Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - February 16, 2016 2:54 PM IST


एशिया कप अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाला है और इस बार इस टूर्नामेंट को लेकर क्रिकेटप्रेमियों के दिल बाग-बाग हो रहे हैं। आखिर, टूर्नामेंट का प्रारूप जो बदल गया है। एशिया कप के इतिहास में पहली बार इस टूर्नामेंट का प्रारूप 50-50 से बदलकर 20-20 किया गया है। टी20 विश्व कप के पहले शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट को उप-महाद्वीप की टीमों के लिए एक अग्नि परीक्षा की तरह देखा जा रहा है। ऐसे में हर एशियाई टीम इस टूर्नामेंट में जमकर जोर आजमाइश करना चाहेगी। एशिया कप सबसे पहले साल 1983 में शारजाह, यूएई में आयोजित किया गया था। इस टूर्नामेंट में कुल 3 टीमों भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने भाग लिया था। अप्रैल माह में आयोजित किए गए इस टूर्नामेंट को राऊंड रॉबिन के आधार पर खिलाया गया था जिसमें हर टीम ने दो-दो मैच खेले थे। भारत ने अपने दोनों मैच जीते और टूर्नामेंट में विजयी रहा। भारत ने एशिया कप को पांच बार जीतने में सफलता प्राप्त की है। लेकिन इन सबमें सबसे यादगार जीत साल 2010 की रही जिसे भारत ने 15 सालों के लंबे अंतराल के बाद जीता था। आइए जानते हैं एशिया कप 2010 में भारतीय टीम की शानदार जीत के बारे में। ये भी पढ़ें: जानें एशिया कप का इतिहास और इसके रिकॉर्ड्स
एशिया कप 2010: जून 2010 में खेले गए इस टूर्नामेंट में कुल 4 टीमों ने भाग लिया। भारतीय टीम ने पहला मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेला। इस मैच में बांग्लादेशी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे असहाय नजर आए और पूरी टीम 167 रनों पर ऑल आउट हो गई। भारतीय टीम ने गौतम गंभीर के 82 रनों की बदौलत 4 विकेट खोकर मैच जीत लिया। दूसरा मैच पाकिस्तान के विरुद्ध खेला गया और पाकिस्तान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 267 रन बनाए। लेकिन एक बार फिर से गंभीर ने 83 रन ठोंके और अंततः भारतीय टीम ने मैच 3 विकेट से जीत लिया। अगला मैच भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ खेला और यह मैच किसी झटके से कम नहीं था। श्रीलंकाई गेंदबाजों के आगे भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। सिर्फ रोहित शर्मा(69) और एमएस धोनी (41) ही कुछ देर तक श्रीलंकाई गेंदबाजों का मुकाबला कर पाए।अंततः पूरी भारतीय टीम 42.3 ओवरों में 209 रनों पर ऑलआउट हो गई।
जवाब में श्रीलंका ने संगकारा और जयवर्धने के अर्धशतकों की मदद से टीम को 7 विकेट से बड़ी जीत दिलाई। चूंकि भारतीय टीम ने नॉक आउट स्टेज में सबसे ज्यादा मैच खेले थे तो उसे फाइनल में प्रवेश मिल गया और एक बार फिर से फाइनल में श्रीलंका भारत के सामने थी। दांबुला में खेले गए फाइनल मैच में भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के ओपनर दिनेश कार्तिक ने मैदान के चारों ओर स्ट्रोक लगाए और 66 रन बनाए। अंततः भारत ने 50 ओवरों में 6 विकेट पर 268 रन बनाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम आशीष नेहरा और जहीर खान के आगे घुटने टेकते नजर आई और अंततः टीम इंडिया ने श्रीलंका को 187 रनों पर ऑलआउट करते हुए रिकॉर्ड 5वीं बार एशिया कप अपने नाम किया। भारत और श्रीलंका ने अब तक एशिया कप को 5-5 बार जीता है। ऐसे में भारतीय टीम 2016 एशिया कप जीतकर सबसे ज्यादा बार एशिया कप जीतने का कीर्तिमान अपने नाम करना चाहेगी।
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