भारतीय टीम फिलहाल टेस्ट में नंबर एक पर है © AFP
भारतीय टीम फिलहाल टेस्ट में नंबर एक पर है © AFP

क्या आपने सोचा है कि अगर कोई टीम टेस्ट मैच की पहली पारी में 500 सा इससे ज्यादा रन बनाती है तो भी हार सकती है। नहीं ना, लेकन ऐसा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई बार हो चुका है। आज हम आपको बताएंगे टेस्ट क्रिकेट में हुए पांच ऐसे मौकों के बारे में जब पहली पारी में 500 या उससे भी ज्यादा रन बनाने के बाद भी टीम को हार का सामना करना पड़ा है। तो आइए जानते हैं कौन सी हैं बदकिस्मत टीमें जो पहली पारी में 500 रन बनाने के बाद भी हार गईं। भारत बनाम न्यूजीलैंड, तीसरा वनडे: लाइव स्कोर बोर्ड जानने के लिए क्लिक करें

5. ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराया: 2006/07 ऐशेज सीरीज

इंग्लैंड ने 2005-06 में खेली गई ऐशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 3-2 के अंतर से हरा दिया था। ऐसे में ठीक एक साल बाद ब्रिसबेन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया बदला लेने के लिए बौखला रहा था और उसने अपना लिया भी। ऑस्ट्रेलिया ने पहले टेस्ट में इंग्लैंड को 277 रनों से हराकर एक साल पहले मिली हार का बदला ले लिया था।

वहीं एडिलेड में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने जबर्दस्त वापसी करते हुए पहली पारी में पहाड़ जैसे स्कोर खड़ा कर दिया। इंग्लैंड ने पहली पारी में 551/6 पर घोषित कर दी, जिसमें पॉल कॉलिंगवुड का दोहरा शतक भफी शामिल था। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने भी जमकर बल्लेबाजी की और रिकी पोंटिंग और माइकल क्लार्क के शतक की मदद से 513 रन बना डाले।

वहीं दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने जबर्दस्त गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश किया और शेन वॉर्न के 4 विकेटों की मदद से इंग्लैंड को मात्र 129 रनों पर ढेर कर दिया। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में मात्र 168 रनों के लक्ष्य का पीछा करना था, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर सिर्फ 32 ओवरों में 4 विकेट खोकर ही हासिल कर लिया।

4. इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराया: 1894/95 ऐशेज सीरीज

1894/95 में खेली गई ऐशेज सीरीज सबसे रोमांचक और कड़ी सीरीज में से एक कही जाती है। इंग्लैंड ने सीरीज को 3-2 से जीतने में सफलता पाई थी। सीरीज का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था और ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में ग्रेगरी के दोहरे शतक और जॉर्ज के शथक की मदद से पहली पारी में 586 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में जुझारूपन दिखाते हुए 325 रन बनाए।

पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को फॉलोऑन खेलना पड़ा, दूसरी पारी में अपने बल्लेबाजी का स्तर उठाते हुए इंग्लैंड ने 437 रन बना डाले। चौथी पारी में 177 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरे कंगारू बल्लेबाज एक समय पर 130/2 के स्कोर पर मजबूद दिख रहे थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के आखिरी 8 विकेट सिर्फ 36 रनों के भीतर ही गिर गए और इंग्लैंड ने 10 रन से मैच जीतने में सफलता पाई।

3. दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराया: एमसीजी 1953

दक्षिण अफ्रीका की टीम 1953-54 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, सीरीज में दक्षिण अफ्रीका को 5 टेस्ट मैच खेलने थे। ऑस्ट्रेलिया 4 मैचों के बाद सीरीज में 2-1 से आगे था और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाना वाला मुकाबला काफी रोमांचक रहने की उम्मीद थी और हुआ भी वैसा ही। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में शानदारी बल्लेबाजी का नमूना पेश करते हुए नील हार्वे के दोहरे शतक की मदद से 520 रन बना डाले। वहीं दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 209 रनों पर ढेर हो गई। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका को जीतने के लिए 295 रन चाहिए थे। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से दूसरी पारी में तीन बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़े और टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी। दक्षिण अफ्रीका ने जीत के साथ ही सीरीज को 2-2 से ड्रॉ करा लिया था।

2. ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराया: 1928/29 ऐशेज सीरीज

सीरीज के शुरुआती चार मैचों में इंग्लैंड का दबदबा देखने को मिला था और इंग्लैंड ने सीरीज के सभी शुरुआती मैच जीतने में कामयाबी पाई थी। मेहमान टीम आखिरी मैच जीतने की भी प्रबल दावेदार थी और इंग्लैंड ने पहली पारी में 519 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में कंगारू बल्लेबाजों के पास कुछ भी खोने को नहीं था और उन्होंने पहली पारी में 491 रन बनाए। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने इंग्लैंड को 257 रनों पर ढेर कर दिया। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 286 रनों का लक्ष्य था, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने अंत में स्कोर का सफल पीछा किया और सीरीज में एक मैच जीतने में कामयाब रही।

1. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया: 2003/04 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी

विदेशी सरजमीं पर भारत को सबसे यादगार और बेहतरीन जीत मिली ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर। हालांकि किसी ने भी ये नहीं सोचा था कि ऐसा होगा और पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया द्वारा बनाए गए पहाड़ से स्कोर 556 रनों के स्कोर को देखकर तो और भी नहीं। लेकिन भारतीय रणबांकुरों ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर जीत दिला दी। ऑस्ट्रेलिया के पहाड़ से स्कोर के जवाब में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के 233 रनों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 523 रन बनाए। वहीं अजीत अगरकर की धारदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 196 रनों पर ढेर कर दी, भारत को जीत के लिए दूसरी पारी में 230 रनों की दरकार थी और राहुल द्रविड़ एक बार फिर हीरो साबित हुए और दूसरी पारी में नाबाद 72 रन बनाकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिला दी।