CWC19 ,Team Review: विवादों में फंस जीत को तरसा अफगानिस्तान
इंग्लैंड एंड वेल्स में आयोजित 12वें क्रिकेट वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान की टीम बिना कोई अंक अर्जित किए प्वाइंटस टेबल में सबसे निचले 10वें स्थान पर रही
Published On Jul 15, 2019, 01:24 PM IST
Last UpdatedJul 15, 2019, 01:24 PM IST
Afghanistan Cricket Team@ Afghanistan Cricket Board_twitter
गुलबदिन नैब की अगुवाई वाली अफगानिस्तान क्रिकेट टीम से विश्व कप 2019 में बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर करने की उम्मीद थी। लेकिन अफगान लड़ाके इसमें विफल रहे। नतीजतन ये टीम इस टूर्नामेंट में एक अदद जीत के लिए तरस गई।
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अफगानिस्तान के खराब प्रदर्शन में ऑफ द फील्ड विवाद ने भी अहम भूमिका निभाई जिसमें अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद को चोटिल बताते हुए वापस बुलाया जाना शामिल है। शहजाद खुद को फिट बताते रहे लेकिन बोर्ड ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद शहजाद ने बोर्ड के खिलाफ जमकर बयानबाजी की।
विश्व कप से पहले तक असगर अफगान टीम की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें हटाकर गुलबदीन को कप्तान बना दिया गया था। इस फैसले को लेकर भी अफगान बोर्ड की बहुत आलोचना हुई थी। अनुभवी लेग स्पिनर राशिद खान और ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने खुलकर इसका विरोध किया था।
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दूसरी बार विश्व कप खेलने इंग्लैंड पहुंची ये टीम अपने नए कप्तान की अगुआई में कुछ नया करना चाहती थी पर ऐसा नहीं हो पाया। नैब को टीम की कप्तानी इस उम्मीद में दी गई थी कि टीम का प्रदर्शन अच्छा हो पर ऐसा नहीं हो पाया। नैब इस टूर्नामेंट में कप्तानी का बोझ नहीं झेल पाए।
पूरे टूर्नामेंट में अफगानिस्तान का कभी ना हार मानने वाला जज्बा गायब रहा। भारत और पाकिस्तान के खिलाफ इस टीम के पास अच्छे मौके थे लेकिन नैब की टीम अहम मौकों पर फ्लॉप हो गई। युवा लेग स्पिनर राशिद खान भी छाप छोड़ने में असफल रहे। अफगानिस्तान की टीम संघर्ष करती हुई नजर आई।
प्वाइंटस टेबल में सबसे निचले पायदान पर रहा अफगानिस्तान
अफगानिस्तान को विश्व कप के सभी 9 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। टीम प्वाइंटस टेबल में बिना कोई अंक अर्जित किए सबसे निचले यानी 10वें नंबर पर रही।
भारत और पाकिस्तान को दी कड़ी टक्कर

दो बार की चैंपियन भारतीय टीम के खिलाफ अफगानिस्तान टीम ने अपने तेवर दिखाए जिसके लिए वो जानी जाती है। एक समय लगा कि ये मैच किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता है लेकिन अफगानिस्तान की टीम इस मुकाबले को महज 11 रन से हारी जो उसके लिए बड़ी उपलब्धि है।
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पाकिस्तान के खिलाफ भी अफगान लड़ाकों ने एक ईकाई के रूप में बेहतरन प्रदर्शन की कोशिश की और मैच को अंतिम ओवर तक ले गए। हालांकि यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ये विश्व कप के रोमांचक मुकाबलों में से एक था।
श्रीलंका के खिलाफ जीत की सोच सकती थी अफगानिस्तान टीम
श्रीलंका के खिलाफ मैच अफगानिस्तान की टीम जीत सकती थी। इस मैच में अफगानिस्तान ने श्रीलंका के 8 विकेट 53 रन के अंदर झटक 201 रन पर रोक दिया था। उसके पास जीत के सुनहरा मौका था लेकिन अफगानिस्तान को उसकी खराब बल्लेबाजी ले डूबी। नजीबुल्लाह जादरान ने निचले क्रम में जरूर 43 रन की पारी खेली लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिला।
रहमत शाह ने छोड़ी छाप
अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह एकमात्र बल्लेबाज रहे जिन्होंने 9 मैचों में 254 रन बनाकर खुद को साबित की। यदि आप ये कहेंगे कि मोहम्मद नबी क्यों नहीं? बेशक नबी ने टूर्नामेंट में 10 विकेट हासिल किए और भारत के खिलाफ मैच को जीत के करीब ले गए थे। लेकिन नबी की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
राशिद ने किया निराश

वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले राशिद की स्पिन गेंदबाजी से बहुत उम्मीदें थीं। टी-20 में कहर बरपाने के बाद राशिद वनडे में कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। वर्ल्ड कप में उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया। वो वर्ल्ड कप में रन लुटाने के मामले में सबसे महंगे गेंदबाज बन गए। इंग्लैंड में खेले गए 12वें वर्ल्ड कप में राशिद के नाम सिर्फ 6 विकेट ही आए। इस दौरान उनकी बेस्ट गेंदबाजी 17 रन देकर दो विकेट रही।
बल्लेबाजी में रहमत तो गेंदबाजी में नबी ने दिखाया जलवा

बेशक अफगानिस्तान की टीम इस वर्ल्ड कप में जीत से महरूम रही हो लेकिन रहमत ने 9 पारियों में 28.22 की औसत से कुल 254 रन बनाए। उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया। रहमत अफगानिस्तान की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
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सर्वाधिक विकेट झटकने के मामले में नबी अव्वल रहे जिन्होंने 9 पारियों में 33.50 की औसत और 4.61 की इकॉनोमी से कुल 10 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उनकी बेस्ट गेंदबाजी 30 रन देकर 4 विकेट रही। बड़ी पारी खेलने में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज इकराम अलीखिल टॉप पर रहे जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ लीड्स में 86 रन की पारी खेली थी।