5 मौके जब बल्लेबाज को मिले सबसे ज्यादा जीवनदान!
फोटो साभार: www.news18.com

हिंदी में एक कहावत है कि भाग्य हमेशा वीरों का साथ देता है। अगर इस बात को क्रिकेट के परिप्रेक्ष्य में देखें तो जब भी एक चर्चित खिलाड़ी को मैच में एक से ज्यादा जीवनदान मिले हैं। उसने उस मौके का फायदा उठाते हुए विपक्षी टीम की बखिया जमकर उधेड़ी है। क्रिकेट में बल्लेबाज को जीवनदान छूटे हुए कैच, छूटे हुए रन आउट और नो बॉल पर आउट होने पर मिलता है। क्रिकेट इतिहास ऐसे वाकयों से भरा पड़ा है जब बल्लेबाजों ने छूटे हुए कैच का फायदा उठाते हुए अपनी टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1. विराट कोहली:

5 Instances when batsmen got most lives during an inning
फोटो साभार: indianexpress.com

यह बात साल 2015 विश्व कप की है जब भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेला जा रहा था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 34 रनों के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद कोहली मैदान पर आए। बल्लेबाजी पर आने के कुछ ओवर बाद ही उन्होंने शाहिद अफरीदी की गेंद को हवा में खेल दिया। इसी बीच यासिर शाह डीप से दौड़कर कैच लेने के लिए आए, लेकिन दुर्भाग्य से वह इस कैच को मुकम्मल नहीं कर सके। [ये भी पढ़ें: ]

उस समय विराट कोहली महज 3 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे बाद में कोहली ने इस कैच का जमकर फायदा उठाया और पाकिस्तान के गेंदबाजों की जमकर बखिया उधेड़ी। यही नहीं इस पारी के दौरान कोहली को 76 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर भी जीवनदान मिला जब पाकिस्तानी विकेटकीपर ने हैरिस सोहेल की गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया। कोहली ने अंततः 107 रन ठोके और भारत के स्कोर को 300 तक पहुंचाया। ये दो जीवनदान पाकिस्तान के लिए महंगे साबित हुए और अंततः पाकिस्तान टीम 76 रनों से भारत के हाथों हार गई।

2. एरन फिंच:

5 Instances when batsmen got most lives during an inning
फोटो साभार: www.ambwallpapers.com

यह बात साल 2013/14 की है जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे श्रृंखला खेली जा रही थी। एक वनडे मैच में एरन फिंच ने 121 रनों की पारी खेलकर इंग्लैंड को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन ये पारी जीवनदान के कई दागों से भरी हुई थी। दरअसल, जब फिंच बल्लेबाजी कर रहे थे तो पारी के चौथे ओवर में ही फिंच का कैच का कैच गैरी बैलांस ने छोड़ दिया।

इस समय फिंच महज 4 रनों के कुल योग पर बल्लेबाजी कर रहे थे। यही नहीं कुछ ओवरों के बाद फिंच पर अंपायर की कृपा हो गई जब उन्हें lbw आउट नहीं दिया गया। इसके अलावा फिंच के बल्ले के कई बाहरी किनारे लगकर फील्डरों के आगे गिरते रहे। फिंच ने इन जीवनदानों का भरपूर फायदा उठाया और 121 रन ठोकते हुए इंग्लैंड के द्वारा दिए गए 270 रनों के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

3. वीरेंद्र सहवाग:

5 Instances when batsmen got most lives during an inning
फोटो साभार: thehindu.com

वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में 219 रन ठोककर क्रिकेट के गलियारों में सनसनी मचा दी थी। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि सहवाग कि यह पारी जीवनदानों से भरी हुई थी। पारी के 6ठवें ओवर में वह र आउट होने से बाल- बाल बचे थे जब वह आधी पिच पर रन लेने के लिए दौड़ पड़े थे। इसी बीच फील्डर स्टंप्स पर सही निशाना नहीं लगा पाए और वे बच गए।

वेस्टइंडीज को एक और मौका उन्हें आउट करने का मिला जब वह 77 रनों के कुल योग पर बल्लेबाजी कर रहे थे। लेकिन एक बार फिर से उके भाग्य ने उन्हें रन आउट होने से बचा लिया। सहवाग शायद ही अपना दोहरा शतक पूरा कर पाते क्योंकि जब वह 168 रनों के योग पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब डेरेन सैमी ने उनका आसान सा कैच छोड़ दिया था। इसके बाद सहवाग ने कोई मौका नहीं दिया और 219 रन ठोक डाले।

4. सचिन तेंदुलकर:

5 Instances when batsmen got most lives during an inning
फोटो साभार: Getty Images

सचिन तेंदुलकर के लिए साल 2011 का विश्व कप तो बहुत बढ़िया रहा लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइल मुकाबले में सचिन तेंदुलकर पूरे मैच में परेशान नजर आए और उनके लगातार पांच कैच छूटे। सचिन की इस दौरान एक स्टंपिंग भी छूटी। इन सभी जीवनदानों का सचिन ने खूब फायदा उठाया और 85 रन बना गए। अंततः भारत ने 260 रन बनाए और टीम इंडिया मैच 29 रनों से जीत गई।

5. लेंडल सिमंस:

5 Instances when batsmen got most lives during an inning
फोटो साभार: indianexpress.com

यह वाकया टी20 विश्व कप 2016 का है। सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज और इंडिया की टीमें भिड़ीं। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने अपने शुरुआती दो विकेट 19 रनों पर गंवा दिए थे। ऐसे में बल्लेबाजी करने आए लेंडल सिमंस ने चौके- छक्के मारना शुरू किए।

लेकिन इसी बीच रविचंद्रन अश्विन ने उन्हें कैच आउट करा दिया। लेकिन ये गेंद नो बॉल हो गई। यही नहीं दो और मौकों पर भी सिमंस नो बॉल के कारण नॉट आउट रहे। अंततः सिमंस ने 82 रन ठोके और वेस्टइंडीज की 7 विकेट से जीत में एक अभिन्न भूमिका निभाई।