ssभारतीय टीम के सबसे स्टाइलिश और विस्फोटक बल्लेबाज सुरेश रैना का आज जन्मदिन है। 27 नवंबर 1986 को जन्मे रैना आज तीस साल के हो गए हैं। रैना ने कई मौकों पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेहतरीन फील्डिंग से टीम को जीत दिलाई है। रैना ने वनडे और टी-20 में भारतीय टीम के लिए तो आईपीएल में चेन्नई के लिए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दम पर टीम को कई बार हार हुए मैच जिताए हैं। रैना शानदार बल्लेबाज तो हैं ही साथ ही वह एक बेहतरीन फील्डर भी हैं। उनसे कैच छूटना या उनके बगल से गेंद निकालना विरोधी टीम के बल्लेबाजों के लिए चुनौतीभरा होता है। आज रैना के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी ऐसी 10 बातें बताएंगे जो शायद ही आप जानते हों।

कश्मीर से रिश्ता: सुरेश रैना के पिता त्रिलोक चंद जम्मू-कश्मीर के रैनावाड़ी से और मां हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से थीं। हालांकि रैना का परिवार बाद में उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में बस गया। रैना के तीन बड़े भाई दिनेश, मुकेश, नरेश और एक बहन रेनू है। भारत बनाम इंग्लैंड, तीसरे टेस्ट का स्कोरबोर्ड देखने के लिए क्लिक करें

स्पोर्ट्स हॉस्टल में दाखिला: किशोरअवस्था में रैना ने गाजियाबाद छोड़ दिया और लखनऊ चले गए। रैना वहां 1999 तक रहे और क्रिकेट के बारिकियों को सीखने लगे। नियमों के मुताबिक रैना हॉस्टल के रूम में सात सल तक रह सकते थे। साल 2006 में रैना जब भारतीय टीम में शामिल किए गए तब उन्होंने उस कमरे को छोड़ दिया था।

भारतीय टीम की अंडर-19 टीम में 16 साल की उम्र में खेले: जब सुरेश रैना सिर्फ 16 साल के थे तब उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम में शामिल कर लिया गया। अंडर-19 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में रैना ने शानदार 72 रन बनाए। रैना के साथ अंबाती रैयडू, इरफन पठान भी भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा थे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निराशाजनक पदार्पण: रैना दुर्भाग्यशाली रहे और अपने पदार्पण मुकाबले में मुरलीधरन की पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए। रैना सिर्फ 18 साल के थे जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पैर रखा था। सचिन तेंदुलकर, शिखर धवन भी अपने पहले मुकाबले में शून्य पर आउट हुए थे।

चेन्नई के लिए बेहतरीन खिलाड़ी: रैना को अगर आईपीएल में चेन्नई के लिए सबसे बेहतरीन खिलाड़ी कहा जाए तो यह बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। टी-20 में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने रैना को सुर्खियों में ला दिया। रैना ने चेन्नई के लिए हर मैच में शिरकत की। रैना पहले खिलाड़ी हैं आईपीएल में जिनके नाम चार हजार से ज्यादा रन हैं साथ ही वह टी-20 में भाकत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रैना से आगे सिर्फ विराट कोहली ही है।

अंतरराष्ट्रय टी-20 में भारतीय टीम के लिए कप्तानी करने वाले सबसे युवा कप्तान: सुरेश रैना भारत के लिए टी-20 में कप्तानी करने वाले सबसे युवा कप्तान रह चुके हैं। रैना ने टी-20 में भारत के लिए तब कप्तानी की थी जब वह सिर्फ 23 साल के थे। साफ है रैना के विस्फोटक अंदाज का फायदा चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम की कमान सौंप कर उठाया था।

खेल के तीनों प्रारूपों में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज: जब सुरेश रैना ने साल 2010 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट शतक लगाया तो वह खेल के तीनों प्रारूपों में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बन गए। रैना ने अपना पहला वनडे शतक साल 2008 में एशिया कप में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ लगाया था। रैना ने पहला टी-20 शतक आईसीसी विश्व टी-20 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाया था।

उमर अब्दुल्ला द्वारा जम्मू-कश्मीर के लिए खेलने का प्रस्ताव देना: जब भारतीय टीम ने साल 2011 में आईसीसी विश्वकप का खिताब अपने नाम किया तो जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने रैना के सामने रणजी में जम्मू-कश्मीर की तरफ से खेलने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उमर अब्दुल्ला ने रैना को तोहफा देने की बात भी की थी। भारत की जीत के बाद अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा था कि मुझे खुशी होगी अगर वह जम्मू-कश्मीर के लिए खेलते हैं, हमें किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जिससे युवा सीख सकें और मैं इसके लिए रैना को श्रीनगर में प्लॉट भी दूंगा।

खाना बनाने का शौक: रैना ने कई बार अपने इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया है कि उन्हें खाना बनाना बहुत पसंद है। क्रिकइन्फो के साथ बातचीत में रैना बताते हैं कि जब वह पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे तो उन्होंने अशोक डिंडा की मदद से पूरी टीम के लिए खाना बनाया था।

बेहतरीन फिनिशर: रैना भारतीय वनडे टीम के बेहतरीन फिनिशर में से एक हैं। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जिन 73 मैचों में जीत दर्ज की है उनमें रैना का औसत 66.60 का रहा है और उन्होंने 2 शतकों के साथ 13 अर्धशतक जड़े हैं।