© AP & Getty Images  & AFP
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भारतीय क्रिकेट टीम में कभी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं रही लेकिन टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के होते हुए भी क्यों किसी भी विशेष खिलाड़ी को ही कप्तानी की जिम्मेदारी सौपीं गई। आप सोच रहे होंगे जाहिर सी बात है कि जिस खिलाड़ी के अंदर कप्तानी की योग्यता होगी उसे ही कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई होगी। आप का सोचना बिल्कुल ठीक है, लेकिन भारतीय टीम की कप्तानी के पीछे एक रोमांचक संयोग(कोइंसीडेंस) भी है। जिस भी भारतीय खिलाड़ी ने एकदिवसीय क्रिकेट में 183 रनों की पारी खेली वो भारतीय टीम का कप्तान बना और हां वो सिर्फ कप्तान ही नहीं बनता बल्कि एक सफल कप्तान बनता है। तो आइए आपको बताते हैं ऐसे भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जिनको 183 रनों की पारी खेलने के बाद भारतीय टीम के कप्तान बने।

1. सौरव गांगुली:

सौरव गांगुली ने 183 रनों के इस अनोखे संयोग की शुरूआत की थी © Getty Images
सौरव गांगुली ने 183 रनों के इस अनोखे संयोग की शुरूआत की थी © Getty Images

‘बंगाल टाइगर’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी में 1999 विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ टांटन में 183 रनों की पारी खेली थी। कुछ समय बाद ही सौरव गांगुली को भारतीय टीम का कप्तान बना दिया गया। सौरव गांगुली ने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए टीम को नई ऊचाईयों तक पहुंचाया। गांगुली की कप्तानी में ही हरभजन सिंह, युवराज सिंह, महेन्द्र सिंह धोनी जैसी प्रतिभाएं उभर कर आई।

गांगुली ने अपने कुशल नेतृत्व से ना सिर्फ वनडे मैचों में बल्कि टेस्ट मैचों में भी सफलता दिलाई। गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने विदेशी दौरों पर लगातार जीतने का सिलसिला शुरू किया। अपनी आक्रामक कप्तानी के लिए मशहूर गांगुली ने नेटवेस्ट ट्रॉफी में इंग्लैंड पर जीत हासिल करने के बाद अपनी टी शर्ट निकाल कर उसे लहराते हुए अपनी भावनाओं का इजहार किया।

2. महेन्द्र सिंह धोनी:

 महेन्द्र सिंह धोनी दूसरे ऐसे बल्लेबाज बने जो 183 रन बनाने के बाद भारत के कप्तान बने © AFP
महेन्द्र सिंह धोनी दूसरे ऐसे बल्लेबाज बने जो 183 रन बनाने के बाद भारत के कप्तान बने © AFP

महेन्द्र सिंह धोनी ने भी 31 अक्टूबर 2005 को सवाई मान सिंह स्टेडियम जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की पारी खेलकर स्टार बन गए थे। इसके दो साल बाद धोनी को भारतीय टीम के नेतृत्व की जिम्मेदारी दे दी गई। धोनी ने इस जिम्मेदारी को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया और भारत के सबसे सफल कप्तान बने।

कप्तान के रूप में उन्होने सबसे पहले 2007 टी20 विश्व कप पर कब्जा जमाया तो 2011 में वनडे विश्व कप में भी भारत को विश्व विजेता बनाया। धोनी भारत के ऐसे एकलौते कप्तान भी हैं जिन्होने अपनी कप्तानी में सभी आईसीसी खिताब जीते हैं। धोनी के पास कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा जीत का भारतीय रिकॉर्ड भी है।

3. विराट कोहली:

विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 183 रनों की पारी खेली और मौजूदा समय में टेस्ट टीम के कप्तान हैं © AP
विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 183 रनों की पारी खेली और मौजूदा समय में टेस्ट टीम के कप्तान हैं © AP

सौरव गांगुली और महेन्द्र सिंह धोनी के बाद विराट कोहली ने भी वनडे में 183 रनों की पारी खेली। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2012 में 148 गेंदों पर 183 रनों की पारी खेली। इसके बाद विराट ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा और एक-एक कर क्रिकेट की दुनिया के कीर्तिमान अपने नाम करते गए। 2014-15 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीसरे टेस्ट में धोनी के संन्यास लेने के बाद विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान चुना गया। तब से अब तक खेले गए 10 टेस्ट मैचों में विराट ने 5 में टीम को जीत दिलाई है।

मौजूदा भारतीय वनडे टीम की बागडोर अभी भी धोनी के हाथों में ही है लेकिन धोनी के रिटायर होने के बाद विराट कोहली का कप्तान बनना तय है। हालांकि वनडे में अब तक धोनी की अनुपस्थिति में विराट ने 17 मैचों में कप्तानी की है और इन 17 मैचों में 14 में भारतीय टीम को जीत हासिल हुई है तो हम कह सकते है कि भविष्य में विराट भी 183 की परंपरा को जारी रखते हुए भारत के सबसे सफल कप्तान बनेंगे।