इंग्लैड क्रिकेट टीम से एक बार फिर साबित कर दिया कि मैच खत्म होने से पहले उन्हें खेल से बाहर करना विपक्षी टीम की सबसे बड़ी गलती होगी। और पाकिस्तान ने शनिवार को मैनचेस्टर टेस्ट के चौथे दिन वही गलती दोहराई जो ऑस्ट्रेलिया ने 2019 एशेज सीरीज के हेडिंग्ले टेस्ट में की थी।

इंग्लैंड ने मुश्किल हालात में पाकिस्तान के घातक गेंदबाजी अटैक के सामने 277 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 3 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल कर लगभग एक साल के बाद किसी टेस्ट सीरीज का पहला मैच जीता। इस जीत में इंग्लैंड के नायक बने दो ऐसे खिलाड़ी, जिनसे शायद मैचविनिंग प्रदर्शन की उम्मीद किसी को भी नहीं थी- जोस बटलर और क्रिस वोक्स

दबाव में चमके बटलर

लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे बल्लेबाज बटलर के लिए मैनेचेस्टर टेस्ट की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। पहले तो पाकिस्तान की पहली पारी में बटलर ने शान मसूद को आउट करने दो मौके गंवाए, जिन्होंने 156 रनों की पारी खेलकर पाकिस्तान को 326 के स्कोर तक पहुंचाया। फिर इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान वो 38 रन बनाकर यासिर शाह के शिकार बने। जिस वजह से बटलर काफी दबाव में थे और ये उनकी बॉडी लैंग्वेज में भी साफ दिख रहा था।

दो खराब गेंदे पाकिस्तान को पड़ी भारी

लेकिन इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान 42वें ओवर में टीम के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के आउट के बाद जब बटलर मैदान पर उतरे तो उनके पास मौका था- ना केवल अपने आलोचकों को जवाब देने का, बल्कि अपनी टीम को एक मुश्किल स्थिति से निकालकर जीत दिलाने का। जिसमें पाक गेंदबाज यासिर ने उनकी मदद की।

क्रीज पर उतरे बटलर ने शाहीन आफरीदी के 43वें ओवर में चार गेंदे खेलकर एक भी रन नहीं बनाया था लेकिन अगले ओवर में यासिर शाह ने बटलर के खिलाफ दो हॉफ वॉली गेंदे डालकर इंग्लिश बल्लेबाज को सेट होने का पूरा मौका दिया। बटलर ने भी इस मौके को नहीं छोड़ा और कवर्स की तरफ दो चौके लगाकर हाथ खोले।

वोक्स ने निभाई बेन स्टोक्स की भूमिका

इस ओवर के बाद इंग्लैंड ने ओली पोप का विकेट गंवाया और ऑलराउंडर वोक्स मैदान पर उतरे। वोक्स ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर कहा था कि इंग्लैंड अब भी ये मैच जीत सकती है लेकिन इसके लिए खिलाड़ियों को सकारात्मक रहना होगा। वैसे तो वोक्स को उम्मीद थी कि स्टोक्स मैच की चौथी पारी में इंग्लैंड के लिए चमत्कार करेंगे लेकिन मौका आने पर उन्होंने खुद ही जिम्मा उठाया।

वोक्स ने बटलर के साथ मिलकर टेस्ट में वनडे फॉर्मेट की तरह बल्लेबाजी की। दोनों बल्लेबाजों ने लगभग हर ओवर में एक चौका निकाला और जीत का फासला कम किया। लंच तक दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के लिए 5 विकेट पर 167 रन बना लिए थे।

लंच तक दोनों ही बल्लेबाज सेट हो चुके थे और आखिरी सेशन में रनों की रफ्तार और बढ़ी। बटलर ने जहां टेस्ट करियर का 17वां अर्धशतक जड़ा, वहीं वोक्स ने पहली बार 50 का आंकड़ा पार किया। 66वें ओवर में बटलर-वोक्स की साझेदारी 100 रन का आंकड़ा पार कर गई।

निराश पाक कप्तान ने की गलतियां

इस दौरान विकेट के लिए बेताब पाक टीम के कप्तान अजहर अली ने दो रीव्यू भी बर्बाद किए। पहला रीव्यू 72वें ओवर में बटलर के खिलाफ लिया गया लेकिन रीप्ले में दिखा कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी थी। दूसरा रीव्यू अगले ही ओवर में वोक्स के खिलाफ लिया गया लेकिन बॉल ट्रेकिंग में साफ हो गया कि गेंद विकेट पर नहीं लगने वाली थी।

इसके बाद पाक टीम की आखिरी उम्मीद थी- दूसरी नई गेंद। लेकिन यासिर ने 78वें ओवर में 101 गेंदो पर 75 रन बना चुके बटलर को आउट कर पाकिस्तान को पुरानी गेंद से छठीं सफलता दिलाई। हालांकि वोक्स के क्रीज पर रहते मैच इंग्लैंड के पक्ष में ही झुका हुआ था।

79 ओवर के बाद इंग्लैंड को जीत के लिए मात्र 15 रन चाहिए थे और पाकिस्तान को 4 विकेट। 81 ओवर के बाद पाक टीम ने नई गेंद भी ले ली लेकिन तब तक मैच पाकिस्तान के हाथ से निकल चुका था। 82वें ओवर में यासिर को एक और विकेट मिला लेकिन स्टुअर्ट ब्रॉड को आउट कर पाक टीम को शायद ही कुछ हासिल होने वाला था।

83वें ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाकर वोक्स ने इंग्लैंड को एक और रोमांचक जीत दिलाई। इस जीत से खुश कप्तान रूट ने कहा, “हमारी टीम की सबसे ताकत है हमारे स्क्वाड का चरित्र। कभी ना हारने वाली सोच। हम हमेशा ये सोचते हैं कि हम मैच में वापसी कैसे कर सकते हैं। आज हमने ये बेहतरीन तरीके से करके दिखाया।”

इंग्लैंड टीम ने एक बार फिर अपनी ‘कभी हार ना मानने वाली’ सोच का परिचय दिया। और ये साबित कि उनकी टीम में स्टोक्स के अलावा भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो मुश्किल हालात में टीम को जीत दिलाई के काबिलियत रखते हैं।