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Bodyline Series: क्रिकेट इतिहास की सबसे विवादित सीरीज, जिसने कई नियमों को बदल दिया, लगे कई प्रतिबंध

इंग्लैंड की तरफ से इस सीरीज में मकसद आक्रामक गेंदबाजी के जरिए ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन को टारगेट करना था, जो उस जबरदस्त फॉर्म में थे.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - November 20, 2025 3:23 PM IST

Bodyline Series History: 1932-33 में ऑस्ट्रेलिया में खेली एशेज सीरीज (Ashes Series) को क्रिकेट इतिहास की सबसे विवादास्पद टेस्ट सीरीज कही जाती है. इस सीरीज के बाद क्रिकेट के कई नियमों ने ना सिर्फ बदलाव हुआ, बल्कि कई पाबंदी भी लगाई गई. इस सीरीज में इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डाइन ने अपने गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी का निर्देश दिया, उन्होंने ऐसी गेंदबाजी कराई जो बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाती थी. इस सीरीज के दौरान कई खिलाड़ी गंभीर रुप से चोटिल भी हुए. क्रिकेट इतिहास में इसे बॉडीलाइन सीरीज (Bodyline Series) के नाम से जाना जाता है.

इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डाइन की आक्रामक गेंदबाजी का मकसद ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन को टारगेट करना था, जो उस जबरदस्त फॉर्म में थे. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज हेरोल्ड लारवुड (Harold Larwood) और बिल वॉस (Bill Voce) को साफ निर्देश दिया गया था कि गेंद को बल्लेबाज के शरीर की ओर शॉर्ट-पिच (लेग थ्योरी) पर फेंका जाए, ताकि बल्लेबाज डिफेंस के लिए जाएं और लेग साइड पर लगाए गए फील्डरों के हाथों में कैच दे बैठें. सिडनी में खेला गया पहला मैच इंग्लैंड ने 10 विकेट से जीता, वहीं दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल की, जिसमें डॉन ब्रैडमैन ने शतक जड़ा.

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तीसरे टेस्ट में हुआ था जमकर विवाद, सीरीज रद्द होने की आई थी नौबत

एडिलेड में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भी इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों का आक्रामक अंदाज जारी रहा. मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बर्ट ओल्डफील्ड (Bert Oldfield) के सिर पर गेंद लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी. इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई दर्शक भड़क गए और दंगे भड़क उठे. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ने इंग्लैंड के मरेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) को तार भेजकर “अनस्पोर्ट्समैनशिप” (unsportsmanlike behavior) का आरोप लगाया. यह सीरीज रद्द होने की कगार पर पहुंच गई लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद मैच खेला गया और इंग्लैंड ने इस मुकाबले को 338 रन से जीत कर सीरीज में बराबरी की.

इंग्लैंड की टीम ने सीरीज के आखिरी दो मैचों को जीतकर सीरीज को 4-1 से अपने नाम किया, मगर यह सीरीज विवादों की वजह से काफी चर्चा में रही.

सीरीज के बाद बदले क्रिकेट के नियम

बॉडीलाइन सीरीज के बाद क्रिकेट के नियमों में कई बदलाव किया गया. शॉर्ट-पिच गेंदों की संख्या सीमित कर दी गई, वहीं लेग थ्योरी पर पाबंदी लगाई गई. MCC ने एक प्रस्ताव पास किया कि बॉलिंग का कोई भी तरीका जो साफ तौर पर बॉलर का बैट्समैन पर सीधा अटैक हो, वह खेल की भावना के खिलाफ होगा . हालांकि इसके बाद भी बॉडीलाइन को खत्म होने में कुछ समय लगा, 1934 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ काउंटी के मैच में भी एक बार फिर यह देखने को मिला, जिसके बाद MCC ने फिर से कार्रवाई की, और गलत खेल से जुड़े नियमों में एक क्लॉज़ जोड़ा, इसके बाद,लेग पर स्क्वायर के पीछे सिर्फ़ दो फील्डर को ही रखने की अनुमति दी गई.