Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - December 29, 2015 6:22 PM IST


दुनिया को अपनी आतिशी बल्लेबाजी का मुरीद बनाने वाले न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैक्कुलम ने टी20 विश्व कप के ठीक पहले फरवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दूसरे टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के की घोषणा कर दी है। एक दम से संन्यास की घोषणा ने उनके करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को आहत कर दिया है। विश्व भर के क्रिकेट प्रेमी मार्च में भारत में खेले जाने वाले टी20 विश्व कप में ब्रेंडन मैक्कुलम से आतिशबाजी की कामना कर रहे थे, लेकिन मैक्कुलम के आचानक संन्यास लेने की घोषणा ने क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदों पर पानी फेर कर रख दिया है। आईसीसी विश्व कप 2015 में मैक्कुलम ने धमाकेदार बल्लेबाजी की थी। वह अपनी टीम की ओर से पारी की शुरुआत करने आते थे और मैच की पहली ही गेंद से विपक्षी गेंदबाजों पर टूट पड़ते थे। विश्व कप 2015 में उनकी यह रणनीति खूब काम आई और उन्होंने कई चोटी की टीमों को हराया। ये भी पढ़ें: टी20 विश्व कप से पहले ब्रेंडन मैक्कुलम ने की संन्यास की घोषणा
विश्व कप सेमीफाइनल मैच में उनकी यही रणनीति बेहद कारगर सिद्ध हुई थी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड टीम को 43 ओवरों में 298 रन बनाने थे। ये रन दक्षिणी अफ्रीकी आक्रमण के खिलाफ बनाने कतई आसान नहीं थे। लेकिन मैक्कुलम पहले ही ओवर से फिलेंडर, स्टेन सरीखे गेंदबाजों पर टूट पड़े और पहले 6 ओवरो में ही 71 रन जोड़ दिए। मैक्कुलम ने इस दौरान धुआंधार 26 गेंदों में 59 रन ठोंके और यहीं से इस बड़े मैच में अपनी टीम की आशाओं को मैक्कुलम ने जिंदा कर दिया और आखिरकार न्यूजीलैंड ने मैच में जीत दर्ज की। भले ही मैक्कुलम की टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गई लेकिन उनके साहस को पूरे विश्व ने सराहा। ये भी पढ़ें: क्या आप बनना चाहते हैं क्रिकेट अंपायर? जाने कैसे बनें क्रिकेट अंपायर
मैक्कुलम एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो टेस्ट मैच में भी वनडे मैच की तरह आतिशी बल्लेबाजी करते नजर आते हैं। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली
पारी में मैक्कुलम ने 57 गेंदों पर 75 रनों का पारी खेली थी। वर्तमान में क्रिकेट में वह भारत के वीरेंद्र सहवाग की तरह बिना किसी डर के बल्लेबाजी करते नजर आते हैं यही कारण है कि उन्होंने बहुत थोड़े समय में न्यूजीलैंड को एक ऐसी टीम के रूप में तैयार किया है जिसने विश्व क्रिकेट में अपनी अलग ही साख बना ली है। साल 2002 में क्रिकेट में पर्दापण करने वाले मैक्कुलम अपने शुरुआती दिनों में इतने आक्रामक नहीं हुआ करते थे, लेकिन जब से वह टीम के कप्तान बने हैं तब से उनमें अलग ऊर्जा सी आ गई है और वह अपनी टीम की अगुआई करते हुए सबसे आगे खड़े नजर आते हैं। ये भी पढ़ें: टेस्ट क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर
अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के बावजूद मैक्कुलम अभी वनडे व टेस्ट क्रिकेट में टॉप 10 बल्लेबाजों के आस-पास भी नहीं हैं। 99 टेस्ट खेलने वाले मैक्कुलम टेस्ट क्रिकेट में 29वें स्थान पर काबिज हैं, लेकिन वह अपने साथी खिलाड़ियों के बीच अपनी रैंकिंग को लेकर कभी नहीं गिने गए बल्कि उनकी धुआंधार बल्लेबाजी ने उनके साथी खिलाड़ियों को कई बार उनका मुरीद बनाया। जिस तरह से उनकी आतिशी बल्लेबाजी विपक्षी टीम को दहला देती थी उससे उबरना टीमों के लिए कभी आसान नहीं रहा। मैक्कुलम ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 100 छक्कों के एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी की है।
मैक्कुलम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के टी20 फॉर्मेट में काफी सफल रहे हैं। वह विश्व टी20 टॉप बल्लेबाजों की रैंकिंग में 5वें स्थान पर काबिज हैं ऐसे में टी20 विश्व कप के ठीक पहले उनके क्रिकेट से संन्यास वाले फैसले ने सबको हैरत में डाल दिया है। मैक्कुलम ने टी20 क्रिकेट में 135 के ऊपर के स्ट्राइक रेट से 2000 से ज्यादा रन बनाए हैं। यही बताता है कि मैक्कुलम ने किस तरह से टी20 क्रिकेट को नई पहचान देने में अपना योगदान दिया है। अगर मैक्कुलम 2016, टी20 विश्व कप में होते तो शायद न्यूजीलैंड एक बार फिर से एक नए अवतार में नजर आती।
मैक्कुलम की अनुपस्थिति में केन विलियमसन टीम के नए कप्तान होंगे। लेकिन ब्रेंडन की कमी को भरना न्यूजीलैंड टीम के लिए आसान नहीं होगा। उनके जैसा आतिशी और टीम को एक ईकाई में खड़ा करने वाला खिलाड़ी न्यूजीलैंड को फिर से तलाशना होगा।
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