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68 गेंद, 27 रन और छह विकेट- गुवाहाटी में भारत ने कैसे गंवा दिया मौका- अब चमत्कार ही बचा सकता है

गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत ने कैसे मैच में अपनी पकड़ ढीली कर दी. कहां भारतीय टीम सही रास्ते पर जाते-जाते पटरी से उतर गई.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 25, 2025 12:41 PM IST

साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में हारने के बाद गुवाहाटी में टीम इंडिया से पलटवार की उम्मीद थी. लेकिन यहां भी तस्वीर वैसी ही नजर आ रही है. पहली पारी में साउथ अफ्रीका ने 489 रन बनाए. लगा पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है. और भारत भी तेजी से बड़ा स्कोर बनाकर साउथ अफ्रीका को करारा जवाब देगा. तैयारी भी वैसी ही हुई. लेकिन इसके बाद लगातार विकेट गिरे. और पूरी भारतीय टीम सिर्फ 201 रन पर सिमट गई. नतीजा साउथ अफ्रीका को बड़ी बढ़त.

पर, आखिर भारतीय पारी रास्ते से भटक कैसे गई. विकेट में ऐसा कुछ खास नजर नहीं आया. ज्यादातर सवाल भारतीय बल्लेबाजों के रवैये के इर्द-गिर्द ही घूमते नजर आ रहे हैं. फिर चाहे वह ऋषभ पंत का शॉट हो या फिर मार्को यानसन के सामने भारतीय बल्लेबाजों का ढहना.

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पिछले मैच में भारतीय बल्लेबाज सिमोन हार्मर की स्पिन के सामने असहाय दिखे. और यहां यानसन की पेस ने भारत को बैकफुट पर रखा. कुल मिलाकर न फिरकी के सामने कदम और बल्ला चला और न ही रफ्तार के सामने किसी तरह की कामयाबी हासिल हुई. और इसके नतीजे में जो हुआ, वह हमारे-आपके सामने है.

ऐसा नहीं है कि गुवाहाटी में भारतीय बल्लेबाजी की हालत शुरू से खराब रही. यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने शुरुआत अच्छी की. पहले विकेट के लिए दोनों ने 65 रन जोड़े. रन बन रहे थे और विकेट ऐसा मुश्किल नहीं दिख रहा था कि जिस पर खड़ा भी न हुआ जा सके. इसके बाद साई सुदर्शन और जायसवाल ने भी 30 रन जोड़ लिए. लेकिन यहीं से बाजी पलटनी शुरू हुई. और शुरू हुई 65 गेंदों का वह सफर जिसमें एक के बाद एक विकेट गिरे और रन बनने पर ब्रेक लग गए.

भारत का दूसरा विकेट 32.2 ओवर में 95 के स्कोर पर गिरा. यहां यशस्वी जायसवाल 58 रन बनाकर लौटे. और फिर फिसलन भरी सड़क पर दौड़ते लोगों की तरह भारतीय बल्लेबाजी का हाल हुआ. 34.3 ओवर में 96 के स्कोर पर सुदर्शन. 35.3 ओवर में 102 के स्कोर पर ध्रुव जुरेल, 37.2 ओवर में 105 के स्कोर पर कप्तान ऋषभ पंत, 119 के स्कोर पर 41.4 ओवर में नीतीश कुमार रेड्डी और फिर 122 के स्कोर पर 43.3 ओवर में रविंद्र जडेजा आउट हुए.

यानी 95 से 122 के 27 रन के फासले में भारत ने 68 गेंद के दरमियान कुल 7 विकेट खोए. और यहीं से साउथ अफ्रीका ने मैच को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया. विकेटों के इस पतझड़ को काफी हद तक संभाला कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर की जोड़ी ने धीमे-धीमे ही सही रन बनाए. 43.3 ओवर से लेकर 78.1 ओवर यानी 34.4 ओवर तक यह जोड़ी क्रीज पर रही. लीगल रूप से देखें तो 208 गेंद तक ये दोनों जमे रहे. और 72 रन जोड़े. हालांकि तब तक नुकसान हो चुका था. मिडल-ऑर्डर के यूं ढहने से भारत एक बार फिर बैकफुट पर था. भारत पहली पारी में ही 288 रन से पिछड़ा और यहां से उसके लिए वापसी करना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा.