Jay Jaiswal
जय जायसवाल क्रिकेटकंट्री हिंदी में बतौर सीनियर राइटर कार्यरत हैं
Written by Jay Jaiswal
Last Updated on - February 23, 2016 12:12 PM IST


भारतीय टीम 24 फरवरी को एशिया कप 2016 के पहले मैच में बांग्लादेश से दो-दो हाथ करेगी। चूंकि, यह टूर्नामेंट में बांग्लादेश में आयोजित किया जा रहा है ऐसे में मेहमान टीम घरेलू परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठाते हुए टी20 की सर्वश्रेष्ठ टीम भारत को पटखनी देने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना चाहेगी। लेकिन क्या अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रही भारतीय टीम को हराना बांग्लादेश के लिए आसान होगा? इस बात का जवाब बांग्लादेश टीम जरूर खोजने में जुटी होगी। खैर, अगर भारतीय टीम के साल 2016 के प्रदर्शन की बात की जाए तो उन्होंने अब तक कुल 6 टी20 मैच खेले हैं जिनमें उन्हें 5 में जीत मिली है। वहीं बांग्लादेश के साथ भारत ने अब तक कुल 2 टी20 मैच खेले हैं जिनमें दोनों ही भारतीय टीम ने जीते हैं। भारतीय टीम बांग्लादेश में अपने जीत का क्रम बरकरार रखते हुए एशिया कप में विजयी आगाज करना चाहेगी। ALSO READ: जानें कैसा रहा है बांग्लादेश सरजमी पर भारत का प्रदर्शन
भारतीय टीम के इस प्रदर्शन को देखते हुए यह कहना कतई मुमकिन नहीं है कि बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टीम को कोई ज्यादा परेशाानी होने वाली है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह भी है कि बांग्लादेश अब पुरानी टीम नहीं रही और वह पिछले कुछ सालों में एक ऐसी ईकाई के रूप में उभरे हैं जिसने विश्व की चोटी की टीमों को धूल चटाई है। विश्व कप 2015 के बाद तीन विदेशी टीमों पाकिस्तान, भारत और दक्षिण अफ्रीका ने वनडे सीरीज खेलने के लिए बांग्लादेश का दौरा किया था और बांग्लादेश ने अपने बेहतरीन खेल के आगे इन तीनों टीमों को हराकर बेरंग वापस लौटा दिया। ALSO READ: एशिया कप में इन भारतीय खिलाड़ियों से सावधान रहे विपक्षी टीमें
इन सीरीजों में सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात रही बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान जैसी बड़ी टीम को 3-0 से क्लीव स्वीप करना। वहीं इसी सीरीज के बाद वनडे श्रृंखला खेलने पहुंची भारतीय टीम को इसी बांग्लादेश ने 2-1 से सीरीज में मात दी थी। ऐसे में भारतीय टीम अपनी हार का बदला निश्चित रूप से लेना चाहेगी। भारतीय टीम ने जिस समय बांग्लादेश का दौरा किया था उस समय भारतीय टीम के कई खिलाड़ी अपनी खराब फॉर्म से गुजर रहे थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है और कई भारतीय खिलाड़ी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। भारतीय शीर्ष क्रम की जिम्मेदारी एक बार फिर से शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली और सुरेश रैना पर होगी। वहीं मध्य क्रम में युवराज, धोनी और हार्दिक पांड्या अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार होंगे। ALSO READ: एशिया कप में हिस्सा ले रही टीमों के प्रदर्शन का विश्लेषण
इस समय अगर भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर नजर दौड़ाई जाए तो नौवें क्रम तक बल्लेबाजी नजर आती है जो शायद ही इससे पहले कभी हुआ हो। जो अपने आपमें भारत को ढाढस बंधाने वाली बात है। वहीं गेंदबाजी विभाग भी दो वरिष्ठ खिलाड़ियों अश्विन और नेहरा की मौजूदगी में बेहद संतुलित नजर आता है।पिछले कुछ मैचों में धोनी ने नेहरा और अश्विन से एक साथ नई गेंद से गेंदबाजी करवाई थी। ऐसे में वह एक बार फिर से बांग्लादेश की बल्लेबाजी को ध्वस्त करने के लिए अपने इन पत्तों को इस्तेमाल करना चाहेंगे। जैसा कि अश्विन पहले ही बता चुके हैं कि वह बल्लेबाज को उसके कंफर्ट जोन से दूर ले जाते हुए खराब शॉट खेलने पर मजबूर करते हैं। ALSO READ: एशिया कप 2011-12(वीडियो): जब विराट कोहली के आगे नतमस्तक हुआ पाकिस्तान
अगर अश्विन ऐसा करने में फिर से सफल होते हैं तो मुमकिन है कि भारत बांग्लादेश के शुरुआती विकेट गिराते हुए उन्हें बैक फुट पर ला सके। नेहरा अगर अश्विन का साथ निभाने में सफल रहते हैं तो बांग्लादेश को शुरुआत में ही भारतीय गेंदबाजी बांध सकते हैं। चूंकि, बांग्लादेश की पिचें अमूमन भारत के जैसी होती हैं जिनमें स्पिनर को जमकर घुमाव मिलता है। ऐसे में भारतीय टीम जडेजा, अश्विन, युवराज और रैना के साथ बांग्लादेश को मुंहतोड़ जवाब दे सकती है। ALSO READ: जानें एशिया कप का इतिहास और इसके रिकॉर्ड्स
दोनों टीमें इस प्रकार हैं:
भारत: शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, सुरेश रैना, महेन्द्र सिंह धोनी(कप्तान), युवराज सिंह, हार्दिक पांड्या, रविन्द्र जडेजा, रविचन्द्रन अश्विन, आशीष नेहरा, जसप्रीत बुमराह, अजिंक्य रहाणे, हरभजन सिंह, भुवनेश्वर कुमार, पवन नेगी, पार्थिव पटेल।
बांग्लादेश: मशरफे मुर्तजा(कप्तान), अल अमीन हुसैन, इमरूल कायस, मोहम्मद मिथुन, मुस्तफिजुर रहमान, नुरूल हसन, साकिब-अल-हसन, तस्कीन अहमद, अबु हैदर, अराफात सन्नी, मोहम्मदुल्लाह, मुसफिकुर रहीम(विकेटकीपर), नासिर हुसैन, शब्बीर रहमान, सौम्य सरकार।
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