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भारत दौरे के बाद इन ऑस्ट्रलियाई बल्लेबाजों ने भी छोड़ी कप्तानी

अमला ऐसे पहले क्रिकेटर नहीं है जिन्होंने भारत में सीरीज खेलने के बाद कप्तानी से इस्तीफा देना पड़ा

user-circle cricketcountry.com Written by Vivek Kumar
Last Updated on - February 4, 2016 5:12 PM IST

 

रिकी पोंटिंग © Getty Images
रिकी पोंटिंग © Getty Images

अभी हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट कप्तान हाशिम अमला ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी। इसकी वजह भारत में मिली हार बताई जा रही है। आपको बता दें जब अफ्रीकी बल्लेबाज अमला ने जब अफ्रीकी टीम की कप्तानी संभाली थी तो अफ्रीकी टीम टेस्ट में नंबर एक थी। अपने टेस्ट क्रिकेट करियर में अमला ने 90 टेस्ट खेल चुके थे और भारत दौरा अमला के लिए महंगी साबित हुई। आपको बता दें अमला ऐसे पहले क्रिकेटर नहीं है जिन्होंने भारत में सीरीज खेलने के बाद कप्तानी से इस्तीफा देना पड़ा। अमला से पहले कई कप्तानों पर हार का दाग भारत में सीरीज खेलने के बाद लगा। ये भी पढ़ें: भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच सीरीज में टीम इंडिया को जीत दिलाने उतरेंगे धोनी के ये धुरंधर

रिकी पॉन्टिंग (ऑस्ट्रेलिया)
एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2002 से 2011 तक वे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रहे। टेस्ट क्रिकेट मे 2004 और 2011 के बीच ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की कमान सम्भाली। वे ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटरों में माने जाते हैं। रिकी पॉन्टिंग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 77 टेस्ट मैचों में कप्तानी की लेकिन भारत में सीरीज हार फिर ऐशेज हार ने उनकी कप्तानी पारी पर ब्रेक लगा दी। पंटर नाम से मशहूर खिलाड़ी को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सम्मान के साथ विदा किया और माइकल क्लार्क को ज़िम्मदारी सौंपी। 2010-2011 के भारत दौरे पर पॉन्टिंग का अच्छे फ़ॉर्म में रहे। उनके बल्ले से 2 टेस्ट की 4 पारियों में 5600 की औसत से 224 रन निकले। इस दौरान पंटर ने तीन अर्द्धशतकीय पारी भी खेली लेकिन सीरीज नहीं बचा सके। पंटर की कप्तानी पर ऐसा ग्रहण लगा जो ऐशेज़ सीरीज में भी हार के बाद उनकी कप्तानी ले गया। ये भी पढ़ें: क्रिस गेल को लेकर इयान चैपल ने दिया बड़ा बयान

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माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)
वैसे क्लार्क ने ऐशेज हार के बाद कप्तानी और क्रिकेट दोनों छोड़ी लेकिन इसकी नींव भारत में 2013 में पड़ी। 2013 में भारत में चार टेस्ट की सीरीज़ में क्लार्क की सेना का 4-0 से सफाया हुआ। दौरे पर क्लार्क ने तीन टेस्ट में कप्तानी की और तीनों में बुरी हार देखी। क्लार्क का सपना रहा कि वे भारत को भारत में हरा सके लेकिन उनका सपना अधूरा रह गया।