क्रिकेट मैदान के पांच सबसे बड़े विवाद
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क्रिकेट को वैसे तो जेंटलमेन गेम कहा जाता है। लेकिन क्रिकेटर कई दफे जीत के लिए व अपने आपको साबित करने के लिए ऐसे-ऐसे हथकंडे आजमाते हैं कि विपक्षी टीम के खिलाड़ी ही नहीं मैदान में बैठे दर्शक भी भौंचक्के रह जाते हैं। ऐसे ही कुछ चुनिंदा वाकए हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं जहां क्रिकेटरों ने मैदान में कई ओछी हरकतें की और उनकी वे हरकतें क्रिकेट इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गईं।

1. ‘अंडरआर्म 1981’ क्रिकेट का एक शर्मनाक दिन: अंडरआर्म 1981 को क्रिकेट के काले दिन के नाम से जाना जाता है। इस घटना की गवाह बनी 1981 में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज। इस सीरीज के पहले दो मैचों में से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने एक-एक मैच जीतकर सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली थी।

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सीरीज का अंतिम मैच सीरीज का निर्णायक मैच था और दोनों टीमों ने इस मैच में जीत के लिए अपनी जी जान लड़ा दी। मैच के अंतिम छड़ों में न्यूजीलैंड को मैच को टाई कराने के लिए 1 गेंद में 6 रनों की जरूरत थी। इस ओवर को ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ग्रेग चैपल के भाई ट्रेवर चैपल डाल रहे थे। ग्रेग को यह अंदेशा था कि कहीं ट्रेवर अंतिम गेंद में छक्का ना खा जाएं। उन्होंने ट्रेवर को आदेश दिया कि वह अंडरआर्म(जमीन में लुढ़कती गेंद) गेंद फेंके। ट्रेविस ने वैसा ही किया ताकि बल्लेबाज किसी भी हालत में छक्का ना लगा पाए। ट्रेवर की इस कायरता भरी गेंद ने न्यूजीलैंड क्रिकेटरों को गुस्से से भर दिया उनमें से एक क्रिकेटर ने तो मैदान पर ही बल्ला पटक दिया।

हालांकि क्रिकेट के इस काल में अंडरऑर्म गेंद को अनुमति थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के इस कायरता भरे खेल की पूरे क्रिकेट जगत में खूब थू-थू हुई। क्रिकेट मैच के बाद में यह भी खबरें सुनने को मिली कि जब ग्रेग ने यह निर्णय लिया तो कमेंट्री कर रहे उनके बड़े भाई इयान चैपल ने ग्रेग से कहा था, ‘नहीं ग्रेग तुम ऐसा नहीं कर सकते।’ लेकिन शायद ग्रेग के सिर पर जीत का भूत सवार था और वह इस मैच को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहते थे और उन्होंने इसके लिए बदनामी को गले लगा लिया। बाद में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के इस खेल की न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में आलोचना की साथ ही ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी इसकी निंदा की।

2. जब शेन वॉटसन को रसेल ने बनाया मूर्ख: क्रिकेटर कभी-कभार अपनी सफलता को लेकर इतने उतावले हो जाते हैं कि उन्हें इस बात का भी भान नहीं रहता है कि जो वह कर रहे हैं वह सही है या गलत। एक ऐसा ही वाकया आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता के बीच खेले गए मैच में घटा। राजस्थान के बल्लेबाज शेन वॉटसन बैटिंग कर रहे थे और गेंदबाजी कर रहे थे आंद्रे रसेल।

