जब सुरेश रैना को रहता था 200 रुपए के मनीऑर्डर का इंतजार
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सुरेश रैना भले ही आज एक बड़े क्रिकेट स्टार बन गए हैं। लेकिन आज भी वह अपने बचपन को भूल नहीं पाए हैं और गाहे- बगाहे अपने बचपन को याद कर ही लेते हैं। पिछले दिनों रैना ने अपने बचपन की कुछ यादों के बारे में एक अंग्रेजी अखबार के द्वारा किए गए साक्षात्कार में बताया था। सुरेश रैना ने बताया था कि वह बचपन से ही पढ़ने के उद्देश्य से अपने घर से दूर लखनऊ में रहते थे। लेकिन लखनऊ में रहना उनके लिए किसी नाइटमेयर जैसा ही रहा, क्योंकि उन्हें यहां इतनी परेशानियां झेलनी पड़ीं। जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी सोचा भी नहीं था।

Cricketer Suresh Raina childhood story
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हॉस्टल में रहने के समय रैना को उनके पापा हर महीने मनीऑर्डर के माध्यम से 200 रुपए भेजते थे और जब रैना को ये रुपए मिलते तो वह उससे समोसा और बिस्किट खाते थे। रैना बताते हैं कि हॉस्टल में दूसरे बच्चे बड़े उद्दंड थे जिसकी वजह से उन्हें बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने कुछ ही समय में इन परेशानियों को दरकिनार करते हुए अपना ध्यान क्रिकेट में लगाना शुरू किया। इस दौरान वह आस- पास के गावों में क्रिकेट टूर्नामेंटों में शरीक होने जाया करते थे और 4-5 छक्के मारने पर लोग उन्हें खुशी से 200 रुपए देते थे।

रैना ने जैसे तैसे अपने स्कूल के जीवन को अलविदा कहा, लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें एयर इंडिया की तरफ से खेलने का मौका दिया। रैना का कहना है कि इस मौके ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। यह साल 1999 था और रैना को एयर इंडिया से खेलने के लिए 10,000 रुपए की स्कॉलरशिप मिली। रैना जो अपने परिवार से हमेशा ही बड़ी मोहब्बत करते थे उन्होंने फौरन 8,000 रुपए अपने परिवार को भेज दिए।

Cricketer Suresh Raina childhood story
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साल 2003 में रैना इंग्लैंड क्लब क्रिकेट खेलने गए। वहां उन्हें एक सप्ताह क्रिकेट खेलने के 250 पाउंड मिले। रैना ने सन् 2005 में पहली बार भारतीय टीम के लिए वनडे मैच खेला। रैना बताते हैं कि सीरिज से पहले कैम्प में महेंद्र सिंह धोनी के साथ रूम शेयर किया था। रैना जमीन पर सोते थे क्योंकि वे बेड यूज नहीं करते थे। धोनी भी जल्द ही उनके साथ नीचे सोने लगे। रैना बताते हैं कि धोनी ने उनके पास आकर कहा कि उन्हें भी बेड पर सोने की आदत नहीं है। एक तरफ धोनी और दूसरी तरफ मैं सोया हुआ था और नीरज पटेल बेड पर लेटे हुए थे। आईपीएल रैना की जिंदगी में दूसरा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

उनके घुटने में चोट आ गई और फिर सर्जरी करवानी पड़ी। रैना का कहना है कि यह मेरे लिए मुश्किल भरा दौर था। मैं डर रहा था कि मेरा करियर खत्म हो गया। उस वक्त मुझे मेरे घर के लोन के 80 लाख रुपए चुकाने थे। लेकिन मैं दोबारा से क्रिकेट खेलने लगा और इस तरह रैना एक बार फिर से क्रिकेट में छा गए। रैना ने इसके बाद कभी मुड़कर नहीं देखा। आज रैना भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यक्रम की रीढ़ की हड्डी हैं। रैना अब शादी शुदा हैं। लेकिन अभी भी उनमें रन बनाने की भूख पहले जैसी ही है। जाहिर है कि रैना भविष्य टीम इंडिया की कप्तानी का दावा प्रस्तुत करें। रैना को लेकर अक्सर क्रिकेटप्रेमियों के बीच चर्चाएंचली रहती हैं और लोग कहते हैं ‘अभी रैना तो है ना।’