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- Clive Lloyd says World Cup ‘firsts’ still vivid for West Indies
क्लाइव लॉयड के लिए विश्व कप जीत यादगार, 'पहला विश्व कप अब नहीं होगा'
क्लाइव लॉयड ने कहा, ‘‘यह पहला विश्व कप था और अब कभी पहला विश्व कप नहीं होगा''
Published On Feb 20, 2019, 01:44 PM IST
Last UpdatedFeb 20, 2019, 01:44 PM IST
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वेस्टइंडीज को दो बार विश्व चैंपियन बनाने वाले पूर्व कैरेबियाई कप्तान क्लाइव लॉयड के दिमाग में अब भी पहले क्रिकेट विश्व कप की खिताबी जीत की यादें ताजा हैं। क्लाइव लॉयड ने इस विश्व कप में तूफानी शतक जड़ा था।
विश्व कप के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने क्लाइव लॉयड लंदन पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में नासिर हुसैन, ग्रीम स्वान, एलिस्टर कुक और जेम्स एंडरसन भी मौजूद थे। क्लाइव लॉयड की कप्तानी में वेस्टइंडीज ने 1975 और 1979 में खिताब जीता था। क्लाइव लॉयड ने कहा, ‘‘यह पहला विश्व कप था और अब कभी पहला विश्व कप नहीं होगा तथा वेस्टइंडीज के कई समर्थकों के सामने उसे जीतना रोमांचकारी था।’’
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वर्तमान समय के बल्लेबाज अमूमन वनडे में हर गेंद पर रन बनाने का स्ट्राइक रेट चाहते हैं लेकिन लॉयड ने 1975 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में केवल 85 गेंदों पर 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 102 रन ठोक दिये थे।
उन्होंने यह पारी तब खेली थी जबकि पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाले वेस्टइंडीज का स्कोर तीन विकेट पर 50 रन था। लॉयड ने यह पारी ऑस्ट्रेलिया के उस आक्रमण के सामने बनायी थी जिसमें डेनिस लिली और जैफ थॉमसन जैसे घातक गेंदबाज और स्विंग गेंदबाज गैरी गिलमर शामिल थे। लॉयड ने रोहन कन्हाई के साथ 149 रन की साझेदारी की जिससे वेस्टइंडीज ने 60 ओवरों में आठ विकेट पर 291 रन बनाये जो उस समय बहुत बड़ा स्कोर माना जाता था।
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लॉयड ने कहा, ‘‘मैंने शतक लगाया था, मुझे याद है मैंने 102 रन बनाये थे लेकिन जब मैंने क्रीज पर कदम रखा तब हमारे तीन विकेट गिर चुके थे और हमारी हालत नाजुक थी। रोहन कन्हाई और मैंने परिस्थिति के अनुरूप बल्लेबाजी की और फिर मजबूत स्कोर बनाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा इतना स्कोर था कि उसका हम आसानी से बचाव कर सकते थे और हमने ऐसा किया भी। आखिर में भले ही मुकाबला करीबी हो गया था लेकिन हमने मैच में हर समय अपना पलड़ा भारी रखा था।’’