आंद्रे रसेल अपने गेंदबाजी छोर से गेंद फेंकने को आगे बढ़े और बीच में लगभग रुक से गए जिसे देख शेन वॉटसन को लगा कि शायद गेंदबाज ने अपना रिदम खो दिया है, लेकिन इसी बीच एक दम से रसेल ने आकर गेंद डाल दी। रसेल कि इस अजीबो गरीब गेंदबाजी को देखकर वॉटसन ठगे से रह गए और उन्होंने इसकी अंपायर से शिकायत की। लेकिन अंपायर ने इस गेंद पर कोई एक्शन नहीं लिया। मैच में कमेंट्री कर रहे हर्षा भोगले, गेंद का सामना करने के बाद वॉटसन का तमतमाया हुआ चेहरा देखकर खूब हंसे। हालांकि रसेल ने उसके बाद ऐसा वाकया फिर कभी नहीं दोहराया।

3. जब मैक्ग्रेथ ने फेंकी अंडरआर्म गेंद!: ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाजों में से एक ग्लेन मैक्ग्रेथ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टी20 मैच में अंडरआर्म गेंद फेंकने का प्रयास किया था। यह बात ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे टी20 मैच की है जब न्यूजीलैंड को मैच की अंतिम गेंद में 45 रनों की दरकार थी।
ऐसे में मैक्ग्रेथ ने छोटा रनअप लेकर अंडरआर्म गेंद फेंकने की जुर्रत की। हालांकि मैक्ग्रा के द्वारा किया गया यह एक मजाक मात्र था, लेकिन फील्ड अंपायर बिली बोडेन मैक्ग्रेथ कि इस ओछी हरकत पर तुरंत हरकत में आए और उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में मैक्ग्रेथ को रेड कार्ड दिखा दिया। क्रिकेट में यह पहला वाकया था जब किसी खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखाया गया था।

4. रामदीन का विवियन रिचर्ड्स को करारा जवाब: वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश रामदीन ने भले ही अपने खेल से क्रिकेट के मैदान पर झंडे ना गाड़े हों लेकिन वह विवादों में कई बार अपना नाम कमा चुके हैं। 2012 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही क्रिकेट सीरीज रामदीन की एक ओछी हरकत की गवाह बनी। दरअसल रामदीन उस समय खराब फॉर्म में चल रहे थे और वह रन स्कोर करने में अक्षम महसूस कर रहे थे। नतीजतन उनकी पूर्व क्रिकेटर विवियन रिचर्डस ने खूब आलोचना की। लेकिन ट्रेंटब्रिज टेस्ट में रामदीन ने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और शतक लगाया। शतक के बाद रामदीन ने अपने जेब से एक कागज निकाला जिसमें लिखा था, ‘विवियन रिचर्डस, अब कुछ कहिए’। रामदीन के द्वारा इस तरह से एक वरिष्ठ क्रिकेटर की आलोचना का जवाब देने पर उनके बैन होने तक की नौबत आ गई। लेकिन बाद में मामला सुलझ गया।

5. जब किरोन पोलार्ड ने मुंह पर लगाई टेप: वेस्टइंडीज के किरोन पोलार्ड मैदान में लंबे-लंबे शॉट्स लगाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन आईपीएल के एक मैच में उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसने क्रिकेट जगत को सकते में डाल दिया। यह बात आईपीएल 2015 की है जब मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच मैच खेला जा रहा था।

फोटो साभार: worldonurscreen.com
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इसी बीच पोलार्ड की फील्ड अंपायर से झिकझिक हो गई और उन्होंने अपने मुंह पर टेप लगा ली। दरअसल पोलार्ड की आरसीबी के बल्लेबाज क्रिस गेल से मैदान पर कहा सुनी हो गई थी जिसके बाद फील्ड अंपायर ने उन्हें शांत होने को कहा और पोलार्ड ने अपना विरोध जाहिर करते हुए अपने मुंह पर टेप ही लगा ली। हालांकि बाद में उन्होंने यह टेप हटा ली। क्रिकेट के मैदान में स्लेजिंग के पक्ष में इस प्रकार की प्रतिक्रिया पहली बार देखने को मिली। मैच के बाद पोलार्ड के इस व्यवहार की की पूर्व क्रिकेटरों ने आलोचना भी की।