग ने उन्हें तीन रन दे दिए और अब स्ट्राइक पर लियाम प्लंकेट आए जिन्होंने अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर मैच को टाई करवा दिया।

3. भारत बनाम न्यूजीलैंड, 2014: यह बात साल 2014 की है। ऑकलैंड में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का चौथैा वनडे मैच खेला गया। चूंकि, टीम इंडिया पहले से ही सीरीज में 2-0 से पीछे चल रही थी। ऐसे में इस मैच को जीतना हर हाल में जरूरी था। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 314 रनों का स्कोर खड़ा किया।

जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम का शीर्ष क्रम चरमरा गया। लेकिन इसी बीच धोनी और रैना ने कुछ अच्छे हाथदिखाए और अब भारतीय टीम को अंतिम 14.2 ओवरों में 131 रनों की दरकार थी। लेकिन दोनी और रैना आउट हो चुके थे। ऐसी विपरीत परिस्थिति में रविंद्र जडेजा ने गजब का धैर्य दिखाया और सातवें विकेट केलिए आर. अश्विन के साथ 85 रन जोड़े।

जडेजा ने गजब की बल्लेबाजी की और भारतीय टीम को अंतिम पड़ाव पर लाकर खड़ा कर दिया। अब टीम इंडिया को अंतिम ओवर में जीतने के लिए 18रनों की दरकार थी। पहली तीन गेंदों पर 6 रन बने और अब 3 गेंदों पर 12 रनोंकी जरूरत थी। इसी बीच जडेजा ने अगरी दो गेंदों पर चौका और छक्का जड़ दिया। अंतिम गेंद पर जडेजा एक रन ही बना पाए और इस तरह यह हाईस्कोरिंग मैच टाई हो गया।

4. भारत बनाम इंग्लैंड, 2011:

5 high scoring tied matches of cricket history
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यह बात सा 2011 विश्व कप की है। बैंगलुरू में खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सचिन तेंदुलकर के शतक और गौतम गंभीर, युवराज सिंह के अर्धशतकों की मदद से 338 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम को एंड्रयु स्ट्रॉस और इयान बेल ने अच्छी शुरुआत दी। लेकिन इसी बीच जहीर खानने वापसी की और ए ओवर में उन्होंने 3 विकेट चटका दिए। अब इंग्लैंड को अंतिम ओवर में 14 रनों की दरकार थी। पहली पांच गेंदों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने 12 रन तो बना लिए। लेकिन अंतिम गेंद में ग्रीम स्वान दो रन नहीं बना सके और मैच टाई हो गया।

5. न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड, नेपियर: यह बात साल 2008 की है। यह एक ऐसा वनडे मैच जो टाई तो हुआ लेकिन दोनों टीमों की ओर से रनों का अंबार लग गया और कुल 680 रन बने। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सभी बल्लेबाजों के अच्छे योगदान को मिलाकर मैच में 340 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को जैसी राइडर और जेमी हाऊ ने अच्छी शुरुआत दी। लेकिन बीच के ओवरों में विकटों का पतझड़ लग गया। अब उन्हें मैच की अंतिम गेंद पर 2 रनों की दरकार थी। लेकिन वे 1 रन ही बना पाए और मैच टाई हो गया।