टेस्ट क्रिकेट को वनडे और टी20 के मुकाबले धीमी बल्लेबाजी वाला प्रारूप माना जाता है लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि यह फॉर्मेट ऐसे बल्लेबाजों से अछूता है जिन्होंने तेज गति से रन बनाने में कीर्तिमान स्थापित न किए हों। अगर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास को खंगालकर देखें तो इस फॉर्मेट में तेज बल्लेबाजी का दौर बीच-बीच में उफान लेता रहा है। परंतु साल 2000 के बाद इस फॉर्मेट में तेज बल्लेबाजी करना तो जैसे फैशन बन गया। इसी देखा देखी में कई रिकॉर्ड बने तो कई नेस्तनाबूद हुए। इस दौर की आतिशी बल्लेबाजी का ही असर था कि इन्हीं सालों में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा ने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 400* रन बनाकर पूरे विश्व क्रिकेट को स्तब्ध कर दिया। परंतु ब्रायन लारा के अलावा कई ऐसे बल्लेबाज हुए जिन्होंने टेस्ट मैचों में तेज बल्लेबाजी के झंडे गाड़े। इन सालों में कई बार बल्लेबाजों ने एक दिन में 200 या उससे अधिक रन बनाए। आइए ऐसे ही कुछ चुनिंदा बल्लेबाजों पर नजर डालते हैं।

1. डॉन ब्रेडमेन:

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टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफलतम बल्लेबाज डॉन ब्रेडमेन अपने समय के सबसे आतिशी बल्लेबाजों में से एक हैं। डॉन ब्रेडमेन ने तूफानी बल्लेबाजी के भी कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। साल 1930 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एक मैच में ब्रेडमेन ने एक दिन में ही 309 रन बना दिए थे। गौर करने वाली बात यह है कि यह रिकॉर्ड आजतक तोड़ा नहीं जा सका है। ये देखना दिलचस्प होगा कि इस टी20 के दौर में कौन बल्लेबाज इस पहाड़ जैसे दिखने वाले रिकॉर्ड को तोड़ने में कामयाब हो पाता है। डॉन ब्रेडमेन ने इसके अलावा दो और मौकों पर एक दिन में 200 से ज्यादा रन बनाए हैं।

2. भारत के वीरेंद्र सहवाग:

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वीरेंद्र सहवाग ने साल 2004 में मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ पहले दिन बल्लेबाजी करते हुए 271 गेंदों में 228 रन ठोंक दिए थे। सहवाग अगले दिन बल्लेबाजी के लिए आए और वे 375 गेंदों में 309 रन बनाकर मोहम्मद समी का शिकार हुए। भारत ने यह टेस्ट एक पारी और 52 रनों से जीत लिया। वहीं दूसरा इसी तरह का कारनामा सहवाग ने साल 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकम्मल किया था।

टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 540 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया जवाब में खेल के तीसरे दिन के नाबाद 52 रनों से आगे खेलते हुए सहवाग ने चौथे दिन 257 रन ठोंक डाले और वह मैच के चौथे दिन 319 रन बनाकर आउट हुए। सहवाग ने इस दौरान स्टेन, नतिनी, मोर्केल और कैलिस जैसे बेहतरीन गेंदबाजों को जमकर धोया। बाद में यह मैच ड्रॉ हो गया। सहवाग ने तीसरा इसी तरह का कारनामा श्रीलंका के खिलाफ साल 2009 में मुकम्मल किया था। सहवाग ने श्रीलंका के खिलाफ एक दिन में 284 रन बनाए थे जो टेस्ट मैच में एक दिन में बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। सहवाग के पहले एक दिन में सर्वाधिक स्कोर डॉन ब्रेडमेन(309) और और विली हैमंड(295) के नाम है।

3. हर्षल गिब्स के तूफान के आगे पस्त हुई पाकिस्तानी टीम:

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दक्षिण अफ्रीका के धुआंधार सलामी बल्लेबाज हर्षल गिब्स ने 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ केपटाउन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में एक दिन में धुआंधार 228 रन(240 गेंदों) में बनाए और इस दौरान उन्होंने वकार युनुस और सकलेन मुश्ताक जैसे अनुभवी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। गिब्स की तूफानी बल्लेबाजी के कारण दक्षिण अफ्रीका ने 620 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया और मैच को एक पारी और 142 रनों के भारी अंतर से जीता। गिब्स ने अपनी तूफानी में 29 चौके और 6 छक्के लगाए। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली।

4. लारा के तूफान के आगे उड़ा इंग्लैंड:

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वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा ने मार्च 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली और मैच के दूसरे दिन 227 रन ठोंक दिए। लारा इस मैच में अंत तक नॉट आउट रहे और उन्होंने 400 रनों का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। लारा के इस तूफान की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहली पारी 5 विकेट 751 रनों पर घोषित कर दी। साथ ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भी बेहतरीन गेंदबाजी की और इंग्लैंड की पहली पारी को मात्र 285 रनों पर समेट दिया। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को फॉलोआन खेलने के लिए बुलाया। लेकिन खेल के अंतिम दिन माइकल वॉन टिक गए और उन्होंने बेहतरीन शतक(140*) लगाया और इस तरह वह इस टेस्ट मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब रहे।

5. नाथन एस्टल के तूफानी 200 रन:

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सन् 2002 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच क्राइसचर्च में खेले गए टेस्ट मैच को न्यूजीलैंड के बल्लेबाज नाथन एस्टल के तूफानी 200 रनों के लिए याद किया जाता है। एक वक्त संकट में घिरी नजर आ रही न्यूजीलैंड टीम को चौथी पारी में जीत के लिए 500 से ज्यादा रनों की दरकार थी। ऐसे में एस्टल ने धमाकेदार बल्लेबाजी की और टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक 153 गेंदों में ठोक दिया। देखने वाली बात यह थी कि एस्टल ने अपने दूसरे 100 रन मात्र 39 गेंदों में मुकम्मल किए थे जो आज के हिसाब से टी20 मैचों की बल्लेबाजी स्टाइल दर्शाती है। एस्टल अंत में 222 रन बनाकर आउट हुए और टीम न्यूजीलैंड 451 रनों पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड जो एक समय करारी हार की कगार पर खड़ी नजर आ रही थी अब 68 रनों से मैच हार चुकी थी। एस्टल ने खेल के एक ही दिन में 222 रनों को मुकम्मल किया। आज तक एस्टल के इस रिकॉर्ड को तोड़ा नहीं जा सका है।

टेस्ट क्रिकेट में एक दिन में 200 रन बनाने का कारनामा कुल 47 बार मुकम्मल किया जा चुका है। साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक दिन में 244 रन ठोंककर इस सूची में 46वें खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज करवाया था। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि इस सूची में शामिल होने वाला 47वां क्रिकेटर कौन होता है।

(नोट: इस सूची में उन बल्लेबाजों की पारियों को शामिल किया गया है जिनकी पारियों का मैच के परिणाम व व्यक्तिगत स्कोर में एक महत्व है)