इन क्रिकेटरों ने क्रिकेट मैदान पर दिखाई असली खेलभावना
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हर युवा का ख्वाब होता है कि वह भी अपने क्षेत्र में हीरो बने, लेकिन इनमें बहुत ही कम लोगों को एक साधारण मनुष्य और हीरो के बीच का अंतर पता होता है। कुछ लोग कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कार्य-क्षेत्र में काम बेहतर तरीके से मुकम्मल करता है वह हीरो है। वहीं कुछ लोग कहते हैं कि हीरो वह है जो दूसरों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करे। वैसे तो दोनों बिंदु अपने-अपने स्थान पर सही हैं लेकिन इसके अलावा हीरो में एक और गुण होता है और वह है उसकी ईमानदारी जो उसे दूसरों की नजरों में महान बना देती है। क्रिकेट के मैदान में भी इस ईमानदारी को खिलाड़ियों ने कई दफे दिखाया और सबका दिल जीता। ऐसे ही दिल को जीतने वाले चंद वाकए हम प्रस्तुत कर रहे हैं।

1. धोनी की दरियादिली की कायल हुई इंग्लैंड टीम:

These cricketers showed real Prodigality in cricket field
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भारत के पूर्व टेस्ट कप्तान एमएस धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एक टेस्ट मैच में ऐसी ही दरियादिली दिखाई। बात साल 2011 की है जब भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा क्रिकेट टेस्ट मैच खेला जा रहा था। इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल 137 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी बीच वह क्रीज से बाहर निकल आए, उन्होंने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि गेंद डेड नहीं है बल्कि अभी भी खेल में है। एक भारतीय खिलाड़ी इस बात को भांप गया और उसने गिल्लियां बिखेर दीं। 

भारतीय खिलाड़ियों ने इस बावत अपील की और अंपायर ने बेल को आउट देते हुए चाय काल की घोषणा कर दी। चाय काल के दौरान इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट धोनी के पास पहुंचे और उनसे बेल के आउट पर फिर से विचार करने को कहा और अपील वापस लेने की विनती की। भारतीय कप्तान ने अपना बड़ा दिल दिखाते हुए फौरन अपनी अपील को वासप ले लिया और चाय के बाद के बाद एक बार फिर से बेल मैदान पर चहलकदमी करते नजर आए। मैदान में यह देखकर दर्शक भौंचक्का रह गए। जब उन्हें हकीकत पता चली तो सबने धोनी की इस दरियादिली को दिल से सलाम किया।

2. ग्रांट इलियट ने सुबकते हुए स्टेन के लिए बढ़ाया हाथ:

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विश्व कप 2015 में दक्षिण अफ्रीका- न्यूजीलैंड के बीच खेला गया सेमीफाइनल मैच एक बेहतरीन मैच था, जिसमें दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने उम्दा खेल का प्रदर्शन किया। मैच अपनी अंतिम सांस तक लड़ा। लेकिन अंत में न्यूजीलैंड ने बाजी मार ली। इस मैच के हीरो रहे न्यूजीलैंड के ग्रांट इंलियट ने स्टेन के अंतिम ओवर में चौका-छक्का लगाते हुए न्यूजीलैंड को जीत दिलाई। स्टेन व अन्य दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों के कठिन प्रयास के बावजूद वह मैच बार गए। इस हार का ग़म दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर्स बर्दाश्त नहीं कर सके और वह जमीन में बैठ गए। इसी बीच इलियट ने खेल भावना का परिचय देते हुए स्टेन को अपना हाथ देते हुए सांत्वना दी। मैदान में इस बेहतरीन खेल भावना को पूरी दुनिया ने सराहना दी। ग्रांट इलियट को सेमीफाइनल में मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया, लेकिन उनका मैदान में वह बेहतरीन व्यवहार उस मैन ऑऑफ द मैच से भी ज्यादा मायने था। 

3. मर्विन अट्टापट्टू ने सायमंड्स को वापस बुलाया:

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साल 2004 में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच एकदिवसीय मैच खेला जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयु सायमंड्स बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी बीच सायमंड्स ने धर्मसेना की गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई पैड पर जा लगी। इसी बीच गेंदबाज और कीपर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में अपील करना शुरू कर दी और इसी गहमागहमी में अंपायर ने सायमंड्स को आउट करार दे दिया।

