Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - December 14, 2015 8:29 PM IST


ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम शुरू से ही क्रिकेट में अव्वल रही है। उनकी अच्छी क्रिकेट का सुबूत उनके द्वारा जीते गए 5 विश्व कप खिताब हैं जिनमें से तीन उन्होंने लगातार जीते हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अभी तक अपने आपको आधुनिक टी-20 क्रिकेट के हिसाब से ढाल नहीं पाए हैं। टी-20 विश्व कप को शुरू हुए लगभग एक दशक का समय होने वाला है लेकिन ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम इस फॉरमेट में अभी तक ट्रॉफी जीतने में पूरी तरह से नाकामयाब रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों की मानें तो इसका कारण ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट द्वारा टी-20 को ज्यादा वरीयता ना देना रहा है बल्कि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट और वनडे क्रिकेट को ज्यादा वरीयता देता रहा है।
चूंकि अब समय बदल चुका है और टी20 क्रिकेट विश्व टर्फ पर बेहद लोकप्रिय हो चला है तो ऐसे में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को अपनी रणनीति में बदलाव लाने की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप के ठीक पहले भारत के साथ वनडे और टी20 मैचों की सीरीज खेलने जा रही है। ऐसे में वह इस सीरीज में अपनी क्षमताओं को जरूर परखना चाहेगी और अपनी रणनीतियों में बदलाव करते हुए टी-20 विश्व कप 2016 में अपनी पुख्ता दावेदारी प्रस्तुत करना चाहेगी।
टी20 विश्व कप अगले साल भारतीय उप-महाद्वीप में खेला जाना है। ऑस्ट्रेलिया टीम का प्रदर्शन भारतीय सरजमीं पर मिला-जुला रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने साल 1987 में भारतीय उप-महाद्वीप में ही विश्व कप जीतकर अपने विश्व विजयी अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन उसके बाद खेले गए 1996 और 2011 के विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया टीम खिताब नहीं जीत पाई। लेकिन टी20 विश्व कप जो क्रिकेट का एक भिन्न प्रारूप है उसके लिए ऑस्ट्रेलिया को एक नए सिरे से तैयारी करने की जरूरत है। अभी तक खेले गए टी-20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन पर नजर दौड़ाएं तो वह कभी भी विश्व कप जीतने के लिए आतुर दिखने वाली टीम नजर ही नहीं आई।
ऑस्ट्रेलिया टीम साल 2007 और 2012 में सेमीफाइनल में पहुंची थी। साल 2007 में वह भारत के हाथों 15 रनों से हारकर बाहर हो गए थे तो वहीं साल 2012 में वह वेस्टइंडीज के हाथों हारकर बाहर हो गए थे। इस मैच में सितारों से भरी वेस्टइंडीज टीम ने 205 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था और जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम 131 रनों पर सिमट गई थी। हालांकि, साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने दमखम जरूर दिखाया था और फाइनल तक का सफर तय किया था। लेकिन फाइनल मैच में वह पहले बल्लेबाजी करते हुए 146 रन ही बना सके जिसे इंग्लैंड टीम ने आसानी से 17 ओवरों में जीत लिया था। वहीं 2009 और 2014 में ऑस्ट्रेलिया नॉक आउट राउंड से बाहर हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक 76 टी20 मैचों में 40 जीते हैं व 34 हारे हैं, वहीं दो मैच टाइड रहे हैं।
अगला विश्व कप मार्च, 2016 में भारत में खेला जाना है और विश्व कप के पहले से ही ऑस्ट्रेलिया टीम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क घुटने में चोट के कारण टी20 विश्व कप से बाहर हो चुके हैं। गौरतलब हो कि विश्व कप 2015 में मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज साबित हुए थे। यह तो अभी से तय है कि टूर्नामेंट में उनकी कमी ऑस्ट्रेलिया टीम को भारी खलने वाली है। टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया जिस ग्रुप में है उसमें टी20 की तीन दिग्गज टीमें भारत, पाकिस्तान न्यूजीलैंड शामिल हैं। भारत, पाकिस्तान टी20 विश्व कप को एक-एक बार जीत भी चुके हैं। ऐसे में पहले से ही अपनी प्रतिष्ठा की तलाश में जुटी ऑस्ट्रेलिया टीम को मिचेल स्टार्क की अनुपस्थिति में इनसे पार पाना आसान नहीं होगा। साथ ही ऑस्ट्रेलिया को इन तीनों बड़ी टीमों को ग्रुप स्टेज में पछाड़ने के लिए एक बड़ी रणनीति बनानी होगी। ये भी पढ़े:वेस्टइंडीज के मार्लन सैम्युअल्स की गेंदबाजी पर लगा एक साल का बैन
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