Akhilesh Tripathi
पत्रकारिता में करियर की शुरुआत साल 2013 मेंआर्यन टीवी (पटना) से हुई, फिर ईनाडु डिजीटल (ईटीवी हैदराबाद) में लगभग ...Read More
Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - February 27, 2024 10:36 PM IST

नई दिल्ली. भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर कब्जा कर लिया है. रांची टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच विकेट से मुकाबले को जीतकर सीरीज को अपने नाम किया. इस टेस्ट मैच में भारत की जीत के हीरो रहे ध्रुव जुरेल. विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने इस मैच में अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों से प्रभावित किया. उन्होंने इस मैच में ना सिर्फ टीम इंडिया को जीत दिलाई, बल्कि लंबे समय से जारी विकेटकीपर की तलाश भी खत्म कर दी है.
महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट के बाद यानि साल 2014 से टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में एक परमानेंट विकेटकीपर की तलाश में जुटी है. भारतीय टीम ने धोनी के रिटायरमेंट के बाद ऋद्धिमान साहा, ऋषभ पंत, केएल राहुल, इशान किशन और केएस भरत पर दांव आजमाया, मगर इनमें से कोई भी बतौर विकेटकीपर टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की करने में कामयाब नहीं रहा.
इंग्लैंड सीरीज में केएस भरत के खराब फॉर्म के बाद युवा बल्लेबाज ध्रुव जुरेल को टीम इंडिया की तरफ से खेलने का मौका मिला और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. जुरेल ने हालांकि अभी सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं, ऐसे में उन्हें लेकर कुछ भी कहना अभी जल्दीबाजी हो सकती है, मगर इस खिलाड़ी ने जिस तरह से अपनी छाप छोड़ी है, उसे देखकर लगता है कि जुरेल लंबी रेस का घोड़ा साबित होने वाले हैं.
ध्रुव जुरेल को राजकोट टेस्ट में टीम इंडिया के लिए डेब्यू का मौका मिला. अपने पहले टेस्ट मैच में जुरेल ने पहली इनिंग में 46 रन की शानदार पारी खेली. इसके अलावा उन्होंने विकेट के पीछे भी बखूबी अपना रोल निभाया. दूसरी इनिंग में सिराज के थ्रो पर उन्होंने जिस तरह से बेन डकेट को आउट किया, उसकी खूब तारीफ हुई. वहीं अपने करियर के दूसरे टेस्ट में वह प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए. जुरेल पहली पारी में शतक से चूक गए, मगर 90 रन की जुरेल की पारी ने टीम इंडिया की वापसी करा दी. भारतीय टीम ने 177 रन के स्कोर पर सात विकेट गंवा दिए थे, इसके बाद जुरेल ने पहले कुलदीप यादव के साथ महत्वपूर्ण 76 रन की साझेदारी की और फिर उसके बाद आकाशदीप के साथ मिलकर 40 रन जोड़े. उनकी इस पारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर सकी.
जुरेल ने दूसरी पारी में भी बैटिंग से प्रभावित किया. 192 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 120 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे, ऐसे में जुरेल ने शुभमन गिल का साथ निभाया और नाबाद 72 रन जोड़कर टीम को जीत दिलाकर लौटे. जुरेल ने दूसरी पारी में नाबाद 39 रन बनाए. उन्होंने दूसरी पारी में मुश्किल पिच पर जिस तरह से संकटमोचक की भूमिका निभाई, उसने सभी को प्रभावित किया है. जुरेल टेस्ट में सबसे कम उम्र में प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाले अजय रात्रा के बाद भारत के दूसरे युवा भारतीय विकेटकीपर बने हैं.
जुरेल की इस पारी के बाद कई दिग्गज क्रिकेटर्स ने उनकी तारीफ की. भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने कहा कि जुरेल की दिमागी क्षमता उन्हें यह सोचने पर मजबूर करती है कि भारत के पास अगला धोनी हो सकता है. गावस्कर ने राजकोट में बेन डकेट को रन आउट करने का जिक्र करते हुए कहा कि थ्रो बढ़िया नहीं था, लेकिन सूझबूझ से जूरेल ने डकेट को रन आउट कर दिया. वहीं पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने कहा, जुरेल ने असाधारण खेल दिखाया, उन्होंने गेंद को अच्छी तरह छोड़ा, वह अपने बचाव में आश्वस्त थे, वह आक्रामक और सकारात्मक थे.
ध्रुव जुरेल अभी 23 साल के हैं. उनका फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड भी काफी शानदार है. यूपी के इस युवा बल्लेबाज ने अब तक 17 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 50.78 की औसत से 965 रन बनाए हैं. फर्स्ट क्लास में उनके नाम एक शतक और छह अर्धशतक है. लिस्ट ए के 10 मैच में 47.27 की औसत से उनके नाम 189 रन है, वहीं 23 टी-20 मैच में उन्होंने 244 रन बनाए हैं. जुरेल ने लंबे फॉर्मेट में जिस तरह से अपना प्रदर्शन दिखाया है, वह बताता है कि वह जल्द ही भारत के लिए एक परमानेंट विकेटकीपर की तलाश खत्म करेंगे, जिसका पिछले 10 साल से टीम इंडिया को इंतजार है.
This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.
Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings.
If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again.