इस निर्णय को देखकर सायमंड्स थोड़ी देर के लिए हैरान रह गए, क्योंकि गेंद उनके बैट में लगकर पैड से टकराई थी। लेकिन अंपायर के निर्णय देने के बाद वह जल्दी से पवेलियन की ओर चले गए। श्रीलंकाई खिलाड़ी विकेट का जश्न मना रहे थे, लेकिन श्रीलंकाई कप्तान अट्टापट्टू को पता था कि गेंद पहले बल्ले से टकराई थी। इसी बीच मुख्य अंपायर ने स्क्वेयर लेग पर खड़े अंपायर बिली बोडेन से सलाह मशविरा ली। जिन्होंने जाकर अट्टापट्टू से बात की। अट्टापट्टू ने अंपायर से सायमंड्स को वापस बुलाने के लिए कहा और इसके बाद अंपायर ने अपना निर्णय बदलते हुए सायमंड्स को मैदान पर वापस बुला लिया।

4. डेनियल विटोरी की दरियादिली का आईसीसी भी हुआ कायल:

cricketers who showed heroics on cricket stadium
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न्यूजीलैंड के बेहतरीन स्पिनर व पूर्व कप्तान रहे डेनियल विटोरी ने एक दशक से ज्यादा समय तक कीवी क्रिकेट को अपनी सेवाएं दीं। उन्हें साल 2012 में आईसीसी ने स्प्रिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड से नवाजा। यह अवॉर्ड उन्हें किस बात को लेकर दिया गया इसकी कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। इसी साल जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के बीच एक मैच खेला जा रहा था। इसी बीच जब विटोरी जिम्बाब्वे के बल्लेबाज रेगिस चकबवा को गेंदबाजी कर रहे थे कि रन लेने के दौरान वह नॉन स्ट्राइकिंग छोर पर खड़े मैलकम वॉलेर से टकरा गए। चूंकि इस बीच चकबवा अपनी आधी पिच तक आ चुके थे।

न्यूजीलैंड के कीपर ने इस बात का फायदा उठाया और गिल्लियां बिखेर दीं। अब चकबवा अनचाहे तरीके से रन आउट हो गए थे। लेकिन इस बीच वेटोरी ने हस्तक्षेप करते हुए अपनी टीम से अपील वापस लेने के लिए कहा, क्योंकि अनचाहे तरीके से उन्होंने वालेरर को रन लेने से रोका था इसीलिए चकबवा रन आउट हुए थे, फलस्वरूप एक बार फिर से चकबवा बल्लेबाजी करते नजर आए। इसी साल उन्हें अवॉर्ड से तो सम्मानित किया ही गया बल्कि क्रिकेट बिरादारी में उन्हें सम्मान भी खूब मिला।

5. एंड्रयु स्ट्रॉस ने मैथ्यूज को बल्लेबाजी करने के लिए वापस बुलवाया:

cricketers who showed heroics on cricket stadium
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माइकल वॉन के बाद इंग्लैंड टीम की बागडोर अपने हाथों में लेने वाले बाएं हाथ के बेहतरीन बल्लेबाज एंड्रयु स्ट्रॉस ने क्रिकेट मैदान में खेल भावना से ओतप्रोत कई उदाहरण पेश किए। एक ऐसा ही बेहतरीन उदाहरण साल 2009 की चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैच में पेश किया। इस मैच में श्रीलंका के बल्लेबाज एंजलो मैथ्यूज बल्लेबाजी कर रहे थे और इंग्लिश तेज गेंदबाज ग्राहम ओनियंस गेंदबाजी कर रहे थे।

इसी बीच जब मैथ्यूज रन लेने के लिए दौड़े तो वह गेंदबाज ओनियंस से टकरा गए और इस गहमा-गहमी में विकेटकीपर मैट प्रायर ने उन्हें रन आउट कर दिया। इसको देखकर बल्लेबाज मैथ्यूज ने अपनी नाखुशी जाहिर की, लेकिन फिर वह उल्टे पांव पवेलियन की ओर जाने लगे। यह देखकर स्ट्रॉस अंपायरों के पास गए और उनसे चर्चा करने के बाद उन्होंने मैथ्यूज को वापस बुलवा लिया। इस घटना के बाद स्ट्रॉस की खूब प्रशंसा हुई।