विराट कोहली के लिए कुछ खास है 21 जुलाई
विराट कोहली के लिए 21 जुलाई एक खास संयोग लेकर आता है, इस दिन विराट कोहली का बल्ला कुछ अनोखा करता है
Published On Oct 29, 2016, 03:06 PM IST
Last UpdatedOct 29, 2016, 03:06 PM IST
फोटो साभार: Getty Images
क्रिकेट में कुछ अजीबोगरीब संयोग देखने को मिलते हैं, जैसे भारतीय टीम के जिन खिलाड़ियों ने वनडे में 183 रनों की पारी खेली वो आगे चल कर टीम इंडिया के कप्तान बने। सौरव गांगुली, महेन्द्र सिंह धोनी और विराट कोहली इसका उदाहरण हैं। मगर विराट कोहली के साथ एक और अनोखा जुड़ता है। ये संयोग उनके 12वें शतक से संबंधित है। तो आइए जानते हैं विराट कोहली के इस अनोखे संयोग के बारे में जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ।
21 जुलाई 2012 वनडे का 12वां शतक:

21 जुलाई विराट कोहली के लिए हमेशा खास रहेगा। विराट कोहली ने इसी दिन वनडे क्रिकेट में अपने करियर का 12वां शतक जमाते हुए भारत को जीत दिलाई थी। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम के लिए विराट कोहली ने 106 रनों की पारी खेली और टीम का स्कोर 314 पहुंचा कर श्रीलंकाई टीम के सामने 315 रनों का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 293 रन ही बना सकी और टीम इंडिया ने ये मैच 21 रनों से जीत लिया था। विराट कोहली के लिए यह शतक इसलिये भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इस पारी के बाद उनको विश्व क्रिकेट में वो सम्मान मिलने लगा जिसके वो हकदार थे। इस शतकीय पारी के बाद विराट कोहली एक युवा बल्लेबाज से एक परिपक्व बल्लेबाज बन गए।
21 जुलाई 2016 टेस्ट क्रिकेट का 12वां शतक:

वनडे क्रिकेट में 12वां शतक लगाने के ठीक 4 साल बाद विराट कोहली के लिए 21 जुलाई एक बार फिर से खुशियों की सौगात लाया। विराट कोहली ने 21 जुलाई 2016 को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का 12वां शतक जमाया। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का अंबार लगा रहे विराट कोहली के लिए ये शतक कुछ ज्यादा ही खास रहा क्योंकि इस शतक को उन्होंने अपने करियर के पहले दोहरे शतक में तब्दील किया और पहली पारी में 566 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया। इस पहाड़ सरीखे लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज टीम दोनों पारियों में भी इस स्कोर को ना पा सकी और भारतीय टीम को एक पारी और 92 रनों की जीत मिली।

टेस्ट करियर का 12वां शतक विराट कोहली के लिए इसलिये भी खास रहा क्योंकिं उन्होंने इस पारी से उन सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया, जो विराट कोहली को टेस्ट मैचों में कमतर आंक रहे थे। इस दोहरे शतक के साथ ही विराट कोहली ने खुद को एक बेहतर टेस्ट बल्लेबाज साबित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया। इसके अलावा विराट कोहली की 200 रनों की ये पारी कप्तान के तौर पर विदेशी जमीन पर किसी भारतीय कप्तान द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर भी है।
तो देखा आपने कि विराट कोहली के करियर का ये अनोखा संयोग उनके लिए किस तरह यादगार पल लेकर आया। विराट कोहली अपने करियर में चाहे जितने रिकॉर्ड बना ले, चाहे जितने रिकॉर्ड तोड़ ले। विराट कोहली के करियर में 21 जुलाई हमेशा यादगार रहेगा।