इन बल्लेबाजों ने अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर अपनी टीम को दिलवाई जीत
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अंतिम गेंद पर छक्का मारकर जीत दिलाना बल्लेबाज के लिए सबसे कठिन चुनौती होती है। बतौर बल्लेबाज जब आप पर पूरे स्टेडियम में बैठे दर्शकों की उम्मीदें टिकी हुई होती हैं तो ऐसे में असफल होने के मौके ज्यादा बढ़ जाते हैं। लेकिन जो बल्लेबाज इन विपरीत परिस्थितियों में अपने अथाह साहस का परिचय देते हुए गेंद को छक्के के लिए सीमा रेखा पार पहुंचाता उसे एक असल हिटर कहते हैं। क्रिकेट इतिहास कालांतर में ऐसे कई वाकयों का गवाह बन चुका है जब बल्लेबाज ने अंतिम गेंद में छक्का मारकर टीम को जीत दिलवाई।

1. जावेद मियांदाद(शारजहां, 1986) बनाम भारत:
Austral-Asia cup के फाइनल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने सामने थीं। पाकिस्तान टीम ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 245 रन बनाए। 

जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की ओर से जावेद मियांदाद को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज कमाल नहीं दिखा पाया। आलम यह था कि पाकिस्तान को अंतिम गेंद में मैच जीतने के लिए 4 रनों की आवश्यकता था। जावेद मियांदाद ने चेतन शर्मा की अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर ये मैच अपनी टीम को जिता दिया। ये जीत आज भी पाकिस्तान और भारत के कई क्रिकेटफैन्स के जेहन में बसी हुई है।

2. शिवनारायण चंद्रपॉल का धमाका:
श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन ड्वेन ब्रावो की गेंदबाजी के आगे उनके बल्लेबाज असहाय नजर आए और आखिरकार 50 ओवरों में 235/7 का स्कोर खड़ा कर पाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम का भी यही हाल हुआ और उनके बल्लेबाज लगातार अंतराल में आउट हुए। अब अंतिम दो गेंदों में वेस्टइंडीज को 6 रन बनाने थे, लेकिन चमिंडा वॉस की पांचवीं गेंद को चंद्रपॉल खेलने में नाकामयाब रहे। लेकिन अंतिम गेंद पर चंद्रपॉल ने छक्का जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

3. ब्रेंडन टेलर का कहर: 
अगर पिछले एक दशक में जिम्बाब्वे क्रिकेट में कोई अच्छा बल्लेबाज दिखाई देता है तो वह ब्रेंडन टेलर है। टेलर ने एक नाटकीय मैच में अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर बांग्लादेश के खिलाफ जिम्बाब्वे को जीत दिलवाई थी। मैच के अंतिम क्षणों में जिम्बाब्वे को जीतने के लिए 3 गेंदों में 16 रनों की दरकार थी।

ओवर मुर्तजा फेंक रहे थे। चौथी गेंद पर टेलर ने चौका जड़ दिया। पांचवीं गेंद पर टेलर ने छक्का जड़ दिया और अब समीकरण बन रहा था कि अंतिम गेंद पर 6 रनों की दरकार थी। टेलर ने इस पर अपने अथाह साहस का परिचय दिया और अंतिम गेंद पर छक्का जड़ दिया और इस तरह अपनी टीम को जीत दिला दी।

4. नाथन मैकलम का श्रीलंका पर वार:
इसमें कोई दो राय नहीं है कि रंगना हेराथ एक बेहतरीन स्पिनर हैं। लेकिन साल 2013 में न्यूजीलैंड के नाथन मैकलम ने उनके ओवर में 25 रन बटोरते हुए न्यूजीलैंड को जीत दिलवाई थी जिसमें उनकी अंतिम गेंद पर लगाया गया छक्का भी शामिल था। नाथन की इस पारी की खूब प्रशंसा हुई थी। इस मैच में नाथन ने 9 गेंदों में 32 रन ठोक दिए थे।

5. लांस क्लूजनर बनाम न्यूजीलैंड:

Batsmen who hit last ball six and led their team to victory
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नेपियर में साल 1999 में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच खेला जा रहा था। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने एक समय अपने 8 विकेट गंवा दिए थे और उसके दो बल्लेबाज लांस क्लूजनर और मार्क बाउचर क्रीज पर थे। अब अंतिम ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 11 रनों की दरकार थी। पहली पांच गेंदों में दोनों बल्लेबाजों ने जैसे तैसे 5 रन बना लिए और अब अंतिम गेंद में 4 रनों की दरकार थी। अंतिम गेंद पर क्लूजनर ने छक्का जड़ते हुए दक्षिण अफ्रीका को जीत दिला दी।