पांच मौके जब विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को उकसाकर पछताए क्रिकेटर्स
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क्रिकेट को जेंटलमेन गेम के रूप में जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में फटाफट क्रिकेट के आने के बाद से क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच गर्मा गर्मी होना आम बात हो गई है। यही नहीं क्रिकेटर अक्सर विपक्षी टीम के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को बौना साबित करने के लिए मैच के पहले ऐसे बयान दे जाते हैं जो अक्सर क्रिकेटप्रेमियो के गले नहीं उतरते। वहीं क्रिकेटर मैदान पर भी बल्लेबाजों को उकसाने के लिए हमेशा कोई ना कोई खुराफात करने की योजना गढ़ते रहते हैं। कालांतर में कई बल्लेबाजों ने गेंदबाजों की बदजुबानी का ऐसा जवाब दिया कि गेंदबाजों के पास पछताने के सिवाय और कुछ हाथ नहीं लगा। तो आइए हम आपको ऐसे ही कुछ वाकयों के रूबरू कराते हैं।

1. युवराज सिंह बनाम एंड्रयु फ्लिंटॉफ: साल 2007 टी20 विश्व कप में भारत के युवराज सिंह ने 6 गेंदों में 6 छक्के जड़कर क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी थी। साथ ही हर कोई जानता है कि युवराज ने वे 6 छक्के किस तैश में आकर मारे थे। दरअसल स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर से पहले युवराज और फ्लिंटॉफ के बीच कहा- सुनी हो गई थी और अगले ही ओर में युवराज ने अपने गुस्से का जमकर गुबार निकाला था।

युवराज ने बात में फ्लिंटॉफ के साथ हुई अपनी पूरी बात एक इंटरव्यू में बताई थी। उन्होंने बताया था, “फ्लिंटॉफ ने कहा कि वे बेहद खराब शॉट्स थे, चूंकि मैंने फ्लिंटॉफ को पिछले ओवर में दो चौके जड़े थे। मैंने कहा…****। उसने कहा क्या? मैंने कहा जो मैंने कहा वो तुमने सुना? उसने कहा कि मैं तुम्हारा गला काट दूंगा। मैंने कहा तुम मेरे हाथ में ये बैट देख रहे हो। तुम जानते हो मैं इससे तुम्हें कहां मारने वाला हूं।” युवराज ने आगे बताया, “यह मेरे लिए वास्तव में काम कर गया। मैं बहुत गुस्से में था और गेंद को बाउंड्री के बाहर मारना चाहता था। और वही हुआ।”

2. सचिन तेंदुलकर बनाम एंड्रयु कैडिक: यह बात साल 2003 विश्व कप की है भारत और इंग्लैंड के बीच मैच खेला जाना था। मैच की पूर्व संध्या पर जब इंग्लैंड के तेज गेंदबाज एंड्रयु कैडिक से सचिन तेंदुलकर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “भले ही सचिन के नाम कई शतक हों, लेकिन वह अच्छा नहीं खेलते। सचिन भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाजों की ही तरह है। उनके तरह भारतीय टीम में कई अन्य बल्लेबाज भी हैं।”

मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी की और सचिन तेंदुलकर ने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए 52 गेंदों में 50 रन बनाए। सचिन ने इस दौरान कुल 8 चौके और एक छक्का जड़ा। यह छक्का सचिन ने कैडिक की ही गेंद पर जड़ा था जो स्टेडियम की छत पर जाकर गिरा था।

इस तरह भारत ने 250 रन बनाए और अंततः 82 रनों से मैच जीत लिया। गौर करने वाली बात ये रही कि एंड्रयु कैडिक जो भारतीय बल्लेबाजों और सचिन पर तोहमत लगा रहे थे वे इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा महंगे साबित हुए और उन्होंने 10 ओवरों के कोटो में 69 रन दे डाले। इस तरह कैडिक का बड़बोलापन उन्हें उनकी टीम को भारी पड़ गया।

3. स्टीवन स्मिथ बनाम इंग्लैंड:

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यह बात साल 2015 एशेज सीरीज की है। सीरीज शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ ने कहा कि एशेज सीरीज में इंग्लैंड कभी भी उनके आस पास नहीं आ सकती। चूंकि, उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत को टेस्ट सीरीज में 4-0 से हराने व विश्व कप जीतने के बाद पूरे शबाब पर थी। ऐसे में स्टीवन स्मिथ के मुंह से ये बयान निकला। लेकिन इस सीरीज में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को नाकों चने चबवाने पर मजबूर कर दिया साथ ही स्टीवन स्मिथ भी पूरी सीरीज में फीके नजर आए। अंततः इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से एशेज सीरीज में हरा दिया और इस तरह स्टीवन स्मिथ का बड़बोलापन उन्हें भारी पड़ गया।

4. एबी डीविलियर्स बनाम इंग्लैंड:

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इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई टेस्ट मैच सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज एबी डीविलियर्स तीन बार लगातार शून्य के स्कोर पर आउट हुए। यह एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड एबी के नाम से जुड़ा जिसे वह कभी भी अपने नाम के साथ जुड़ता नहीं देखना चाहते थे।

हालांकि इस टेस्ट की शुरुआत के दौरान डीविलियर्स काफी विश्वास में नजर आए थे। उन्होंने कहा था, “इंग्लैंड की गेंदबाजी में अनुभव है, लेकिन कुछ गेंदबाजों( जेम्स एंडरसन की ओर इशारा करते हुए) ने पिछले कुछ सालों में अपना पेस खो दिया है, लेकिन वे चतुर और कुशल हैं तो ऐसे में किसी दूसरे एंगल को कवर करने की जरूरत नहीं है।

लेकिन वे अजेय तो बिल्कुल नहीं हैं, इसमें कोई शक नहीं है।” एबी को अपने बयान का करारा जवाब उस वक्त मिला जब इंग्लैंड ने उनकी बल्लेबाजी को बौना साबित करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 4 टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 से हरा दिया।

5. जब ग्लेन मैक्सवेल को केन विलियम्सन ने दिया जवाब:

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यह बात साल 2015 विश्व कप के ग्रुप मैच की है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें एक- दूसरे के आमने- सामने थीं। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 151 रनों पर ढेर हो गई। जवाब में ब्रेंडन मैकलम ने न्यूजीलैंड को धमाकेदार शुरुआत दी, लेकिन मैकलम के आउट होने के बाद न्यूजीलैंड के विकेट एक के बाद एक गिरने लगे।

इसका पूरा श्रेय ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को गया। ऐसे में न्यूजीलैंड ने एक समय 146 रनों पर अपने 9 विकेट गंवा दिए। इसी वक्त ग्लेन मैक्सवेल ने स्टैंड्स में बैठे न्यूजीलैंड के दर्शकों की ओर इशारा किया कि आपलोग तो मैच हा चुके हैं। इसके कुछ देर बाद ही मिचेल मार्श की गेंद पर छक्का जड़कर केन विलियमसन ने न्यूजीलैंड को 1 विकेट से जीत दिला दी। इस तरह मैक्सवेल अपना सा मुंह लेकर रह गए।