कभी टीन के घर में रहता था ये क्रिकेटर, अब है करोड़पति
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सही कहते हैं कि इंसान की किस्मत कब पलट जाए कुछ कहा नहीं जा सकता बस जरूरत है तो पूरी लगन और मेहनत की। इस कहावत को सही मायनों में चरितार्थ किया है राजस्थान के क्रिकेटर नाथू सिंह ने। नाथू सिंह को आईपीएल-9 में मुंबई इंडियंस ने 3.2 करोड़ रुपए की मोटी रकम देकर खरीदा था जिसके बाद वह रातों- रात हीरो बनकर उभरे। लेकिन नाथू के लिए यह सफर कभी भी आसान नहीं रहा और यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपने पिता के साथ फैक्ट्री में तक काम किया जहां उन्हें सात हजार रुपए महीने वेतन मिलती थी। नाथू सबसे पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अपने पहले ही रणजी मैच में सात बल्लेबाजों को आउट किया था।

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नाथू एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। नाथू आईपीएल में आने से पहले टीन शेड से बने घर में रहते थे। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया था कि बचपन में उनके पिता फैक्ट्री जाते थे तो वो खेलने निकल जाते थे। उनके क्रिकेट के प्रति रुझान को देख कर पिता ने उनका क्रिकेट क्लब में एडमिशन कराया। चूंकि, उस समय नाथू सिंह की उम्र काफी छोटी थी तो उनके पिता ही उन्हें क्रिकेट क्लब तक ले जाया करते थे। इस दौरान वह क्लब कभी सिटी बस में तो कभी साइकिल से जाते थे।

नाथू सिंह के पिता पिछले 30 सालों से फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे हैं। राजस्थान में टोंक के एक गांव में रहने वाले नाथू सिंह के पिता पहले खेती करते थे लेकिन इतने कम पैसों से परिवार का गुजर- बसर नहीं हो पा रहा था। इसीलिए उन्होंने मजबूरन फैक्ट्री में काम करना शुरू किया। नाथू सिंह 140 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी कर सकते हैं, यहां तक कि वे 145 कि.मी./घंटा की रफ्तार को भी कई मर्तबा छू चुके हैं।

राजस्थान टीम के तेज गेंदबाज नाथू सिंह ने अपने पहले रणजी मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर सहित 7 बल्लेबाजों को पैवेलियन लौटाया था। इसके बाद ही प्रभावित होकर भारतीय टीम के चयनकर्ता संदीप पाटिल ने उन्हें अभ्यास मैच के लिए सिलेक्ट कर लिया। पाटिल ने कहा था कि मुझे इस खिलाड़ी में चमक नजर आती है। इस साल आईपीएल में नाथू को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। लेकिन जब भी उन्हें मौका मिलेगा वह अपना सबकुछ झोंकने को तैयार हैं।