भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया   © Getty Images
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया © Getty Images

साल 2004 अक्टूबर- नवंबर में ऑस्ट्रेलिया टीम ने भारत का दौरा किया। उस समय ऑस्ट्रेलिया एक चढ़ी- बढ़ी टीम हुआ करती थी। विश्व में शायद ही कोई ऐसी टीम थी जो उसके गेंदबाजी आक्रमण के सामने पैर टिका सके। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का भारत आना भारतीय क्रिकेटरों के लिए कड़ी परीक्षा साबित होने वाली थी। चार टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच बैंगलुरू में खेला गया। पहले टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह से फेल नजर आई और टीम इंडिया 227 रनों से मैच हार गई। दूसरा टेस्ट मैच चेन्नई में खेला गया। इस टेस्ट मैच में टीम इंडिया के बल्लबाजों और गेंदबाजों ने कुछ हद तक दम दिखाया और टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया। तीसरा टेस्ट मैच नागपुर में खेला गया। इस टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजी औंधे मुंह गिर पड़ी और टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों 342 रनों से हार का समना करना पड़ा। इस तरह सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से सीरीज में बढ़त बना ली थी। चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम को लाज बचाने के लिए जीत दर्ज करनी जरूरी थी। भारत बनाम न्यूजीलैंड, चौथा वनडे, लाइव स्कोर जानने के लिए क्लिक करें…

चौथा टेस्ट मैच, मुंबई 2004: चौथा टेस्ट मैच मुंबई में खेला गया। भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिछले मैचों की ही तरह इस मैच में भी जेसन गिलेस्पी और कॉस्प्रेविच के आगे भारतीय बल्लेबाज परेशान नजर आए और शुरुआती 6 विकेट 46 रनों पर ही गंवा दिए। इस दौरान राहुल द्रविड़ ही एकमात्र भारतीय बल्लेबाज थे जो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का थम कर सामना कर सके और वह अंत तक नाबाद रहे। पूरी भारतीय टीम पहली पारी में 41.3 ओवरों में 104 रनों पर सिमट गई। द्रविड़ 31 रनों के साथ अंत तक नाबाद रहे। भारत की ओर से चार बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छू पाए जो राहुल द्रविड़(31*), दिनेश कार्तिक(10), अनिल कुंबले(16) और हरभजन सिंह(14) थे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पहली पारी में जेसन गिलेस्पी ने सर्वाधिक 4, नाथन हारित्ज ने 3 और माइकल कॉस्प्रोविच ने 2 और ग्लेन मैक्ग्रा ने 1 विकेट लिया। भारत बनाम न्यूजीलैंड, लाइव ब्लॉग पढ़ने के लिए क्लिक करें…

जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम भी भारतीय गेंदबाजों के सामने कुछ खास नहीं कर सकी और 203 रनों पर ऑलआउट हो गई और इस तरह पहली पारी के आधार पर उन्हें 99 रनों की बढ़त मिल गई। इस पारी में ऑस्ट्रेलिया के डेमियन मार्टिन ने अर्धशतक जड़ दिया। भारत की ओर से अनिल कुंबले ने 5 और मुरली कार्तिक ने 4 विकेट लिए। जवाब में तीसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत फिर से खराब रही और 14 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए। ऐसे में बल्लेबाजी करने आए सचिन तेंदुलकर ने तीसरे विकेट के लिए वीवीएस लक्ष्मण के साथ 81 रन जोड़े और 55 रन बनाकर आउट हो गए। वीवीएस लक्ष्मण ने 69 रन बनाए और टीम इंडिया की ओर से सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज रहे। अंततः पूरी टीम 205 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस पारी में स्पिनर माइकल क्लार्क ने 6 विकेट ले डाले थे वहीं हॉरित्ज और ग्लेन मैक्गार को 2-2 विकेट मिले। इस तरह चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया को107 रनों का लक्ष्य मिला।

चौथी पारी में बल्लेबाजी करने जब ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी करने उतरी तो सबको लग रहा था कि टीम इंडिया यह मैच आसानी से हार जाएगी, लेकिन भविष्य के गर्भ में कुछ और ही था। पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर जहीर खान ने जस्टिन लैंगर को आउट करके भारत को पहली सफलता दिलवाई। वक्त की नजाकत को देखते हुए कप्तान द्रविड़ हरभजन सिंह और मुरली कार्तिक से गेंदबाजी करवाने लगे। पांचवें ओवर की पहली ही गेंद पर कार्तिक ने रिकी पोंटिंग को आउट कर दिया। इस तरह 24 रनों के योग पर ऑस्ट्रेलिया के 2 विकेट गिर गए। इसी ओवर की अंतिम गेंद पर डेमियन मार्टिन को कार्तिक ने आउट कर दिया और 24 रनों पर ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट गिर गए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया संभलती कि 33 रनों के कुल योग पर साइमन कैटिच को हरभजन सिंह ने आउट कर दिया। पांचवें वकेट के लिए हैडिन ने पारी को संभाने की कोशिश की। वह लगातार चौके जड़े रहे थे और 24 रनों के लिए उन्होंने 4 चौके मारे थे।

लेकिन इसी बीच हरभजन सिंह ने उन्हें बोल्ड कर दिया और ऑस्ट्रेलिया का पांचवा विकेट 48 रनों पर गिर गया। इसके बाद बल्लेबाज लगातार भारतीय गेंदबाजों के आगे पनागह मांगते नजर आए और पूरी ऑस्ट्रेलिया टीम 30.5 ओवरों में 93 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस तरह टीम इंडिया ने मैच 13 रनों से जीत लिया। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने इस पारी में सर्वाधिक 5 विकेट लिए वहीं मुरली कार्तिक ने 3 और जहीर खान व अनिल कुंबले ने 1-1 विकेट लिया। मैच में 9 विकेट लेने वाले मुरली कार्तिक को मैन ऑफ द मैच दिया गया। टीम इंडिया ने इस तरह सीरीज में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। यह मैच आज भी याद किया जाता है।